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दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड स्थित कटमा गाँव में सड़क निर्माण पर ₹2,52,792 खर्च दिखाया गया है, लेकिन 2019 से आज तक सड़क की हालत बदतर बनी हुई है। इस गंभीर 'सड़क घोटाले' पर कटमा गाँव की जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? ग्रामीण आज भी कीचड़, जलजमाव और विभिन्न परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं, जिसके चलते जनता खुलकर सामने आ रही है और अपना समर्थन दे रही है। 'आवाज़-ए-किशोर' नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज़ भी मौजूद हैं और जनता की आवाज़ भी बुलंद है, जिससे अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

9 hrs ago
user_Kishore Mahendra Paswan
Kishore Mahendra Paswan
Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
9 hrs ago

दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड स्थित कटमा गाँव में सड़क निर्माण पर ₹2,52,792 खर्च दिखाया गया है, लेकिन 2019 से आज तक सड़क की हालत बदतर बनी हुई है। इस गंभीर 'सड़क घोटाले' पर कटमा गाँव की जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? ग्रामीण आज भी कीचड़, जलजमाव और विभिन्न परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं, जिसके चलते जनता खुलकर सामने आ रही है और अपना समर्थन दे रही है। 'आवाज़-ए-किशोर' नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज़ भी मौजूद हैं और जनता की आवाज़ भी बुलंद है, जिससे अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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  • दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड स्थित कटमा गाँव में सड़क निर्माण पर ₹2,52,792 खर्च दिखाया गया है, लेकिन 2019 से आज तक सड़क की हालत बदतर बनी हुई है। इस गंभीर 'सड़क घोटाले' पर कटमा गाँव की जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? ग्रामीण आज भी कीचड़, जलजमाव और विभिन्न परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं, जिसके चलते जनता खुलकर सामने आ रही है और अपना समर्थन दे रही है। 'आवाज़-ए-किशोर' नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज़ भी मौजूद हैं और जनता की आवाज़ भी बुलंद है, जिससे अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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    दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड स्थित कटमा गाँव में सड़क निर्माण पर ₹2,52,792 खर्च दिखाया गया है, लेकिन 2019 से आज तक सड़क की हालत बदतर बनी हुई है। इस गंभीर 'सड़क घोटाले' पर कटमा गाँव की जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?

ग्रामीण आज भी कीचड़, जलजमाव और विभिन्न परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं, जिसके चलते जनता खुलकर सामने आ रही है और अपना समर्थन दे रही है। 'आवाज़-ए-किशोर' नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज़ भी मौजूद हैं और जनता की आवाज़ भी बुलंद है, जिससे अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    9 hrs ago
  • आज की ताजा खबर के अनुसार, मनिगाछी के बजितपुर में खालिद का निधन हो गया है। इस सूचना को सभी लोगों से आगे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और सहायता प्रदान करने की अपील की गई है।
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    आज की ताजा खबर के अनुसार, मनिगाछी के बजितपुर में खालिद का निधन हो गया है। इस सूचना को सभी लोगों से आगे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और सहायता प्रदान करने की अपील की गई है।
    user_Md seraj Seraj
    Md seraj Seraj
    मनिगाछी, दरभंगा, बिहार•
    14 hrs ago
  • जदयू नेता सुनील सिंह ने मांग की है कि नौहट्टा में ही एक डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाए।
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    जदयू नेता सुनील सिंह ने मांग की है कि नौहट्टा में ही एक डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाए।
    user_Mankhush kumar
    Mankhush kumar
    Local News Reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    9 hrs ago
  • सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को 'डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति' के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों ने प्रखंड मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार के उस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसके तहत डिग्री कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है। प्रखंडवासियों का तर्क है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण और संचालन अनिवार्य रूप से प्रखंड मुख्यालय में ही होना चाहिए, क्योंकि मुख्यालय में कॉलेज बनने से प्रखंड की सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा होगी और सबको समान रूप से इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज के सफल संचालन के लिए आवश्यक पर्याप्त भूमि, भवन, सुगम आवागमन और अन्य सभी ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं। इसके बावजूद कॉलेज को किसी सुदूर या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय स्थानीय छात्रों के भविष्य और उनके हितों के साथ खिलवाड़ है। सोमवार के शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि उनकी न्यायसंगत मांग पर तुरंत कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो मंगलवार से इस आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में डिग्री कॉलेज का यह मुद्दा नवहट्टा में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसकी चर्चा बाज़ार से लेकर गाँवों तक हर जगह है। अब यह देखना होगा कि इस सुलगते हुए स्थानीय मुद्दे और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए ज़िला प्रशासन और राज्य सरकार का अगला कदम क्या होता है।
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    सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को 'डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति' के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों ने प्रखंड मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार के उस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसके तहत डिग्री कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है।

प्रखंडवासियों का तर्क है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण और संचालन अनिवार्य रूप से प्रखंड मुख्यालय में ही होना चाहिए, क्योंकि मुख्यालय में कॉलेज बनने से प्रखंड की सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा होगी और सबको समान रूप से इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज के सफल संचालन के लिए आवश्यक पर्याप्त भूमि, भवन, सुगम आवागमन और अन्य सभी ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं। इसके बावजूद कॉलेज को किसी सुदूर या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय स्थानीय छात्रों के भविष्य और उनके हितों के साथ खिलवाड़ है।

सोमवार के शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि उनकी न्यायसंगत मांग पर तुरंत कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो मंगलवार से इस आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

वर्तमान में डिग्री कॉलेज का यह मुद्दा नवहट्टा में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसकी चर्चा बाज़ार से लेकर गाँवों तक हर जगह है। अब यह देखना होगा कि इस सुलगते हुए स्थानीय मुद्दे और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए ज़िला प्रशासन और राज्य सरकार का अगला कदम क्या होता है।
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Teacher नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    9 hrs ago
  • जिलाधिकारी आनंद शर्मा के द्वारा जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप कर किया शुभारंभ रवि खरीफ एवं गर्म तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें मिलेगा फायदा डीएम आनंद शर्मा ने कहा मधुबनी जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग द्वारा "शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026" के अंतर्गत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा सोमवार को नगर भवन, मधुबनी में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।* *कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने कहा कि पूरा बिहार एक सोने की खान जैसा है, जिसमें विशेषकर उत्तर बिहार का क्षेत्र। बस हमें समझने की जरूरत है कि हमे कैसे छोटी-छोटी खेती को छोड़कर बड़े पैमाने पर संगठित होकर कोऑपरेटिव/एचबीओ के माध्यम से सिंगल खेती कर आगे बढ़ने की जरूरत है। छोटे स्तर पर खेती कर बड़ा मुकाम नही पाया जा सकता है। साथ ही सामाजिक स्तर पर संगठित होकर बड़े स्तर पर खेती करने पर सोचना होगा।* *उन्होंने कहा कि जब हम रबी, खरीफ एवं गरमा तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें अधिक लाभ मिलेगा। जिला में कृषि के सिंचाई के क्षेत्र में अच्छी चीजें होने जा रही है। पश्चिमी कोशी नहर पर कार्य चल रहा है और जब यह पूर्ण हो जाएगा तब 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा बढ़ जायेगी। जिसपर तेजी से कार्य चल रहा है।* *उन्होंने कहा कि जिले में मखाना बोर्ड की स्थापना होने की संभावना प्रतीत हो रहा है। जिससे मखाना को और बृहत स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। यह दुनिया के लिए औपर फ़ूड के रूप में है। इसे हमे सही मार्केट के चैनल से कनेक्ट करने की आवश्यकता है।* *उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे जिस प्रकार से पूर्णिया के गुलाबबाग में मंडी है, उसी प्रकार से झंझारपुर एवं जयनगर में अत्याधुनिक मंडी हो इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर जल्द-से-जल्द कार्य हो सके और हमारे उत्पाद को ई-ग्राम पोर्टल से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा।* *जिलाधिकारी ने कहा कि हमे धान और गेहूं की खेती से ऊपर उठकर मक्का, सरसों, फल, सब्जी की खेती से जुड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।* *इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारियों के द्वारा भी अपने वक्तव्यों से किसानों का मार्गदर्शन किया।* *इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों एवं अनुभवों को साझा किया।* *विदित हो कि खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गयी है।* *कार्यक्रम के दौरान जिले एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों तथा अन्य हितधारकों को खरीफ मौसम में की जाने वाली खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।* *इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा खरीफ फसलों के उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता संवर्धन के साथ-साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।* *कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, ललन चौधरी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, राजेश कुमार, जिला गव्य पदाधिकारी सहित सभी अनुमंडल/प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक सहित काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
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    जिलाधिकारी आनंद शर्मा के द्वारा जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप कर किया शुभारंभ रवि खरीफ एवं गर्म तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें मिलेगा फायदा डीएम आनंद शर्मा ने कहा
मधुबनी जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग द्वारा "शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026" के अंतर्गत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा सोमवार को नगर भवन, मधुबनी में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।*
*कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने कहा कि पूरा बिहार एक सोने की खान जैसा है, जिसमें विशेषकर उत्तर बिहार का क्षेत्र। बस हमें समझने की जरूरत है कि हमे कैसे छोटी-छोटी खेती को छोड़कर बड़े पैमाने पर संगठित होकर कोऑपरेटिव/एचबीओ के माध्यम से सिंगल खेती कर आगे बढ़ने की जरूरत है। छोटे स्तर पर खेती कर बड़ा मुकाम नही पाया जा सकता है। साथ ही सामाजिक स्तर पर संगठित होकर बड़े स्तर पर खेती करने पर सोचना होगा।*
*उन्होंने कहा कि जब हम रबी, खरीफ एवं गरमा तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें अधिक लाभ मिलेगा। जिला में कृषि के सिंचाई के क्षेत्र में अच्छी चीजें होने जा रही है। पश्चिमी कोशी नहर पर कार्य चल रहा है और जब यह पूर्ण हो जाएगा तब 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा बढ़ जायेगी। जिसपर तेजी से कार्य चल रहा है।*
*उन्होंने कहा कि जिले में मखाना बोर्ड की स्थापना होने की संभावना प्रतीत हो रहा है। जिससे मखाना को और बृहत स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। यह दुनिया के लिए औपर फ़ूड के रूप में है। इसे हमे सही मार्केट के चैनल से कनेक्ट करने की आवश्यकता है।*
*उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे जिस प्रकार से पूर्णिया के गुलाबबाग में मंडी है, उसी प्रकार से झंझारपुर एवं जयनगर में अत्याधुनिक मंडी हो  इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर जल्द-से-जल्द कार्य हो सके और हमारे उत्पाद को ई-ग्राम पोर्टल से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा।*
*जिलाधिकारी ने कहा कि हमे धान और गेहूं की खेती से ऊपर उठकर मक्का, सरसों, फल, सब्जी की खेती से जुड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।*
*इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारियों के द्वारा भी अपने वक्तव्यों से किसानों का मार्गदर्शन किया।*
*इस अवसर पर जिलाधिकारी ने  किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों एवं अनुभवों को साझा किया।*
*विदित हो कि खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गयी है।*
*कार्यक्रम के दौरान जिले एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों तथा अन्य हितधारकों को खरीफ मौसम में की जाने वाली खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।*
*इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा खरीफ फसलों के उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता संवर्धन के साथ-साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।*
*कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, ललन चौधरी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, राजेश कुमार, जिला गव्य पदाधिकारी सहित सभी अनुमंडल/प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक सहित काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
    user_तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    10 hrs ago
  • दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड अंतर्गत कटमा गाँव की जनता ने सड़क निर्माण को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनाने के लिए ₹2,52,792 की राशि खर्च की गई थी, लेकिन आज भी गाँव में सड़क की स्थिति बेहद बदहाल है। ग्रामीणों ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए दस्तावेज़ और हस्ताक्षर भी प्रस्तुत किए हैं, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि सड़क निर्माण के लिए आवंटित यह पैसा आखिर कहाँ गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Awaaz-E-Kishore की यह ग्राउंड रिपोर्ट जनता की आवाज़ और ज़मीनी हकीकत को सामने लाते हुए इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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    दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड अंतर्गत कटमा गाँव की जनता ने सड़क निर्माण को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनाने के लिए ₹2,52,792 की राशि खर्च की गई थी, लेकिन आज भी गाँव में सड़क की स्थिति बेहद बदहाल है।

ग्रामीणों ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए दस्तावेज़ और हस्ताक्षर भी प्रस्तुत किए हैं, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि सड़क निर्माण के लिए आवंटित यह पैसा आखिर कहाँ गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Awaaz-E-Kishore की यह ग्राउंड रिपोर्ट जनता की आवाज़ और ज़मीनी हकीकत को सामने लाते हुए इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    12 hrs ago
  • झंझारपुर में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की कतार में उस समय हाथापाई शुरू हो गई, जब दो युवकों के बीच पंक्ति तोड़ने को लेकर विवाद बढ़ गया। यह घटना झंझारपुर स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर हुई, जहाँ कई उपभोक्ता अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतार में खड़े थे। बताया गया कि इसी दौरान, एक युवक ने लाइन में सबसे आगे खड़े होने की कोशिश की। यह देखकर पीछे खड़े कुछ लोगों ने उसे ऐसा करने से रोका, जिसके बाद उनके बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस शारीरिक हाथापाई में बदल गई। झंझारपुर में गैस सिलेंडर को लेकर मारपीट शुरू होते ही, मौके पर भगदड़ मच गई।
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    झंझारपुर में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की कतार में उस समय हाथापाई शुरू हो गई, जब दो युवकों के बीच पंक्ति तोड़ने को लेकर विवाद बढ़ गया। यह घटना झंझारपुर स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर हुई, जहाँ कई उपभोक्ता अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतार में खड़े थे।

बताया गया कि इसी दौरान, एक युवक ने लाइन में सबसे आगे खड़े होने की कोशिश की। यह देखकर पीछे खड़े कुछ लोगों ने उसे ऐसा करने से रोका, जिसके बाद उनके बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस शारीरिक हाथापाई में बदल गई।

झंझारपुर में गैस सिलेंडर को लेकर मारपीट शुरू होते ही, मौके पर भगदड़ मच गई।
    user_Dharmendra Jha
    Dharmendra Jha
    Local News Reporter झंझारपुर, मधुबनी, बिहार•
    8 hrs ago
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