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संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।
सतभक्ति संदेश
संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।
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- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के तहसील मुख्यालय सरोना में 11 जुलाई की शाम 5 बजे नवनिर्मित 'मावा मोदोल निःशुल्क लाइब्रेरी' का लोकार्पण किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने इसका लोकार्पण किया, जो जिले की सातवीं मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लाइब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक एवं निःशुल्क अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन 5 बैचों में अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बैच में 75 विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा है। इसका संचालन सुबह 7 बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- कोंडागांव पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ लेकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक बीज भंडार संचालक को बदनाम करने और जेल भेजने की धमकी देकर उनसे ₹30 हजार की वसूली की थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से ₹30 हजार नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार और मोबाइल फोन समेत कुल ₹6.40 लाख की संपत्ति भी जब्त की है।1
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसमें सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए 'मायका सेंटर' का भी शुभारंभ किया गया। इस केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ इलाकों तक हर विकास योजना को पहुंचाना है ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इन विकास कार्यों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इन योजनाओं से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।1
- कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र स्थित ग्राम चेमा में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को लगभग 54 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। मंत्री ने कहा कि माओवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद बस्तर के अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है और सरकार की प्राथमिकता सुदूर गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 9.60 लाख रुपये की लागत से जयराम खेत के पास पुलिया, 6.40 लाख रुपये की लागत से रूपधर शोरी के खेत के पास पुलिया, 9.50 लाख रुपये की लागत से करागुडरा पारा से हसलननार मुख्य मार्ग तक सीसी सड़क, 9.60 लाख रुपये की लागत से मलनार स्कूल मार्ग पर पुलिया, 9.60 लाख रुपये की लागत से मनीराम खेत के पास पुलिया और 9.60 लाख रुपये की लागत से पुजारीपारा में मनाजी के घर के पास पुलिया निर्माण शामिल है। इन कार्यों से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को साल भर बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी चर्चा की और उन्हें पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, जनपद सदस्य रमशीला कोर्राम, सरपंच खेम सोरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1