**परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस नवागढ़ गुरुकुल में हर्षोल्लास से मनाया गया** **परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस नवागढ़ गुरुकुल में हर्षोल्लास से मनाया गया** टीकमगढ़ से 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित नवागढ़। नवागढ़ गुरुकुल में परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया इस पावन अवसर पर गुरुकुलम की प्राचार्या ब्रह्मचारिणी संध्या दीदी, अनुराग जैन, संजय पाठक, विनीत पाठक सहित समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ, जिसके पश्चात पूज्य आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने काव्य पाठ एवं भाषण के माध्यम से अपने भाव व्यक्त करते हुए आचार्य श्री के जीवन, त्याग, तपस्या एवं आदर्शों को प्रस्तुत किया। जनता जी ने बताया कि इस अवसर पर गुरुकुल के शिक्षकों ने भी अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए— ब्र. संध्या दीदी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री विराग सागर जी का जीवन केवल एक साधु जीवन नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री ने अपने तप, त्याग और संयम से यह सिद्ध किया है कि आत्मशुद्धि एवं आत्मविकास ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम अपने जीवन में अनुशासन, समय का सदुपयोग और सकारात्मक सोच को अपनाएं, तो हम भी अपने जीवन को सफल एवं सार्थक बना सकते हैं। संध्या दीदी ने यह भी कहा कि आचार्य श्री के उपदेशों का अनुसरण करके ही समाज में सच्चे संस्कारों का निर्माण संभव है। अनुराग जैन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य श्री का जीवन संघर्ष, धैर्य और आत्मनियंत्रण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब युवा पीढ़ी अनेक विचलनों से घिरी हुई है, तब आचार्य श्री के विचार उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। अनुराग जैन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सद्गुणों—जैसे सत्य बोलना, बड़ों का सम्मान करना, और अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करना—को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आचार्य श्री का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, यदि हमारे लक्ष्य स्पष्ट और संकल्प मजबूत हों, तो सफलता निश्चित है। संजय पाठकने अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य श्री का व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी है। उनका संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान एवं धर्म की सेवा में समर्पित रहा है, जिससे हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। विनीत पाठक ने कहा कि आचार्य श्री के उपदेश हमें सदाचार, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें। अंत में पंडित ब्रह्मचारी जी जैय निशांत शास्त्री जी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पावन अवसर को सफल बनाने में गुरुकुल परिवार के प्रत्येक सदस्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने प्राचार्या, अधीक्षक, समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग की सराहना करते हुए सभी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्कृष्ट कार्यक्रमों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारे आध्यात्मिक विकास में सहायक होते हैं, बल्कि हमें अपने महान गुरुओं के आदर्शों को समझने और उन्हें जीवन में उतारने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। इस प्रकार श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
**परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस नवागढ़ गुरुकुल में हर्षोल्लास से मनाया गया** **परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस नवागढ़ गुरुकुल में हर्षोल्लास से मनाया गया** टीकमगढ़ से 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित नवागढ़। नवागढ़ गुरुकुल में परम पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का जन्मदिवस बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया इस पावन अवसर पर गुरुकुलम की प्राचार्या ब्रह्मचारिणी संध्या दीदी, अनुराग जैन, संजय पाठक, विनीत पाठक सहित समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ, जिसके पश्चात पूज्य आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने काव्य पाठ एवं भाषण के माध्यम से अपने भाव व्यक्त करते हुए आचार्य श्री के जीवन, त्याग, तपस्या एवं आदर्शों को प्रस्तुत किया। जनता जी ने बताया कि इस अवसर पर गुरुकुल के शिक्षकों ने भी अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए— ब्र. संध्या दीदी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री विराग सागर जी का जीवन केवल एक साधु जीवन नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री ने अपने तप, त्याग और संयम से यह सिद्ध किया है कि आत्मशुद्धि एवं आत्मविकास ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम अपने जीवन में अनुशासन, समय का सदुपयोग और सकारात्मक सोच को अपनाएं, तो हम भी अपने जीवन को सफल एवं सार्थक बना सकते हैं। संध्या दीदी ने यह भी कहा कि आचार्य श्री के उपदेशों का अनुसरण करके ही समाज में सच्चे संस्कारों का निर्माण संभव है। अनुराग जैन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य श्री का जीवन संघर्ष, धैर्य और आत्मनियंत्रण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब युवा पीढ़ी अनेक विचलनों से घिरी हुई है, तब आचार्य श्री के विचार उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। अनुराग जैन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सद्गुणों—जैसे सत्य बोलना, बड़ों का सम्मान करना, और अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करना—को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आचार्य श्री का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, यदि हमारे लक्ष्य स्पष्ट और संकल्प मजबूत हों, तो सफलता निश्चित है। संजय पाठकने अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य श्री का व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी है। उनका संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान एवं धर्म की सेवा में समर्पित रहा है, जिससे हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। विनीत पाठक ने कहा कि आचार्य श्री के उपदेश हमें सदाचार, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें। अंत में पंडित ब्रह्मचारी जी जैय निशांत शास्त्री जी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पावन अवसर को सफल बनाने में गुरुकुल परिवार के प्रत्येक सदस्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने प्राचार्या, अधीक्षक, समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग की सराहना करते हुए सभी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्कृष्ट कार्यक्रमों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारे आध्यात्मिक विकास में सहायक होते हैं, बल्कि हमें अपने महान गुरुओं के आदर्शों को समझने और उन्हें जीवन में उतारने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। इस प्रकार श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट के पास उत्सव भवन के नजदीक करंट लगने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टेंट हाउस द्वारा सजावट के बाद पोल पर बंधा तार नहीं हटाया गया था। बारिश और तेज हवा के चलते तार बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे पोल में करंट फैल गया। साइकिल लेने पहुंचे व्यक्ति को करंट लग गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच मे जुट गई है फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है3
- रील बनाने के चक्कर में पानी की टंकी में फंसे 2 बच्चे, सेना को आना पड़ा बचाने, रेस्क्यू का वीडियो आया सामने #bundelisamvad #reel #shorts #viralshorts1
- आखिर क्यों सरकारी अस्पतालों से मरीज का भरोसा उठ गया इलाज के लिए क्यों नहीं जाते अस्पतालों में मरीज जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जगह जानवर कर रहे आराम जिम्मेदार मोन स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के राज में स्वास्थ्य विभागो की हालत गंभीर आज दिनांक 3 मई 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा मैं कर्मचारियों लापरवाही सामने आई जहां मरीज नहीं लेकिन जानवर आराम करते हुए नजर आयें पूरे अस्पताल में केवल दो डाक्टर दो स्टाप नर्स एक सफाई कर्मचारी नजर आयें कुछ लड़के मोबाइल चार्ज कर रहे थे इसके अलावा अस्पताल पूरा खाली मिला मरीज नहीं दिखाई दिए इस समय भीषण गर्मी के मोसम में उल्टी-दस्त, बुखार, थकान, आदी बीमारियों फैली हुई जिससे प्राईवेट डाॅक्टर के पास मरीजों की लाइन लगी है लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा मैं एक भी मरीज नहीं इस तरह से बी एम ओ संजय अहिरवार कार्यकाल में लापरवाही देखने को मिल रही हैं जब जतारा सी एस सी का यह हाल है तो गांव में बने उपस्वास्थ्य केंद्र कि हालत क्या होगी जहां केवल स्वास्थ्य केंद्र बने हैं लेकिन डॉक्टर नहीं आते लोगों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे चल रहा है प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मंचों के माध्यम से मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं को नंबर वन कहते हैं लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजरिया देखने को मिलता है अब देखना यह है कि कलेक्टर महोदय स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही बरतने वालों पर क्या कार्यवाही करते हैं4
- ग्वालियर की पावन धरा पर ऋषि गालव के नाम से स्थापित होने जा रहा यह विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करेगा। यहां न सिर्फ स्थानीय, बल्कि देशभर के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर लाभान्वित होंगे। साथ ही, प्रदेश सरकार द्वारा यहां सभी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- जनगणना महाअभियान में मकान सूचीकरण का काम शुरू* *प्रगणक और पर्यवेक्षक घर -घर जाकर दे रहे दस्तक1
- Post by Jamil khan1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- 9, 10 और 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के अधिकारी तीन दिनों तक खेती, किसानों और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 12 और 13 जून को सभी सहभागी देशों के माननीय कृषि मंत्री इंदौर की इस पवित्र धरा पर आएंगे और दो दिनों तक लगातार कृषि से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।1