भोजपुर जिले के उदवन्तनगर थाना क्षेत्र स्थित दुलारपुर DLED/B.ED कॉलेज में छात्रों से असाइनमेंट और एडमिट कार्ड के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। कॉलेज असाइनमेंट की एक कॉपी के लिए, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र ₹50 है, छात्रों से ₹2000 ले रहा है। इसके अतिरिक्त, एडमिट कार्ड के लिए ₹1000 अलग से मांगे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पॉट एडमिशन वाले अभ्यर्थियों से पहले ही ₹40,000 अधिक लिए गए हैं, और इसका स्लिप भी उपलब्ध है। जो छात्र या छात्राएँ इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, उन्हें धमकाया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि डीएम और सीएम भी कुछ नहीं कर पाएँगे, क्योंकि वे सबको पैसे देते हैं। छात्रों को चेतावनी दी जा रही है कि अगर वे चुपचाप पैसे नहीं देंगे और विरोध जारी रखेंगे, तो उन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनके नंबर काट दिए जाएँगे। यह मनमानी केवल इसी कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के निजी कॉलेजों में इसी तरह का आर्थिक शोषण चल रहा है। इस गंभीर आर्थिक शोषण के कारण दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। भोजपुर के डीएम से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है।
भोजपुर जिले के उदवन्तनगर थाना क्षेत्र स्थित दुलारपुर DLED/B.ED कॉलेज में छात्रों से असाइनमेंट और एडमिट कार्ड के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। कॉलेज असाइनमेंट की एक कॉपी के लिए, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र ₹50 है, छात्रों से ₹2000 ले रहा है। इसके अतिरिक्त, एडमिट कार्ड के लिए ₹1000 अलग से मांगे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पॉट एडमिशन वाले अभ्यर्थियों से पहले ही ₹40,000 अधिक लिए गए हैं, और इसका स्लिप भी उपलब्ध है। जो छात्र या छात्राएँ इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, उन्हें धमकाया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि डीएम और सीएम भी कुछ नहीं कर पाएँगे, क्योंकि वे सबको पैसे देते हैं। छात्रों को चेतावनी दी जा रही है कि अगर वे चुपचाप पैसे नहीं देंगे और विरोध जारी रखेंगे, तो उन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनके नंबर काट दिए जाएँगे। यह मनमानी केवल इसी कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के निजी कॉलेजों में इसी तरह का आर्थिक शोषण चल रहा है। इस गंभीर आर्थिक शोषण के कारण दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। भोजपुर के डीएम से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है।
- आरा जंक्शन पर स्थापित स्वचालित सीढ़ी की दयनीय स्थिति को उजागर किया गया है, जिसकी दुर्दशा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। लोगों से इस विषय पर अपनी राय स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार के कटिहार जिले में सोशल मीडिया पर मशहूर होने की इच्छा एक युवक को भारी पड़ गई। युवक ने अपनी ही पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर उन्हें वायरल कर दिया। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता पत्नी ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। साइबर थाना में हुई एक प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी आसिफ आलम ने जानकारी दी कि मनिहारी क्षेत्र की एक विवाहिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पति ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना आपत्तिजनक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पति ने स्वीकार किया कि उसने सोशल मीडिया पर तेजी से फेमस होने और अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ही ये वीडियो वायरल किए थे। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण पूरा करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।1
- सोमवार को चरपोखरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) नीति को लागू करने के उद्देश्य से एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे तक, कुल 13 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और मापी जैसे राजस्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल थे। सुनवाई के क्रम में दो मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों में संतुष्टि का भाव देखा गया। बाकी बचे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर अंचला अधिकारी चंदन चौधरी सहित कई कर्मी मौजूद थे, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनता दरबार पहुंचे थे। प्रशासन की यह पहल लोगों के लिए राहत भरी साबित हो रही है और इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- आरा शहर में बाबा नीम करौली मंदिर के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सेवा और श्रद्धा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस खास मौके पर अभिमन्यु कुमार एवं उनके भाई ने मिलकर रमना मैदान के पास निःशुल्क गन्ने के जूस का वितरण किया। इस सेवा कार्य को लेकर लोगों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने का आग्रह भी किया गया है।1
- आज कारीसाथ में आयोजित इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने सोन नदी पर बराज के निर्माण, नहरों के पक्कीकरण और कोइलवर से बक्सर तक पक्का बांध बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दक्षिणी क्षेत्र में बढ़ते पेयजल संकट के तत्काल समाधान की भी पुरजोर अपील की। सांसद सुदामा प्रसाद ने यह भी कहा कि गरीबों के घरों को तब तक नहीं उजाड़ा जाना चाहिए जब तक उनके लिए कोई वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था न की जाए। अंत में, उन्होंने जिले से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर एक विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को सौंपा।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दुलारपुर D.El.Ed/B.Ed कॉलेज में अभ्यर्थियों से असाइनमेंट और एडमिट कार्ड के नाम पर अवैध रूप से भारी फीस वसूली जा रही है। बताया गया है कि असाइनमेंट की कॉपी के लिए जहां मात्र ₹50 का खर्च आता है, वहीं छात्रों से ₹2000 लिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एडमिट कार्ड के लिए भी अलग से ₹1000 की मांग की जा रही है। जो छात्र-छात्राएं इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, उन्हें सीधे तौर पर धमकी दी जाती है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कथित तौर पर कहा जाता है कि “DM और CM कुछ नहीं करेंगे, हमलोग सबको पैसा देते हैं।” विरोध करने वालों से चुपचाप पैसे देने को कहा जाता है और चेताया जाता है कि जितना विरोध करेंगे, उतना ही “दलदल में फसेंगे” और उनके नंबर काट दिए जाएंगे। यह भी आरोप है कि पूरे बिहार में इसी तरह प्राइवेट कॉलेज मनमानी कर रहे हैं। स्पॉट एडमिशन वाले अभ्यर्थियों से तो पहले ही ₹40,000 अधिक लिए गए हैं, जिसके लिए रसीद भी मौजूद है। कॉलेज में चल रहे इस गंभीर आर्थिक शोषण के कारण दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य खतरे में बताया गया है। इस पूरे मामले में भोजपुर के DM से हस्तक्षेप की मांग की गई है।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर जिले के आरा पहुंचकर उदवंतनगर प्रखंड के कारीसाथ में 32 एकड़ भूमि पर 31.20 करोड़ रुपये की लागत से समेकित एक्वा पार्क परियोजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ मत्स्य विभाग मंत्री ललन सिंह और प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद भी मौजूद थे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों को लेकर एक कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में जितने भी अपराधी हैं, वे बिहार छोड़कर भाग रहे हैं; या तो नेपाल जा रहे हैं या फिर उत्तर प्रदेश, क्योंकि बिहार की पुलिस उन्हें यहां खोज रही है और वहां "योगी बाबा" उन्हें तलाश रहे हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना, जिसका नाम ‘वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, कारीसाथ, उदवंतनगर’ रखा गया है, मसाढ़ गांव स्थित कारीसाथ क्षेत्र में 3120.92 लाख रुपये की लागत से निर्मित हुई है। इस परियोजना का निर्माण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किया गया है और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस योजना को भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इस परियोजना के तहत कुल 17 अत्याधुनिक अवयव विकसित किए गए हैं, जिनमें कार्प हैचरी, आरएएस फिश फीड मिल, जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला, मछलियों की स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला और प्रशासनिक भवन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से बिहार में मत्स्य पालन और जलकृषि क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी। साथ ही, इससे जलकृषि पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना आधुनिक मत्स्य उत्पादन, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।2
- भोजपुर जिले के उदवन्तनगर थाना क्षेत्र स्थित दुलारपुर DLED/B.ED कॉलेज में छात्रों से असाइनमेंट और एडमिट कार्ड के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। कॉलेज असाइनमेंट की एक कॉपी के लिए, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र ₹50 है, छात्रों से ₹2000 ले रहा है। इसके अतिरिक्त, एडमिट कार्ड के लिए ₹1000 अलग से मांगे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पॉट एडमिशन वाले अभ्यर्थियों से पहले ही ₹40,000 अधिक लिए गए हैं, और इसका स्लिप भी उपलब्ध है। जो छात्र या छात्राएँ इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, उन्हें धमकाया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि डीएम और सीएम भी कुछ नहीं कर पाएँगे, क्योंकि वे सबको पैसे देते हैं। छात्रों को चेतावनी दी जा रही है कि अगर वे चुपचाप पैसे नहीं देंगे और विरोध जारी रखेंगे, तो उन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनके नंबर काट दिए जाएँगे। यह मनमानी केवल इसी कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के निजी कॉलेजों में इसी तरह का आर्थिक शोषण चल रहा है। इस गंभीर आर्थिक शोषण के कारण दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। भोजपुर के डीएम से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है।1