बहादुरपुर प्रखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही या भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक खुला और असुरक्षित ट्रांसफार्मर खुलेआम किसी अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है। यह चिंताजनक दृश्य बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग के ठीक सामने का है, जबकि बहादुरपुर ब्लॉक कार्यालय भी वहाँ से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है। बताया गया है कि इसी मार्ग से जिलाधिकारी का महीने में कई बार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद भी इस खतरनाक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जंगल-झाड़ियों से घिरा यह ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। जनता में यह धारणा बनी हुई है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की नींद तभी खुलेगी, जब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।
बहादुरपुर प्रखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही या भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक खुला और असुरक्षित ट्रांसफार्मर खुलेआम किसी अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है। यह चिंताजनक दृश्य बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग के ठीक सामने का है, जबकि बहादुरपुर ब्लॉक कार्यालय भी वहाँ से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है। बताया गया है कि इसी मार्ग से जिलाधिकारी का महीने में कई बार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद भी इस खतरनाक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जंगल-झाड़ियों से घिरा यह ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। जनता में यह धारणा बनी हुई है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की नींद तभी खुलेगी, जब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।
- खान ग्लोबल के कोचिंग सेंटर पर फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है, जिसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोचिंग सेंटर को सील किया जाएगा। इस पूरे मामले पर बिहार पुलिस के बयान का इंतजार है।1
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- समस्तीपुर जिले के पूसा बाजार के वार्ड नंबर एक में सड़क को बंद कर दिया गया है। यह सड़क लगभग दो महीने पहले नाले के निर्माण के उद्देश्य से खोदी गई थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क खुदी होने के कारण वहां से गुजरने वाले आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा गढ़ स्थित पावन धरती पर विराजमान माँ चामुंडा के दिव्य दरबार में सभी भक्तों का हार्दिक स्वागत किया गया है। बताया गया है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माँ के चरणों में शीश झुकाता है, माँ उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। रंजीत जलवंशी (जलवंशी न्यूज़) द्वारा यह संदेश प्रसारित किया गया है, जिसमें माँ के भक्तों से 'जय माँ चामुंडा' लिखने और पोस्ट को लाइक, कमेंट एवं शेयर करने का आग्रह भी किया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के रोसड़ा सर्किल इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने एक महत्वपूर्ण और बड़ा खुलासा किया है।1
- दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड स्थित कटमा गाँव में सड़क निर्माण पर ₹2,52,792 खर्च दिखाया गया है, लेकिन 2019 से आज तक सड़क की हालत बदतर बनी हुई है। इस गंभीर 'सड़क घोटाले' पर कटमा गाँव की जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? ग्रामीण आज भी कीचड़, जलजमाव और विभिन्न परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं, जिसके चलते जनता खुलकर सामने आ रही है और अपना समर्थन दे रही है। 'आवाज़-ए-किशोर' नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज़ भी मौजूद हैं और जनता की आवाज़ भी बुलंद है, जिससे अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।1
- मंत्री दिलीप जायसवाल ने 'खान जी' को संबोधित करने के तरीके पर अपनी राय व्यक्त की है। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने 'खान जी' से पढ़ाई नहीं की है, तो उन्हें केवल 'खान जी' कहकर पुकारना चाहिए और 'सर' शब्द का प्रयोग करना आवश्यक नहीं लगता।1
- दरभंगा जिला मोहर्रम कमेटी में हुए चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ने जीत हासिल की है। इस जीत के उपरांत तीनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी।1
- जिलाधिकारी आनंद शर्मा के द्वारा जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप कर किया शुभारंभ रवि खरीफ एवं गर्म तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें मिलेगा फायदा डीएम आनंद शर्मा ने कहा मधुबनी जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग द्वारा "शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026" के अंतर्गत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा सोमवार को नगर भवन, मधुबनी में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।* *कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने कहा कि पूरा बिहार एक सोने की खान जैसा है, जिसमें विशेषकर उत्तर बिहार का क्षेत्र। बस हमें समझने की जरूरत है कि हमे कैसे छोटी-छोटी खेती को छोड़कर बड़े पैमाने पर संगठित होकर कोऑपरेटिव/एचबीओ के माध्यम से सिंगल खेती कर आगे बढ़ने की जरूरत है। छोटे स्तर पर खेती कर बड़ा मुकाम नही पाया जा सकता है। साथ ही सामाजिक स्तर पर संगठित होकर बड़े स्तर पर खेती करने पर सोचना होगा।* *उन्होंने कहा कि जब हम रबी, खरीफ एवं गरमा तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें अधिक लाभ मिलेगा। जिला में कृषि के सिंचाई के क्षेत्र में अच्छी चीजें होने जा रही है। पश्चिमी कोशी नहर पर कार्य चल रहा है और जब यह पूर्ण हो जाएगा तब 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा बढ़ जायेगी। जिसपर तेजी से कार्य चल रहा है।* *उन्होंने कहा कि जिले में मखाना बोर्ड की स्थापना होने की संभावना प्रतीत हो रहा है। जिससे मखाना को और बृहत स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। यह दुनिया के लिए औपर फ़ूड के रूप में है। इसे हमे सही मार्केट के चैनल से कनेक्ट करने की आवश्यकता है।* *उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे जिस प्रकार से पूर्णिया के गुलाबबाग में मंडी है, उसी प्रकार से झंझारपुर एवं जयनगर में अत्याधुनिक मंडी हो इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर जल्द-से-जल्द कार्य हो सके और हमारे उत्पाद को ई-ग्राम पोर्टल से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा।* *जिलाधिकारी ने कहा कि हमे धान और गेहूं की खेती से ऊपर उठकर मक्का, सरसों, फल, सब्जी की खेती से जुड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।* *इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारियों के द्वारा भी अपने वक्तव्यों से किसानों का मार्गदर्शन किया।* *इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों एवं अनुभवों को साझा किया।* *विदित हो कि खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गयी है।* *कार्यक्रम के दौरान जिले एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों तथा अन्य हितधारकों को खरीफ मौसम में की जाने वाली खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।* *इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा खरीफ फसलों के उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता संवर्धन के साथ-साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।* *कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, ललन चौधरी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, राजेश कुमार, जिला गव्य पदाधिकारी सहित सभी अनुमंडल/प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक सहित काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।4