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9, 10 और 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के अधिकारी तीन दिनों तक खेती, किसानों और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 12 और 13 जून को सभी सहभागी देशों के माननीय कृषि मंत्री इंदौर की इस पवित्र धरा पर आएंगे और दो दिनों तक लगातार कृषि से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 9, 10 और 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के अधिकारी तीन दिनों तक खेती, किसानों और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 12 और 13 जून को सभी सहभागी देशों के माननीय कृषि मंत्री इंदौर की इस पवित्र धरा पर आएंगे और दो दिनों तक लगातार कृषि से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
बुंदेली संवाद न्यूज
9, 10 और 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के अधिकारी तीन दिनों तक खेती, किसानों और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 12 और 13 जून को सभी सहभागी देशों के माननीय कृषि मंत्री इंदौर की इस पवित्र धरा पर आएंगे और दो दिनों तक लगातार कृषि से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 9, 10 और 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के अधिकारी तीन दिनों तक खेती, किसानों और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 12 और 13 जून को सभी सहभागी देशों के माननीय कृषि मंत्री इंदौर की इस पवित्र धरा पर आएंगे और दो दिनों तक लगातार कृषि से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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- भोपाल से बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री सारंग ने पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव परिणामों पर बयान देते हुए कहा कि ममता बनर्जी का भय समाप्त हो गया है और नरेंद्र मोदी पर जनता का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि मोदी जी का प्रभाव पूरे देश में दिखाई दे रहा है और कमल की लहर लगातार मजबूत हो रही है। सारंग के अनुसार, डबल इंजन की सरकार अब बंगाल और असम दोनों जगह स्थापित हो रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल के गौरवशाली इतिहास को नुकसान पहुंचाया गया था, लेकिन अब एक नए दौर की शुरुआत होगी। मंत्री सारंग ने इसे देश की राजनीति के लिए बड़ा संदेश बताते हुए कहा कि अब विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।1
- कैलपुरा शराब दुकान से गांव-गांव सप्लाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल ओबीसी महासभा के नीलेश यादव के नेतृत्व में टीम ने खुद मोर्चा संभालते हुए गांव में ले जाई जा रही शराब को पकड़ने का अभियान शुरू किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सप्लाई की जा रही शराब को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। क्षेत्र के कैलपुरा स्थित शराब दुकान से ठेकेदार द्वारा खुलेआम गांव-गांव शराब सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार पुलिस की नजरों के सामने होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो ।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- Post by Jamil khan1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
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- *टीकमगढ़ में दर्दनाक मौत: उत्सव भवन के सामने करंट से गई जान!1
- *पन्ना में हीरे की खोज: आस्था और अंधविश्वास का मायाजाल* बुंदेलखंड के पन्ना की धरती को 'रत्नों की जननी' कहा जाता है, जहाँ हीरे की खदानें हैं। यहाँ हीरा मिलने और न मिलने के पीछे आस्था, अंधविश्वास और डरावने टोटकों का एक ऐसा मायाजाल बना हुआ है, जिसे सुनकर आधुनिक विज्ञान भी हैरान रह जाता है। खदानों में पसीना बहा रहे मजदूरों का मानना है कि हीरा 'चंचल' होता है और वह सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि 'शक्तियों' को खुश करने से मिलता है। हीरापुर और सरकोहा जैसे क्षेत्रों में बुधवार और रविवार को होने वाले टोटके रूठे देवों को मनाने वाले होते हैं। स्थानीय मजदूरों के अनुसार, यहाँ श्मशान के मटके से खदान में पानी छिड़कने की परंपरा है ताकि अतृप्त शक्तियाँ गुप्त धन का रास्ता खोल दें। इतना ही नहीं, खदान की 'चाल' पर ब्रह्ममुहूर्त में शारीरिक मान्यता के तहत संबंध बनाने को शुभ माना जाता है, ताकि भूमि की 'खुलने की शक्ति' जागृत हो सके। अंधविश्वास की पराकाष्ठा यहीं खत्म नहीं होती। मजदूर बताते हैं कि यहाँ महिलाओं को खदानों में पैर पकड़कर घसीटने का टोटका किया जाता है, ताकि उनके मुंह से निकला 'आशीर्वाद' हीरे की प्राप्ति कराए।2
- पलेरा पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': खेत में गांजे की खेती का भंडाफोड़1