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नरसिंहपुर जिले के बरमान से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सागर जिले के शाहगढ़ के पत्रकार नितिन जैन का शव बरमान के जंगलों में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक नितिन जैन, देवरी की नवागत ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा परमार के पति थे। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। तेंदुखेड़ा नरसिंहपुर के एसडीओपी अभिनव मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बरमान चौकी पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
News Chandra Shekher Sonu
नरसिंहपुर जिले के बरमान से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सागर जिले के शाहगढ़ के पत्रकार नितिन जैन का शव बरमान के जंगलों में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक नितिन जैन, देवरी की नवागत ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा परमार के पति थे। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। तेंदुखेड़ा नरसिंहपुर के एसडीओपी अभिनव मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बरमान चौकी पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश राज्य के 6 शहरों में कुल 582 हाईटेक पीएम-ई बसों का संचालन जल्द ही शुरू होगा। यह खबर लोगों में उत्सुकता जगा रही है कि क्या उनका शहर भी उन चयनित शहरों में से एक है जहाँ इन अत्याधुनिक बसों की सुविधा उपलब्ध होगी।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। उन्होंने वहाँ एक सामाजिक तत्व के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई और संबंधित व्यक्ति को जिले से जिला बदर करने की मांग की।1
- मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के करकबेल वितरण केंद्र में पदस्थ एक सहायक लाइनमैन पर ड्यूटी के दौरान एक किसान ने हमला कर दिया है। नरसिंहपुर जिले के करकबेल/गोटेगांव में हुई इस घटना से विद्युत विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मिली जानकारी के अनुसार, सहायक लाइनमैन बसंत लोधी अपने अधिकारी और दो साथियों के साथ ग्राम खापा में विद्युत संबंधी कार्यों के सिलसिले में मौजूद थे। उन्हें कई दिनों से कुछ किसानों द्वारा अवैध रूप से बिजली चोरी की जानकारी मिल रही थी, जिसकी जांच के लिए वे पहुंचे थे। ग्राम के खेत में, एक मूलचंद नामक व्यक्ति के यहां अवैध रूप से पंप और घर में बिजली चलती पाई गई। जब कार्य बही के दौरान किसान से कनेक्शन होने पर बिजली बिल दिखाने को कहा गया, तो वह भड़क उठा। किसान ने लाठी उठाकर सहायक लाइनमैन बसंत पर लगातार दो बार वार किए, जिससे उन्हें चोटें आईं और वे घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद घायल लाइनमैन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस को सूचित कर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस ने आरोपी किसान के विरुद्ध प्राणघातक हमले सहित अनेक धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस घटना के बाद फील्ड में कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विभागीय कर्मचारियों का मानना है कि विद्युत कर्मियों पर लगातार बढ़ रहे हमलों की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- युवक कांग्रेस ने उज्जैन में सामने आए जमीन घोटाले के विरोध में प्रदर्शन किया है।1
- नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा नगर परिषद के निवासी विनीत विश्वकर्मा द्वारा गोविंद पटेल टेकापार पर किए गए हमले और क्षेत्र में विनीत विश्वकर्मा द्वारा बार-बार हमला करने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इन लगातार हमलों से सुरक्षित महसूस करने की मांग के साथ, तेंदूखेड़ा क्षेत्र से लगभग 100 से 200 लोग नरसिंहपुर स्थित एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि विनीत विश्वकर्मा पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी महोदय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में 5 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।1
- Post by Jya yadav Naresh1
- दिनांक 30 जून, 2026 को पल्स पोलियो अभियान का तीसरा दिन था, जो 28, 29 और 30 जून तक चला। इस अभियान के तहत, ट्रेन नंबर 12296, संघमित्रा में यात्रा कर रहे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने अपनी मेडिकल टीम, जिसमें राहुल और हरदहा अमित शामिल थे, के साथ यह सुनिश्चित किया कि शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवा मिले। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने इस पहल के लिए रेलवे प्रशासन की दिल से तारीफ की। उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों को पोलियो बूथ तक नहीं ले जा पा रहे थे, जिसके कारण उनका टीकाकरण नहीं हो पा रहा था। ट्रेन में ही दवा मिलने पर यात्रियों ने खुशी-खुशी धन्यवाद दिया। कुछ यात्री जागरूकता की कमी के कारण पहले दवा पिलाने में हिचक रहे थे, लेकिन उन्हें काउंसलिंग के माध्यम से राजी कर दवा पिलाई गई।4
- नरसिंहपुर के कलेक्टर कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि एक भतीजा नगर पालिका के राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा नहीं होने दे रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले की साईखेड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत निमावर में संचालित एक गौशाला पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 से 2026 के बीच गौशाला संचालन के लिए लगभग ₹22,50,000 की राशि प्राप्त हुई थी, जबकि 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर केवल ₹17.50 लाख का खर्च दिखाया गया है। अभिलेखों और पोर्टल के इन आंकड़ों में बड़े अंतर ने वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, गौशाला में पशुओं के चारे, पानी और उपचार की व्यवस्था को बेहद खराब बताया गया है, जिसके कारण कई पशुओं की मौत भी हुई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए मूल बिल, वाउचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध लगती है। जो दस्तावेज दिए गए, उनमें भी जीएसटी नंबर, विक्रेता का पता और व्यावसायिक पहचान जैसे अनिवार्य विवरणों का अभाव पाया गया है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया जाए। उन्होंने गौशाला को मिली और खर्च की गई समस्त राशि का विशेष ऑडिट कराने, गौशाला में पशुओं की वास्तविक संख्या और मृत पशुओं की संख्या का भौतिक सत्यापन करने, तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के इस संभावित दुरुपयोग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।1