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हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र। एडीएचआर की पहल का असर: पेयजल, शौचालय, जर्जर भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली-पंखे, मध्यान्ह भोजन समेत 18 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश संवाददाता, नरेश गुप्ता हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय व जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल द्वारा दिनांक 27 अगस्त को जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति मे ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में जनपद के सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, उचित फर्नीचर, पर्याप्त शिक्षक, पौष्टिक भोजन और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण मिलना भी आवश्यक है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस द्वारा पत्रांक 9264-68/2026-27, दिनांक 01 सितंबर के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने तथा की गई कार्रवाई की आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 18 प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र में एडीएचआर के ज्ञापन के साथ संलग्न प्रमुख मांगों एवं व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। इनमें प्रमुख रूप से— स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था। स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय,जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई,छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्षाएं,प्रत्येक बच्चे के लिए उचित फर्नीचर।,स्वच्छ एवं खेलने योग्य खेल मैदान,विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता,गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन,गुणवत्तापूर्ण ड्रेस एवं शैक्षिक सामग्री,बिजली, पंखे एवं प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर,बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं।,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सुगम आवागमन,विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण,विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था,प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था,बच्चों की गरिमा एवं सुरक्षा तथा भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना,विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता,उपस्थिति एवं सीखने के स्तर की समीक्षा। “सिर्फ प्रवेश नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी जरूरी” एडीएचआर के ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 21-क (21A) का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सार्थक माना जा सकता है, जब उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए। अब खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे ज्ञापन में उल्लिखित व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराएं तथा की गई कार्रवाई की आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि जनपद के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई होगी। एडीएचआर ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने जिला प्रशासन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन का संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि— “हमारा उद्देश्य किसी विभाग अथवा अधिकारी की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। प्रत्येक बच्चे को स्वच्छ पानी, सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना चाहिए। अब महत्वपूर्ण यह है कि निर्देश केवल पत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों में धरातल पर दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि एडीएचआर आगे भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर जनहित में निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाता रहेगा।और सरकारी स्कूलों में बुनियादी-गुणात्मक सुधार तक अपनी यह मुहिम जारी रखेगा “विद्यालयों में बदलाव धरातल पर दिखना चाहिए” ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन द्वारा बीएसए को और बीएसए द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली कमियों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है। एडीएचआर का स्पष्ट संदेश है— “कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में पढ़ने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”

15 hrs ago
user_Naresh Gupta Reporter
Naresh Gupta Reporter
सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र। एडीएचआर की पहल का असर: पेयजल, शौचालय, जर्जर भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली-पंखे, मध्यान्ह भोजन समेत 18 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश संवाददाता, नरेश गुप्ता हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय व जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल द्वारा दिनांक 27 अगस्त को जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति मे ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में जनपद के सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, उचित फर्नीचर, पर्याप्त शिक्षक, पौष्टिक भोजन और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण मिलना भी आवश्यक है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस द्वारा पत्रांक 9264-68/2026-27, दिनांक 01 सितंबर के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने तथा की गई कार्रवाई की आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 18 प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र में एडीएचआर के ज्ञापन के साथ संलग्न प्रमुख मांगों एवं व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। इनमें प्रमुख रूप से— स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था। स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय,जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई,छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्षाएं,प्रत्येक बच्चे के लिए उचित फर्नीचर।,स्वच्छ एवं खेलने योग्य खेल मैदान,विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता,गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन,गुणवत्तापूर्ण ड्रेस एवं शैक्षिक सामग्री,बिजली, पंखे एवं प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर,बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं।,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सुगम आवागमन,विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण,विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था,प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था,बच्चों की गरिमा एवं सुरक्षा तथा भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना,विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता,उपस्थिति एवं सीखने के स्तर की समीक्षा। “सिर्फ प्रवेश नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी जरूरी” एडीएचआर के ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 21-क (21A) का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सार्थक माना जा सकता है, जब उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए। अब खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे ज्ञापन में उल्लिखित व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराएं तथा की गई कार्रवाई की आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि जनपद के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई होगी। एडीएचआर ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने जिला प्रशासन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन का संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि— “हमारा उद्देश्य किसी विभाग अथवा अधिकारी की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। प्रत्येक बच्चे को स्वच्छ पानी, सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना चाहिए। अब महत्वपूर्ण यह है कि निर्देश केवल पत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों में धरातल पर दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि एडीएचआर आगे भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर जनहित में निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाता रहेगा।और सरकारी स्कूलों में बुनियादी-गुणात्मक सुधार तक अपनी यह मुहिम जारी रखेगा “विद्यालयों में बदलाव धरातल पर दिखना चाहिए” ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन द्वारा बीएसए को और बीएसए द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली कमियों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है। एडीएचआर का स्पष्ट संदेश है— “कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में पढ़ने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”

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    user_Iam_ankit_actor
    Iam_ankit_actor
    Firefighter सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र। एडीएचआर की पहल का असर: पेयजल, शौचालय, जर्जर भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली-पंखे, मध्यान्ह भोजन समेत 18 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश संवाददाता, नरेश गुप्ता हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय व जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल द्वारा दिनांक 27 अगस्त को जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति मे ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में जनपद के सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, उचित फर्नीचर, पर्याप्त शिक्षक, पौष्टिक भोजन और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण मिलना भी आवश्यक है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस द्वारा पत्रांक 9264-68/2026-27, दिनांक 01 सितंबर के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने तथा की गई कार्रवाई की आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 18 प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र में एडीएचआर के ज्ञापन के साथ संलग्न प्रमुख मांगों एवं व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। इनमें प्रमुख रूप से— स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था। स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय,जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई,छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्षाएं,प्रत्येक बच्चे के लिए उचित फर्नीचर।,स्वच्छ एवं खेलने योग्य खेल मैदान,विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता,गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन,गुणवत्तापूर्ण ड्रेस एवं शैक्षिक सामग्री,बिजली, पंखे एवं प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर,बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं।,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सुगम आवागमन,विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण,विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था,प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था,बच्चों की गरिमा एवं सुरक्षा तथा भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना,विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता,उपस्थिति एवं सीखने के स्तर की समीक्षा। “सिर्फ प्रवेश नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी जरूरी” एडीएचआर के ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 21-क (21A) का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सार्थक माना जा सकता है, जब उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए। अब खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे ज्ञापन में उल्लिखित व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराएं तथा की गई कार्रवाई की आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि जनपद के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई होगी। एडीएचआर ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने जिला प्रशासन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन का संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि— “हमारा उद्देश्य किसी विभाग अथवा अधिकारी की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। प्रत्येक बच्चे को स्वच्छ पानी, सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना चाहिए। अब महत्वपूर्ण यह है कि निर्देश केवल पत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों में धरातल पर दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि एडीएचआर आगे भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर जनहित में निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाता रहेगा।और सरकारी स्कूलों में बुनियादी-गुणात्मक सुधार तक अपनी यह मुहिम जारी रखेगा “विद्यालयों में बदलाव धरातल पर दिखना चाहिए” ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन द्वारा बीएसए को और बीएसए द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली कमियों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है। एडीएचआर का स्पष्ट संदेश है— “कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में पढ़ने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”
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    हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती
हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती
डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र।
एडीएचआर की पहल का असर: पेयजल, शौचालय, जर्जर भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली-पंखे, मध्यान्ह भोजन समेत 18 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
संवाददाता, नरेश गुप्ता 
हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय व जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल द्वारा दिनांक 27 अगस्त को जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति मे  ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में जनपद के सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, उचित फर्नीचर, पर्याप्त शिक्षक, पौष्टिक भोजन और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण मिलना भी आवश्यक है।
ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस द्वारा पत्रांक 9264-68/2026-27, दिनांक 01 सितंबर के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने तथा की गई कार्रवाई की आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
18 प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश
बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र में एडीएचआर के ज्ञापन के साथ संलग्न प्रमुख मांगों एवं व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
इनमें प्रमुख रूप से—
स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था।
स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय,जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई,छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्षाएं,प्रत्येक बच्चे के लिए उचित फर्नीचर।,स्वच्छ एवं खेलने योग्य खेल मैदान,विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता,गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन,गुणवत्तापूर्ण ड्रेस एवं शैक्षिक सामग्री,बिजली, पंखे एवं प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर,बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं।,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सुगम आवागमन,विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण,विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था,प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था,बच्चों की गरिमा एवं सुरक्षा तथा भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना,विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता,उपस्थिति एवं सीखने के स्तर की समीक्षा।
“सिर्फ प्रवेश नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी जरूरी”
एडीएचआर के ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 21-क (21A) का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सार्थक माना जा सकता है, जब उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो।
ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए।
अब खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे ज्ञापन में उल्लिखित व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराएं तथा की गई कार्रवाई की आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि जनपद के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई होगी।
एडीएचआर ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत
एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने जिला प्रशासन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन का संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि—
“हमारा उद्देश्य किसी विभाग अथवा अधिकारी की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। प्रत्येक बच्चे को स्वच्छ पानी, सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना चाहिए। अब महत्वपूर्ण यह है कि निर्देश केवल पत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों में धरातल पर दिखाई दें।”
उन्होंने कहा कि एडीएचआर आगे भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर जनहित में निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाता रहेगा।और सरकारी स्कूलों में बुनियादी-गुणात्मक सुधार तक अपनी यह मुहिम जारी रखेगा
“विद्यालयों में बदलाव धरातल पर दिखना चाहिए”
ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन द्वारा बीएसए को और बीएसए द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली कमियों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है।
एडीएचआर का स्पष्ट संदेश है—
“कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में पढ़ने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • खबर देने के लिए संपर्क करें 7607030472 स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश अरुन कुमार यादव के साथ अशोक कुमार की खास रिपोर्ट हाईटेंशन लाइन बनी काल, पोल पर काम कर रहे लाइनमैन की करंट लगने से मौत खबर देने के लिए संपर्क करें 7607030472 स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश अरुन कुमार यादव के साथ अशोक कुमार की खास रिपोर्ट बिसवां, सीतापुर। बिसवां कोतवाली क्षेत्र के बड़े चौराहे पर बुधवार को एक दर्दनाक विद्युत हादसे ने सनसनी फैला दी। रायगंज मार्ग पर विद्युत पोल पर चढ़कर काम कर रहा लाइनमैन अचानक हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह पोल से सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायल लाइनमैन को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नागेंद्र पुत्र नत्थू, निवासी नई बस्ती, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। बताया गया कि नागेंद्र मिश्रिख-बिसवां क्षेत्र में लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। ⚠️ बड़ा सवाल: सुरक्षा इंतजामों के बीच कैसे हुआ हादसा? पोल पर काम के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई मौत ने विद्युत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 📍 स्थान: बड़ा चौराहा, रायगंज रोड, बिसवां 📍 जनपद: सीतापुर, उत्तर प्रदेश 🚨 घटना: हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौत
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    खबर देने के लिए संपर्क करें 7607030472 स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश अरुन कुमार यादव के साथ अशोक कुमार की खास रिपोर्ट
हाईटेंशन लाइन बनी काल, पोल पर काम कर रहे लाइनमैन की करंट लगने से मौत
खबर देने के लिए संपर्क करें 7607030472 स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश अरुन कुमार यादव के साथ अशोक कुमार की खास रिपोर्ट
बिसवां, सीतापुर। बिसवां कोतवाली क्षेत्र के बड़े चौराहे पर बुधवार को एक दर्दनाक विद्युत हादसे ने सनसनी फैला दी। रायगंज मार्ग पर विद्युत पोल पर चढ़कर काम कर रहा लाइनमैन अचानक हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह पोल से सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायल लाइनमैन को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान नागेंद्र पुत्र नत्थू, निवासी नई बस्ती, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। बताया गया कि नागेंद्र मिश्रिख-बिसवां क्षेत्र में लाइनमैन के पद पर कार्यरत था।
⚠️ बड़ा सवाल: सुरक्षा इंतजामों के बीच कैसे हुआ हादसा?
पोल पर काम के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई मौत ने विद्युत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
📍 स्थान: बड़ा चौराहा, रायगंज रोड, बिसवां
📍 जनपद: सीतापुर, उत्तर प्रदेश
🚨 घटना: हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौत
    user_अवध इंडिया न्यूज़ स्टेट ब्यूरो
    अवध इंडिया न्यूज़ स्टेट ब्यूरो
    Lawyer बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है । उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है। नदी किनारे कई सौ मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नदी जैसी बन गई हैं। इस Video में एक मंजिला मकानों/दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
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    उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है ।
उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है। नदी किनारे कई सौ मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नदी जैसी बन गई हैं। इस Video में एक मंजिला मकानों/दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
    user_पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा
    पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा
    Local News Reporter महमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • 🚨आगरा ब्रेकिंग 🚨 ताजमहल पर लपकों और होकरो का जमावड़ा पर्यटकों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप, आगरा ब्रेकिंग ताजमहल पर लपकों और होकरो का जमावड़ा! पर्यटकों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल। नीम तिराहा, पश्चिमी पार्किंग, पूर्वी पार्किंग, सेल्फी प्वाइंट और सेल्फी प्वाइंट चौराहे पर कथित लपकों व फेरीवालों की भीड़। बिना अधिकृत अनुमति गाइड बनकर पर्यटकों को गुमराह करने के आरोप। पर्यटन पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल। ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और ठगी रोकने की व्यवस्था पर सवाल। अवैध लपकों और होकरो पर कब लगेगी लगाम? वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल।
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    🚨आगरा ब्रेकिंग 🚨
ताजमहल पर लपकों और होकरो का जमावड़ा पर्यटकों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप,
आगरा ब्रेकिंग 
ताजमहल पर लपकों और होकरो का जमावड़ा!
पर्यटकों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल।
नीम तिराहा, पश्चिमी पार्किंग, पूर्वी पार्किंग, सेल्फी प्वाइंट और सेल्फी प्वाइंट चौराहे पर कथित लपकों व फेरीवालों की भीड़।
बिना अधिकृत अनुमति गाइड बनकर पर्यटकों को गुमराह करने के आरोप।
पर्यटन पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और ठगी रोकने की व्यवस्था पर सवाल।
अवैध लपकों और होकरो पर कब लगेगी लगाम?
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल।
    user_Sanjay singh
    Sanjay singh
    Court reporter महमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • sitapur me barh aur jalbharo se sthaneeya logon ko diqqat
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    sitapur me barh aur jalbharo
se sthaneeya logon ko diqqat
    user_Haider
    Haider
    Graphic designer सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • DM अंकल आए हैं कॉपी मिला है साइकिल मिला है टॉफी मिला है" वीडियो वायरल होने के बाद बलिया के DM मंगला प्रसाद रागिनी को ट्राइसाइकिल भेंट करने पहुंचे हैं. DM सहाब ने रागिनी की शिक्षा के साथ ही उसका घर व स्कूल को जाने वाली सड़क भी बनवाने की बात कहीं है. इस दौरान रागिनी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की. DM सहाब ने रागिनी को पैर का भी उपचार कराने का वादा किया.
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    DM अंकल आए हैं कॉपी मिला है साइकिल मिला है टॉफी मिला है"
वीडियो वायरल होने के बाद बलिया के DM मंगला प्रसाद रागिनी को ट्राइसाइकिल भेंट करने पहुंचे हैं. DM सहाब ने रागिनी की शिक्षा के साथ ही उसका घर व स्कूल को जाने वाली सड़क भी बनवाने की बात कहीं है.
इस दौरान रागिनी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की. DM सहाब ने रागिनी को पैर का भी उपचार कराने का वादा किया.
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद अवैध चेंबरों को गिराने पहुँचा प्रशासन का दस्ता नगर निगम , ज़िला प्रशासन, पुलिस बल हुआ तैनात रजिस्ट्रार ऑफिस के आसपास बने अवैध चेंबरों को तोड़ने की तैयारी शुरू
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    राजधानी लखनऊ सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद अवैध चेंबरों को गिराने पहुँचा प्रशासन का दस्ता 

नगर निगम , ज़िला प्रशासन, पुलिस बल हुआ तैनात 
रजिस्ट्रार ऑफिस के आसपास बने अवैध चेंबरों को तोड़ने की तैयारी शुरू
    user_Khabro Ki Paini Najar News New
    Khabro Ki Paini Najar News New
    Advertising agency बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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