छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन के साथ-साथ उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कई न्यायिक अधिकारी शामिल हुए। इनमें अपर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय और प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट के साथ स्कूल के प्राचार्य व शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम में न्यायाधीशों ने बताया कि हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य समाज को बढ़ती जनसंख्या के प्रभाव, परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, शिक्षा और सतत विकास के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से खुद जागरूक बनने और अपने परिवार व समाज में जनसंख्या संतुलन का संदेश पहुंचाने की अपील की। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, मोटरयान अधिनियम, बाल विवाह, बाल संरक्षण, महिला व बाल अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से पॉक्सो (POCSO) अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की गई, जो बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। विद्यार्थियों को 'गुड टच-बैड टच' की पहचान कराई गई और किसी भी अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को तुरंत सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। न्यायाधीशों ने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है और ऐसे मामलों में कानून बेहद कठोर है।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन के साथ-साथ उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कई न्यायिक अधिकारी शामिल हुए। इनमें अपर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय और प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट के साथ स्कूल के प्राचार्य व शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम में न्यायाधीशों ने बताया कि हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य समाज को बढ़ती जनसंख्या के
प्रभाव, परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, शिक्षा और सतत विकास के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से खुद जागरूक बनने और अपने परिवार व समाज में जनसंख्या संतुलन का संदेश पहुंचाने की अपील की। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, मोटरयान अधिनियम, बाल विवाह, बाल संरक्षण, महिला व बाल अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से पॉक्सो (POCSO) अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की गई, जो बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। विद्यार्थियों को 'गुड टच-बैड टच' की पहचान कराई गई और किसी भी अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को तुरंत सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। न्यायाधीशों ने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है और ऐसे मामलों में कानून बेहद कठोर है।
- कोंडागांव में बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष क्षमता-विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग (MHPSS) प्रशिक्षण कोंडागांव जिला प्रशासन, यूनिसेफ इंडिया और CMHLP के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे जरूरत पड़ने पर बच्चों को समय पर बेहतर सहायता और उचित परामर्श उपलब्ध करा सकें।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसमें सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए 'मायका सेंटर' का भी शुभारंभ किया गया। इस केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ इलाकों तक हर विकास योजना को पहुंचाना है ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इन विकास कार्यों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इन योजनाओं से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।1
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- बस्तर जिले की ग्राम पंचायत तेली मारेगा के रहने वाले रघु चंद्र खरे का बिजली बिल पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के बाद अब शून्य हो गया है। इससे पहले उनका हर महीने का बिजली बिल लगभग 1500 रुपये आता था। इस योजना के तहत अपने घर पर 3KW का सोलर पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो गया है और वे इस योजना के लाभार्थी बन गए हैं।1
- 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर यह विचार साझा किया गया कि यदि दुनिया की आधी आबादी गायब हो जाए, तो क्या स्थिति पहले से बेहतर होगी। इस सवाल को अंतरात्मा से जोड़ने की बात कही गई है, क्योंकि इसके जवाब आंकड़ों के बजाय गहरे आत्ममंथन में निहित हैं। इस विषय पर गहन चिंतन के लिए ऑडियो के माध्यम से संदेश को पूरा सुनने का आह्वान किया गया है।1
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर कोण्डागांव के कोपाबेड़ा स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में एक मत्स्य कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में उपस्थित मत्स्य कृषकों और मछुआ सहकारी समितियों को एनएफडीपी पंजीयन, मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा, जलीय कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर आजीविका विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।1