बिहार के सोनपुर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर का निर्माण 680 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र के समग्र विकास की गति तेज होगी हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना की मुख्य विशेषताएं: बजट और विकास: ₹680 करोड़ की लागत से मंदिर परिसर का पुनर्विकास और कायाकल्प किया जाएगा। काशी मॉडल: वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मंदिर को विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। क्षेत्रीय कायाकल्प: कॉरिडोर के साथ-साथ गंगा-गंडक संगम तट का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा। पर्यटन और अर्थव्यवस्था: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कनेक्टिविटी और सुविधाएं: परियोजना में सड़कों का चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।
बिहार के सोनपुर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर का निर्माण 680 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र के समग्र विकास की गति तेज होगी हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना की मुख्य विशेषताएं: बजट और विकास: ₹680 करोड़ की लागत से मंदिर परिसर का पुनर्विकास और कायाकल्प किया जाएगा। काशी मॉडल: वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मंदिर को विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। क्षेत्रीय कायाकल्प: कॉरिडोर के साथ-साथ गंगा-गंडक संगम तट का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा। पर्यटन और अर्थव्यवस्था: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कनेक्टिविटी और सुविधाएं: परियोजना में सड़कों का चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।
- Kunjal singh Rajputदिघवारा, सारण, बिहारहरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना की मुख्य विशेषताएं: बजट और विकास: ₹680 करोड़ की लागत से मंदिर परिसर का पुनर्विकास और कायाकल्प किया जाएगा। काशी मॉडल: वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मंदिर को विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। क्षेत्रीय कायाकल्प: कॉरिडोर के साथ-साथ गंगा-गंडक संगम तट का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा। पर्यटन और अर्थव्यवस्था: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कनेक्टिविटी और सुविधाएं: परियोजना में सड़कों का चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।5 hrs ago
- Kunjal singh Rajputदिघवारा, सारण, बिहारबिहार के सोनपुर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर का निर्माण 680 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र के समग्र विकास की गति तेज होगी5 hrs ago
- लापरवाही के आरोप: परिजनों का आरोप है कि लड़का पहले ही मर चुका था, लेकिन अस्पताल प्रशासन पैसे ऐंठने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज का नाटक करता रहा। अंग चोरी का शकः परिजनों ने मौत के बाद किडनी निकाले जाने का अंदेशा भी जताया है, जिसे पुलिस जांच के दायरे में लेकर जांच कर रही है। अस्पताल में तोड़फोड़: हंगामे के दौरान परिजनों ने ICU का बेड निकालकर सड़क पर प्रदर्शन किया और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। अन्य घटनाएं: जुलाई 2025 में, पारस अस्पताल में ही एक कैदी की इलाज के दौरान हत्या कर दी गई थी, जिससे अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। अस्पताल का रुखः आम तौर पर, पारस प्रशासन ऐसे मामलों में खुद को बेकसूर बताता है और रिकॉर्ड की जांच करने की बात कहता है। एक पुराने मामले (2022) में, अस्पताल ने कहा था कि उन्होंने मरीज को बचाने की हरसंभव कोशिश की। Paras Hospital Patna1
- Post by N BHARAT NEWS 3651
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- बिहार के सूबे में नया बदलाव तो हुआ लेकिन सरकार के नेता अधिकारी का नींद ना पहले खुला और ना ही अब भीसन अंधी पानी ने बिहार सरकार और नगर निगम की पॉल खोल कर रख दिया....1
- लालगंज में पकड़ा गया शातिर चोर, पहले भी कर चुका है यही से बाइक चोरी....see more #bikechori #VaishaliNews #लालगंज #lalganj #saran #vaishali #छपरा #ytshorts1
- Post by AMOD SONI1
- हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना की मुख्य विशेषताएं: बजट और विकास: ₹680 करोड़ की लागत से मंदिर परिसर का पुनर्विकास और कायाकल्प किया जाएगा। काशी मॉडल: वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मंदिर को विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। क्षेत्रीय कायाकल्प: कॉरिडोर के साथ-साथ गंगा-गंडक संगम तट का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा। पर्यटन और अर्थव्यवस्था: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कनेक्टिविटी और सुविधाएं: परियोजना में सड़कों का चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।1