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बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला महेशपुर और कमरोल पंचायत के ग्रामीणों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड कार्यालय जाने की मजबूरी बारसोई (कटिहार)। गांवों में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय की दौड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रखंड बारसोई की पंचायत महेशपुर में बिहार सरकार भवन का निर्माण करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कमरोल पंचायत में पंचायत सरकार भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी भवन ही बंद रहेंगे, तो ग्रामीणों को सुविधाएं आखिर कैसे मिलेंगी? महेशपुर में शिलान्यास के बाद थम गया निर्माण कार्य महेशपुर पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष पुरानी मार्केट में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए दुकानों और मकानों को हटाया गया था। इसके बाद बिहार सरकार भवन का शिलान्यास हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब पंचायत स्तर पर ही जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों की सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को लगा कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और पंचायत में विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य करीब एक साल से बंद है। निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी और कार्य की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेशपुर पंचायत के मुखिया अयूब अली ने बताया कि संवेदक काम बंद कर गायब हैं। उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संबंधित पदाधिकारियों से भी बात की गई, परंतु संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उच्चाधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करेंगे और काम बंद रहने के कारणों की जानकारी लेंगे। कमरोल में भवन तो बना, लेकिन सुविधाओं पर ताला! महेशपुर के बाद कमरोल पंचायत से भी सरकारी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। यहां पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर समेत पूरे भवन पर ताला लटका मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन महीने में मुश्किल से एक-दो दिन ही खुलता है। नियमित रूप से कार्यालय नहीं खुलने के कारण लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी कार्यों के लिए बारसोई प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण होने पर उन्हें उम्मीद थी कि यह मिनी ब्लॉक के रूप में काम करेगा और अधिकांश बुनियादी सरकारी सेवाएं पंचायत में ही मिलेंगी। लेकिन भवन के नियमित रूप से नहीं खुलने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य दिनों में पदाधिकारी, कर्मी और जनप्रतिनिधि यहां नजर नहीं आते तथा राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही झंडोत्तोलन होता है। ग्रामीणों ने उठाए सवाल, व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग महेशपुर में निर्माण कार्य बंद रहने और कमरोल में पंचायत सरकार भवन नियमित रूप से नहीं खुलने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो और वहां नियमित रूप से कामकाज हो। केवल भवन बन जाने से विकास नहीं होगा, बल्कि उसमें पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति तथा सेवाओं का संचालन भी जरूरी है। ग्रामीण मो. रिजाबुल, मो. हुसैन, संतोष कुमार रजक, माया कुमारी, सऊद आलम, अलीमुद्दीन, मिथुन दास, मास्टर नदीम, मोहन कुमार, असगर अली सहित अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से महेशपुर में निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कमरोल पंचायत सरकार भवन को नियमित रूप से खोलने की मांग की है।

40 min ago
user_Asadur Rahman
Asadur Rahman
कटिहार, कटिहार, बिहार•
40 min ago

बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला महेशपुर और कमरोल पंचायत के ग्रामीणों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड कार्यालय जाने की मजबूरी बारसोई (कटिहार)। गांवों में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय की दौड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रखंड बारसोई की पंचायत महेशपुर में बिहार सरकार भवन का निर्माण करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कमरोल पंचायत में पंचायत सरकार भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी भवन ही बंद रहेंगे, तो ग्रामीणों को सुविधाएं आखिर कैसे मिलेंगी? महेशपुर में शिलान्यास के बाद थम गया निर्माण कार्य महेशपुर पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष पुरानी मार्केट में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए दुकानों और मकानों को हटाया गया था। इसके बाद बिहार सरकार भवन का शिलान्यास हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब पंचायत स्तर पर ही जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों की सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को लगा कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और पंचायत में विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य करीब एक साल से बंद है। निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी और कार्य की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेशपुर पंचायत के मुखिया अयूब अली ने बताया कि संवेदक काम बंद कर गायब हैं। उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संबंधित पदाधिकारियों से भी बात की गई, परंतु संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उच्चाधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करेंगे और काम बंद रहने के कारणों की जानकारी लेंगे। कमरोल में भवन तो बना, लेकिन सुविधाओं पर ताला! महेशपुर के बाद कमरोल पंचायत से भी सरकारी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। यहां पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर समेत पूरे भवन पर ताला लटका मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन महीने में मुश्किल से एक-दो दिन ही खुलता है। नियमित रूप से कार्यालय नहीं खुलने के कारण लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी कार्यों के लिए बारसोई प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण होने पर उन्हें उम्मीद थी कि यह मिनी ब्लॉक के रूप में काम करेगा और अधिकांश बुनियादी सरकारी सेवाएं पंचायत में ही मिलेंगी। लेकिन भवन के नियमित रूप से नहीं खुलने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य दिनों में पदाधिकारी, कर्मी और जनप्रतिनिधि यहां नजर नहीं आते तथा राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही झंडोत्तोलन होता है। ग्रामीणों ने उठाए सवाल, व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग महेशपुर में निर्माण कार्य बंद रहने और कमरोल में पंचायत सरकार भवन नियमित रूप से नहीं खुलने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो और वहां नियमित रूप से कामकाज हो। केवल भवन बन जाने से विकास नहीं होगा, बल्कि उसमें पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति तथा सेवाओं का संचालन भी जरूरी है। ग्रामीण मो. रिजाबुल, मो. हुसैन, संतोष कुमार रजक, माया कुमारी, सऊद आलम, अलीमुद्दीन, मिथुन दास, मास्टर नदीम, मोहन कुमार, असगर अली सहित अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से महेशपुर में निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कमरोल पंचायत सरकार भवन को नियमित रूप से खोलने की मांग की है।

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    मंगल बाजार के अभिनव मार्केट मैं कटरा दुकानदारों को खाली करने का आदेश 
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    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    38 min ago
  • RPIA राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साहकनौजिया पूर्व संसद प्रत्याशी कटिहार बिहार RPIA Rashtriy sachiv basukinath Shah kanaujiya पूर्व संसद प्रत्याशी कटिहार बिहार ऑल इंडिया रेलवे शु शाइन वर्कर यूनियन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
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    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपा
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपा
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    16 hrs ago
  • टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन. टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन. मनिहारी(कटिहार ) मनिहारी के टालीपाड़ा में शुक्रवार की संध्या मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नम आंखों से किया गया। इससे पहले बंगाली परंपरा के अनुसार सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर की होली खेली और मां को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान टालीपाड़ा का माहौल भक्ति, उल्लास और भावुकता से सराबोर रहा। ढोल-ढाक की धुन, नृत्य और संगीत के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर गंगा तट पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां से अगले वर्ष फिर आने की कामना की। इस अवसर पर ओली गुहा, शिप्रा गुहा, रुमा गुहा, दीपांशा, शिल्पी, देवोश्री और लिली हालदर ने बताया कि टालीपाड़ा में बंगाली पद्धति से मां दुर्गा की पूजा की जाती है। पूजा के सभी विधान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होते हैं। विजयादशमी के अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरा भी इसी विधि-विधान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस रस्म में बंगाली समुदाय की महिलाओं के साथ स्थानीय महिलाएं भी मिल-जुलकर भाग लेती हैं। सभी महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां बांटती हैं। यह परंपरा आपसी प्रेम, सौहार्द और एकजुटता का संदेश देती है। इसके बाद ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत करते हुए मां की प्रतिमा को गंगा तट ले जाया गया। वहां श्रद्धा के साथ विसर्जन कर मां को विदाई दी गई।
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    टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली
बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन.
टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली
बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन.
मनिहारी(कटिहार )
मनिहारी के टालीपाड़ा में शुक्रवार की संध्या मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नम आंखों से किया गया। इससे पहले बंगाली परंपरा के अनुसार सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर की होली खेली और मां को भावपूर्ण विदाई दी।
इस दौरान टालीपाड़ा का माहौल भक्ति, उल्लास और भावुकता से सराबोर रहा। ढोल-ढाक की धुन, नृत्य और संगीत के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर गंगा तट पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां से अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
इस अवसर पर ओली गुहा, शिप्रा गुहा, रुमा गुहा, दीपांशा, शिल्पी, देवोश्री और लिली हालदर ने बताया कि टालीपाड़ा में बंगाली पद्धति से मां दुर्गा की पूजा की जाती है। पूजा के सभी विधान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होते हैं। विजयादशमी के अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरा भी इसी विधि-विधान का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि इस रस्म में बंगाली समुदाय की महिलाओं के साथ स्थानीय महिलाएं भी मिल-जुलकर भाग लेती हैं। सभी महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां बांटती हैं। यह परंपरा आपसी प्रेम, सौहार्द और एकजुटता का संदेश देती है। इसके बाद ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत करते हुए मां की प्रतिमा को गंगा तट ले जाया गया। वहां श्रद्धा के साथ विसर्जन कर मां को विदाई दी गई।
    user_Ranjeet Gupta
    Ranjeet Gupta
    City Star Katihar, Bihar•
    17 hrs ago
  • प्राणपुर के महानंदा तटबंध की सड़क की स्थिति है जर्जर राहगीरों को आवागमन करने में हो रही परेशानी कटिहार जिला के प्राणपुर प्रखंड के महानंदा तटबंध पर बनी सड़क की स्थिति है जर्जर होने से राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह सड़क जल्ला हरेराम पुर गांव से काठघर दुर्गापुर गांव तक सड़क का स्थिति काफी जर्जर एवं इसमें काफी बड़े बड़े गड्ढे बन चुके हैं इस कारण राहगीरों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वही राहगीरों एवं उसे इलाके के लोगों को दिन रात काफी परेशानी की सामना करना पड़ता है प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों को इसी टट बंध से प्रखंड मुख्यालय आपने जिला मुख्यालय आते जाते हैं स्थानीय लोगों का मुताबिक रात में जर्जर सड़क एवं गड्ढे के कारण हर दिन कोई ना कोई हादसा होते रहता है ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बताया है लेकिन अभी तक विभागीय अधिकारियों के तरफ से किसी प्रकार का कार्रवाई नहीं की गई है ग्रामीण विकास मंडल मनोज कुमार शंभू मंडल राजेश कुमारऔर हिमांशु कुमार शहीत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से तटबंध का जल्द मरम्मत कराने का मांग कि है।
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    प्राणपुर के महानंदा तटबंध की सड़क की स्थिति है जर्जर राहगीरों को आवागमन करने में हो रही परेशानी 
कटिहार जिला के प्राणपुर प्रखंड के महानंदा तटबंध पर बनी सड़क की स्थिति है जर्जर होने से राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह सड़क जल्ला हरेराम पुर गांव से काठघर दुर्गापुर गांव तक सड़क का स्थिति काफी जर्जर एवं इसमें काफी बड़े बड़े गड्ढे  बन चुके हैं इस कारण राहगीरों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वही राहगीरों एवं उसे इलाके के लोगों को दिन रात काफी परेशानी की सामना करना पड़ता है प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों को इसी टट बंध से प्रखंड मुख्यालय आपने जिला मुख्यालय आते जाते हैं स्थानीय लोगों का मुताबिक रात में जर्जर सड़क एवं गड्ढे के कारण हर दिन कोई ना कोई हादसा होते रहता है ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बताया है लेकिन अभी तक विभागीय अधिकारियों के तरफ से किसी प्रकार का कार्रवाई नहीं की गई है ग्रामीण विकास मंडल मनोज कुमार शंभू मंडल राजेश कुमारऔर हिमांशु कुमार शहीत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से तटबंध का जल्द मरम्मत कराने का मांग कि है।
    user_Bhagat singh
    Bhagat singh
    प्राणपुर, कटिहार, बिहार•
    1 hr ago
  • कोढ़ा में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ कोसी स्नातक निर्वाचन का मतदान, 56 प्रतिशत वोटिंग डीएम आशुतोष द्विवेदी और एसपी परिचय कुमार ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा, शाम पांच बजे तक बूथ पर मुस्तैद रहे अधिकारी कोढ़ा प्रखंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र पर शुक्रवार को कोसी स्नातक निर्वाचन का मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मतदान के दौरान मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष एवं व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोढ़ा में कुल 56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मतदान केंद्र पर निगरानी करते रहे। मतदान केंद्र पर चुनावी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और विधि-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए चुनाव पर्यवेक्षक डॉ. प्रेम कुमार मीणा, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी तथा पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र का निरीक्षण कर संबंधित पदाधिकारियों से मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार शर्मा, बलरामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार, अंचलाधिकारी संजीव कुमार और कोढ़ा थानाध्यक्ष पंकज आनंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। मतदान केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। 849 मतदाताओं में 483 ने किया मतदान कोढ़ा प्रखंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र पर कुल 849 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 672 पुरुष और 177 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान समाप्त होने तक कुल 483 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 374 पुरुष और 109 महिला मतदाता शामिल रहे। इस प्रकार केंद्र पर लगभग 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि, प्रशासनिक आंकड़ों में मतदान का प्रतिशत 56 बताया गया।मतदान के दौरान पुरुषों के साथ महिला मतदाताओं ने भी भागीदारी निभाई। निर्धारित समय तक मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। शाम पांच बजे मतदान का समय समाप्त होने तक बलरामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार, अंचलाधिकारी संजीव कुमार और थानाध्यक्ष पंकज आनंद सहित अन्य अधिकारी केंद्र पर मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था पर रखी नजर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने मतदान केंद्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था। अधिकारियों की निगरानी में मतदान केंद्र पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, ताकि मतदाताओं को मतदान करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। वहीं, पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने कहा कि मतदान केंद्र पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की गई। कोढ़ा में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। पूरे दिन अधिकारियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई।
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    कोढ़ा में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ कोसी स्नातक निर्वाचन का मतदान, 56 प्रतिशत वोटिंग


डीएम आशुतोष द्विवेदी और एसपी परिचय कुमार ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा, शाम पांच बजे तक बूथ पर मुस्तैद रहे अधिकारी
कोढ़ा प्रखंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र पर शुक्रवार को कोसी स्नातक निर्वाचन का मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मतदान के दौरान मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष एवं व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोढ़ा में कुल 56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मतदान केंद्र पर निगरानी करते रहे।
मतदान केंद्र पर चुनावी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और विधि-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए चुनाव पर्यवेक्षक डॉ. प्रेम कुमार मीणा, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी तथा पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र का निरीक्षण कर संबंधित पदाधिकारियों से मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार शर्मा, बलरामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार, अंचलाधिकारी संजीव कुमार और कोढ़ा थानाध्यक्ष पंकज आनंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। मतदान केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
849 मतदाताओं में 483 ने किया मतदान
कोढ़ा प्रखंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र पर कुल 849 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 672 पुरुष और 177 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान समाप्त होने तक कुल 483 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 374 पुरुष और 109 महिला मतदाता शामिल रहे। इस प्रकार केंद्र पर लगभग 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि, प्रशासनिक आंकड़ों में मतदान का प्रतिशत 56 बताया गया।मतदान के दौरान पुरुषों के साथ महिला मतदाताओं ने भी भागीदारी निभाई। निर्धारित समय तक मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। शाम पांच बजे मतदान का समय समाप्त होने तक बलरामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार, अंचलाधिकारी संजीव कुमार और थानाध्यक्ष पंकज आनंद सहित अन्य अधिकारी केंद्र पर मौजूद रहे।
डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था पर रखी नजर
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने मतदान केंद्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था। अधिकारियों की निगरानी में मतदान केंद्र पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, ताकि मतदाताओं को मतदान करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। वहीं, पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने कहा कि मतदान केंद्र पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की गई।
कोढ़ा में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। पूरे दिन अधिकारियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई।
    user_NARAYAN JHA
    NARAYAN JHA
    कोढ़ा, कटिहार, बिहार•
    13 hrs ago
  • कोढ़ा में शांतिपूर्ण माहौल में जारी है मतदान, चुनावी व्यवस्था का अधिकारियों ने लिया जायजा कोढ़ा प्रखंड कार्यालय में आज कोसी स्नातक निर्वाचन को लेकर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए चुनावी अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में चुनाव पर्यवेक्षक डॉ. प्रेम कुमार मीणा, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने मतदान केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सदर-2 एसडीपीओ सुनील शर्मा, कोढ़ा थानाध्यक्ष पंकज आनंद और कोढ़ा अंचलाधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की मौजूदगी में मतदान केंद्र पर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। फिलहाल कोढ़ा प्रखंड कार्यालय में मतदान जारी है।
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    कोढ़ा में शांतिपूर्ण माहौल में जारी है मतदान, चुनावी व्यवस्था का अधिकारियों ने लिया जायजा
कोढ़ा प्रखंड कार्यालय में आज कोसी स्नातक निर्वाचन को लेकर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए चुनावी अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इसी क्रम में चुनाव पर्यवेक्षक डॉ. प्रेम कुमार मीणा, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने मतदान केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान सदर-2 एसडीपीओ सुनील शर्मा, कोढ़ा थानाध्यक्ष पंकज आनंद और कोढ़ा अंचलाधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की मौजूदगी में मतदान केंद्र पर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल कोढ़ा प्रखंड कार्यालय में मतदान जारी है।
    user_Rahul Kumar Singh
    Rahul Kumar Singh
    Local News Reporter कोढ़ा, कटिहार, बिहार•
    21 hrs ago
  • 🆔 सेटअप कराने के लिए कॉल करें #reelsvideo #viralvideo #news #youtubeshorts #aryanboltabihar
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    user_Aryan Bolta Bihar
    Aryan Bolta Bihar
    Local News Reporter कस्बा, पूर्णिया, बिहार•
    3 hrs ago
  • बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला महेशपुर और कमरोल पंचायत के ग्रामीणों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड कार्यालय जाने की मजबूरी बारसोई (कटिहार)। गांवों में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय की दौड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रखंड बारसोई की पंचायत महेशपुर में बिहार सरकार भवन का निर्माण करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कमरोल पंचायत में पंचायत सरकार भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी भवन ही बंद रहेंगे, तो ग्रामीणों को सुविधाएं आखिर कैसे मिलेंगी? महेशपुर में शिलान्यास के बाद थम गया निर्माण कार्य महेशपुर पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष पुरानी मार्केट में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए दुकानों और मकानों को हटाया गया था। इसके बाद बिहार सरकार भवन का शिलान्यास हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब पंचायत स्तर पर ही जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों की सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को लगा कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और पंचायत में विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य करीब एक साल से बंद है। निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी और कार्य की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेशपुर पंचायत के मुखिया अयूब अली ने बताया कि संवेदक काम बंद कर गायब हैं। उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संबंधित पदाधिकारियों से भी बात की गई, परंतु संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उच्चाधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करेंगे और काम बंद रहने के कारणों की जानकारी लेंगे। कमरोल में भवन तो बना, लेकिन सुविधाओं पर ताला! महेशपुर के बाद कमरोल पंचायत से भी सरकारी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। यहां पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर समेत पूरे भवन पर ताला लटका मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन महीने में मुश्किल से एक-दो दिन ही खुलता है। नियमित रूप से कार्यालय नहीं खुलने के कारण लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी कार्यों के लिए बारसोई प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण होने पर उन्हें उम्मीद थी कि यह मिनी ब्लॉक के रूप में काम करेगा और अधिकांश बुनियादी सरकारी सेवाएं पंचायत में ही मिलेंगी। लेकिन भवन के नियमित रूप से नहीं खुलने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य दिनों में पदाधिकारी, कर्मी और जनप्रतिनिधि यहां नजर नहीं आते तथा राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही झंडोत्तोलन होता है। ग्रामीणों ने उठाए सवाल, व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग महेशपुर में निर्माण कार्य बंद रहने और कमरोल में पंचायत सरकार भवन नियमित रूप से नहीं खुलने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो और वहां नियमित रूप से कामकाज हो। केवल भवन बन जाने से विकास नहीं होगा, बल्कि उसमें पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति तथा सेवाओं का संचालन भी जरूरी है। ग्रामीण मो. रिजाबुल, मो. हुसैन, संतोष कुमार रजक, माया कुमारी, सऊद आलम, अलीमुद्दीन, मिथुन दास, मास्टर नदीम, मोहन कुमार, असगर अली सहित अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से महेशपुर में निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कमरोल पंचायत सरकार भवन को नियमित रूप से खोलने की मांग की है।
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    बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला

बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला
महेशपुर और कमरोल पंचायत के ग्रामीणों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड कार्यालय जाने की मजबूरी
बारसोई (कटिहार)। गांवों में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय की दौड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रखंड बारसोई की पंचायत महेशपुर में बिहार सरकार भवन का निर्माण करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कमरोल पंचायत में पंचायत सरकार भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी भवन ही बंद रहेंगे, तो ग्रामीणों को सुविधाएं आखिर कैसे मिलेंगी?
महेशपुर में शिलान्यास के बाद थम गया निर्माण कार्य
महेशपुर पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष पुरानी मार्केट में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए दुकानों और मकानों को हटाया गया था। इसके बाद बिहार सरकार भवन का शिलान्यास हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब पंचायत स्तर पर ही जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों की सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को लगा कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और पंचायत में विकास की रफ्तार तेज होगी।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य करीब एक साल से बंद है। निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी और कार्य की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महेशपुर पंचायत के मुखिया अयूब अली ने बताया कि संवेदक काम बंद कर गायब हैं। उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संबंधित पदाधिकारियों से भी बात की गई, परंतु संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उच्चाधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करेंगे और काम बंद रहने के कारणों की जानकारी लेंगे।
कमरोल में भवन तो बना, लेकिन सुविधाओं पर ताला!
महेशपुर के बाद कमरोल पंचायत से भी सरकारी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। यहां पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर समेत पूरे भवन पर ताला लटका मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन महीने में मुश्किल से एक-दो दिन ही खुलता है। नियमित रूप से कार्यालय नहीं खुलने के कारण लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी कार्यों के लिए बारसोई प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण होने पर उन्हें उम्मीद थी कि यह मिनी ब्लॉक के रूप में काम करेगा और अधिकांश बुनियादी सरकारी सेवाएं पंचायत में ही मिलेंगी। लेकिन भवन के नियमित रूप से नहीं खुलने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य दिनों में पदाधिकारी, कर्मी और जनप्रतिनिधि यहां नजर नहीं आते तथा राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही झंडोत्तोलन होता है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल, व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
महेशपुर में निर्माण कार्य बंद रहने और कमरोल में पंचायत सरकार भवन नियमित रूप से नहीं खुलने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो और वहां नियमित रूप से कामकाज हो। केवल भवन बन जाने से विकास नहीं होगा, बल्कि उसमें पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति तथा सेवाओं का संचालन भी जरूरी है।
ग्रामीण मो. रिजाबुल, मो. हुसैन, संतोष कुमार रजक, माया कुमारी, सऊद आलम, अलीमुद्दीन, मिथुन दास, मास्टर नदीम, मोहन कुमार, असगर अली सहित अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से महेशपुर में निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कमरोल पंचायत सरकार भवन को नियमित रूप से खोलने की मांग की है।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    40 min ago
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