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आज कैमरे पर भले ही संवेदनाएं दिखाई जा रही हों, लेकिन असलियत यह है कि कुछ जख्म वही लोग देते हैं जो बाद में आँसू भी बहाते हैं। #PrinceYadav से जुड़े एक भावनात्मक मामले में यह बात सामने आई है कि जिस भाई के साथ कल तक तस्वीरें थीं, आज उसकी यादों में एक घर रो रहा है। इस दर्दनाक स्थिति को बाहरी दुनिया केवल 'विवाद' कहकर आगे बढ़ रही है। रिपोर्टर रौशन पटेल के अनुसार, दुश्मन भी किसी माँ से उसका बेटा छीनने की दुआ नहीं करता, लेकिन इस कहानी में राजनीति, अहंकार और विवाद ने मिलकर एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। इस गंभीर घटना के बाद #JusticeForPrince की पुरजोर मांग उठाई जा रही है।
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आज कैमरे पर भले ही संवेदनाएं दिखाई जा रही हों, लेकिन असलियत यह है कि कुछ जख्म वही लोग देते हैं जो बाद में आँसू भी बहाते हैं। #PrinceYadav से जुड़े एक भावनात्मक मामले में यह बात सामने आई है कि जिस भाई के साथ कल तक तस्वीरें थीं, आज उसकी यादों में एक घर रो रहा है। इस दर्दनाक स्थिति को बाहरी दुनिया केवल 'विवाद' कहकर आगे बढ़ रही है। रिपोर्टर रौशन पटेल के अनुसार, दुश्मन भी किसी माँ से उसका बेटा छीनने की दुआ नहीं करता, लेकिन इस कहानी में राजनीति, अहंकार और विवाद ने मिलकर एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। इस गंभीर घटना के बाद #JusticeForPrince की पुरजोर मांग उठाई जा रही है।
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- Abhishek Kumar eMedia ने उन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है जो यूट्यूब से पढ़ाई कर रहे हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे इसके पीछे की 'सच्चाई' को अवश्य जान लें।1
- गया जिले के परैया प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा प्रज्ञा शक्ति मिशन के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मानसिक रोगियों के स्वास्थ्य पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रखंड मुख्यालय के किसान सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में 'प्रोजेक्ट पायलट' के तहत मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष जोर दिया गया, जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के दायरे में आने वाले मानसिक रोगियों की पहचान करना था। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्रीमती स्मृति कुमारी ने परैया प्रखंड की सभी सेविकाओं को मानसिक रोगियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसका लक्ष्य आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों और किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल और अनुश्रवण के लिए एक प्रणाली शुरू करना है। प्रशिक्षण में पर्यवेक्षिका पूनम कुमारी, नीलम कुमारी और प्रखंड समन्वयक पूजा राज ने मास्टर ट्रेनर के रूप में सभी सेविकाओं को प्रशिक्षित किया। इस अवसर पर कार्यालय के बड़ा बाबू सुबोध कुमार, डाटा ऑपरेटर सुभाष कुमार सहित सभी सेविकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।9
- सोमवार को चरपोखरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) नीति को लागू करने के उद्देश्य से एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे तक, कुल 13 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और मापी जैसे राजस्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल थे। सुनवाई के क्रम में दो मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों में संतुष्टि का भाव देखा गया। बाकी बचे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर अंचला अधिकारी चंदन चौधरी सहित कई कर्मी मौजूद थे, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनता दरबार पहुंचे थे। प्रशासन की यह पहल लोगों के लिए राहत भरी साबित हो रही है और इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- Hello 👋 dosto good morning 🌞 kaise hai aap sabhib please 10k share1
- जहानाबाद सदर अस्पताल के निर्माणाधीन नए भवन में सोमवार को एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें तीसरी मंजिल से गिरकर दो मजदूर बुरी तरह घायल हो गए। ये दोनों मजदूर, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी सलमान अली और हसनैन के रूप में हुई है, भवन की बाहरी दीवार पर प्लास्टर का काम कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना निर्माण कार्य के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से हुई। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर सुनील कुमार ने बताया कि दोनों मजदूरों ने सुरक्षा बेल्ट पहन रखी थी, जिसकी वजह से वे सीधे जमीन पर गिरने से बच गए और उनकी जान बच गई। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माण स्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था, और यह घटना कार्य के दौरान हुए अचानक संतुलन बिगड़ने का परिणाम थी। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और सहकर्मियों व अन्य मजदूरों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अंबर ने बताया कि दोनों घायलों के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच भेजा गया है। इस घटना के बाद निर्माणाधीन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी और नियमित निगरानी की मांग की है। उल्लेखनीय है कि लगभग 88 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह आठ मंजिला सदर अस्पताल भवन अपने अंतिम चरण में है, और वर्तमान में इसमें प्लास्टर तथा फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह हादसा जिले में निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।1
- आरा जंक्शन पर स्थापित स्वचालित सीढ़ी की दयनीय स्थिति को उजागर किया गया है, जिसकी दुर्दशा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। लोगों से इस विषय पर अपनी राय स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है।1
- भोजपुर जिले के उदवन्तनगर थाना क्षेत्र स्थित दुलारपुर DLED/B.ED कॉलेज में छात्रों से असाइनमेंट और एडमिट कार्ड के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। कॉलेज असाइनमेंट की एक कॉपी के लिए, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र ₹50 है, छात्रों से ₹2000 ले रहा है। इसके अतिरिक्त, एडमिट कार्ड के लिए ₹1000 अलग से मांगे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पॉट एडमिशन वाले अभ्यर्थियों से पहले ही ₹40,000 अधिक लिए गए हैं, और इसका स्लिप भी उपलब्ध है। जो छात्र या छात्राएँ इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, उन्हें धमकाया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि डीएम और सीएम भी कुछ नहीं कर पाएँगे, क्योंकि वे सबको पैसे देते हैं। छात्रों को चेतावनी दी जा रही है कि अगर वे चुपचाप पैसे नहीं देंगे और विरोध जारी रखेंगे, तो उन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनके नंबर काट दिए जाएँगे। यह मनमानी केवल इसी कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के निजी कॉलेजों में इसी तरह का आर्थिक शोषण चल रहा है। इस गंभीर आर्थिक शोषण के कारण दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। भोजपुर के डीएम से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है।1
- बिहार के कटिहार जिले में सोशल मीडिया पर मशहूर होने की इच्छा एक युवक को भारी पड़ गई। युवक ने अपनी ही पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर उन्हें वायरल कर दिया। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता पत्नी ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। साइबर थाना में हुई एक प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी आसिफ आलम ने जानकारी दी कि मनिहारी क्षेत्र की एक विवाहिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पति ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना आपत्तिजनक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पति ने स्वीकार किया कि उसने सोशल मीडिया पर तेजी से फेमस होने और अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ही ये वीडियो वायरल किए थे। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण पूरा करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।1
- एक शिक्षक ने पहले बच्चों को थप्पड़ मारी। जब अभिभावकों ने इस घटना का विरोध किया, तो शिक्षक ने एक बच्चे की माँ को भी थप्पड़ मार दी।1