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उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान कार में सवार अभिनव अरोड़ा का परिवार बाल-बाल बच गया।
Police Ki Aawaz News
उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान कार में सवार अभिनव अरोड़ा का परिवार बाल-बाल बच गया।
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- उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान कार में सवार अभिनव अरोड़ा का परिवार बाल-बाल बच गया।1
- मथुरा के गोकुल में व्रज वैभव अभियान के तहत एक विशाल और प्रेरणादायक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर स्वच्छ व्रज का संदेश दिया। इस अभियान के दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, इटावा, हाथरस और भरतपुर सहित कई शहरों से पहुंचे सेवाभावी लोगों ने गोकुल के प्रसिद्ध चिंता हरण महादेव और श्री नंद भवन (84 खंबा) परिसर में जमकर सफाई की। इस विशेष अभियान की शुरुआत हार्टफुलनेस ध्यान के साथ हुई। इसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसरों और उनके आसपास के पूरे क्षेत्र की गहन सफाई की और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। आयोजकों ने सभी से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और व्रज की इस पवित्र धरोहर को साफ-सुथरा रखने की पुरजोर अपील की। सेवा के इस अद्भुत कार्य के बाद सभी स्वयंसेवकों ने भविष्य में भी इस अभियान को निरंतर जारी रखने का अटूट संकल्प लिया है।1
- मथुरा में सीवर का ढक्कन खुला हुआ है। इस खुले हुए ढक्कन को कृपया करके जल्द से जल्द ठीक करवाने की अपील की गई है।2
- मथुरा के वृंदावन में 13 जुलाई 2026 को मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है। हल्के बादलों और ठंडी हवाओं के बीच यहां के सुप्रसिद्ध प्रेम मंदिर की दिव्य सुंदरता लोगों के मन को पूरी तरह से भक्ति से भर दे रही है। इस पावन और भक्तिमय माहौल के बीच 'राधे राधे!' का जयकारा लगाया जा रहा है। वृंदावन के इसी तरह के सुंदर और ताज़ा वीडियो देखने के लिए दर्शकों से फ़ॉलो करने का अनुरोध किया गया है।1
- हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया है कि वरशिप एक्ट 1991 की आड़ में मामले को लगातार लंबा खींचा जा रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए हिंदू पक्ष ने समझौते का एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत वे मस्जिद बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन देने और उसका पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार हैं।1
- मथुरा के मांट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पानीगांव द्वितीय में पिछले करीब 15 वर्षों से बनी जलभराव की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। विद्यालय में जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की खबर मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल पंप सेट को मोहरा बनाकर औपचारिक कार्रवाई और खानापूर्ति कर वर्षों से अपना बचाव करते आ रहे हैं। इस बार भी पंप सेट से पानी खींचकर मामले को शांत करने का प्रयास किया गया है। मीडिया में खबर आने के बाद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अभिमन्यु सेठ मौके पर पहुंचे और उन्होंने नाली निर्माण जैसे स्थायी समाधान के बजाय पंप सेट लगाकर पानी निकलवाने के निर्देश दिए। बीडीओ के निर्देश पर ग्राम सचिव ब्रजेश कुमार पाराशर और लेखपाल नीरज चौधरी ने मौके पर पहुंचकर पंप सेट से जल निकासी का काम शुरू तो करा दिया, लेकिन ग्रामीण इस अस्थायी समाधान से असंतुष्ट हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे कुछ समय के लिए पानी तो निकल जाएगा, लेकिन समस्या फिर पहले जैसी हो जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल पानी निकासी की फोटो खिंचवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी रहती है। इस मामले में पूर्व एसडीएम अभिनव जे. जैन भी अपने कार्यकाल में संबंधित अधिकारियों को नाली निर्माण कराकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दे चुके थे, लेकिन वर्षों बाद भी नाली का निर्माण नहीं कराया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं जलभराव की समस्याओं के स्थायी समाधान और जल निकासी के निर्देश पूर्व में ही संबंधित अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उन निर्देशों का कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मीडिया के हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ, वरना वर्षों से चली आ रही इस समस्या पर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब ग्रामीणों ने मांट विधायक राजेश चौधरी और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह से मांग की है कि केवल अस्थायी जल निकासी के बजाय नाली का निर्माण कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भविष्य में इस परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- हाथरस के सहपऊ ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कोंकना खुर्द में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का कथावाचक ममता शास्त्री द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समापन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान परिक्षित चंद्रावती और परिक्षित उदयवीर सिंह की उपस्थिति में पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल जी, जिला पंचायत सदस्य विपिन यादव, मनोज यादव, शैलेंद्र यादव और विकास यादव का ग्रामवासियों और आयोजकों द्वारा पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान अतिथियों को व्यास पीठ का आशीर्वाद भी प्राप्त कराया गया। इस धार्मिक आयोजन में कोंकना खुर्द के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे। कथा स्थल पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने इस भक्तिमय आयोजन की जमकर सराहना की। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और सामाजिक एकता के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी बढ़ावा मिलता है।4
- अलीगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के मंच पर हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी को लेकर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। इस गंभीर मामले पर अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और वे इस पर काफी भड़क गए हैं। सांसद का कहना है कि वह इस सरकारी कार्यक्रम में बतौर अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। सांसद सतीश गौतम ने सोमवार दोपहर 1:00 बजे बयान जारी कर स्पष्ट किया कि आखिर एक अपराधी और हिस्ट्रीशीटर मंच तक कैसे पहुंच गया, इसकी वे पूरी जांच करवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि फिलहाल इस मामले की जांच कराई जा रही है और वह इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाएंगे।1
- आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर वर्दी बनाम वर्दी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ डिप्टी एसएस ऑपरेटिंग के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसके बाद फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर खुद स्टेशन पहुंचे और उन्होंने RPF अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इस पूरी घटना और सांसद द्वारा लगाई गई फटकार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस गंभीर मामले में रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 4 RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस घटना के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या कानून से ऊपर वर्दी है? क्या किसी भी सरकारी कर्मचारी या आम नागरिक के साथ कानून हाथ में लेकर मारपीट करना स्वीकार किया जा सकता है? यदि कोई विवाद या गाली-गलौज हुई भी थी, तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया से निकाला जाना चाहिए था। जनता के बीच अब यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि अगर वर्दीधारी ही आपस में इस तरह भिड़ जाएंगे, तो वर्दी का सम्मान कैसे बना रहेगा और क्या इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होगी।1