जुडिशरी सबकी निगरानी करती है, लेकिन उसकी निगरानी कौन करे? यह सवाल लंबे समय से पूछा जा रहा है। जैसे बाकी संस्थाएं जवाबदेह हैं, ठीक उसी तरह जुडिशरी को भी होना चाहिए। विवाद महज प्रक्रिया तय करने पर है। किताब पर विवाद। हाल में इस मुद्दे ने इसलिए जोर पकड़ा, क्योंकि राष्ट्रीय शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 8वीं की सोशल साइंस की किताब में जुडिशरी में भ्रष्टाचार और उसकी जवाबदेही पर बात की। सुप्रीम कोर्ट ने इसे जुडिशरी की छवि धूमिल करने की साजिश बताया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आपत्ति जताते हुए किताब से उस हिस्से को हटाने का आदेश दिया। NCERT ने भी अदालत में माफी मांगी।न्यायालय को निष्पक्ष माना जाता है। यहां आम शख्स भी किसी शक्तिशाली के खिलाफ न्याय पा सकता है, इसलिए उसकी विश्वसनीयता बरकरार रखना जरूरी हो जाता है। इसके बावजूद कई बार जजों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनैशनल की 2007 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की निचली अदालतों में हर साल करीब 2,630 करोड़ रुपये की रिश्वत दी जाती है। सर्वे में 77% लोगों ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही।
जुडिशरी सबकी निगरानी करती है, लेकिन उसकी निगरानी कौन करे? यह सवाल लंबे समय से पूछा जा रहा है। जैसे बाकी संस्थाएं जवाबदेह हैं, ठीक उसी तरह जुडिशरी को भी होना चाहिए। विवाद महज प्रक्रिया तय करने पर है। किताब पर विवाद। हाल में इस मुद्दे ने इसलिए जोर पकड़ा, क्योंकि राष्ट्रीय शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 8वीं की सोशल साइंस की किताब में जुडिशरी में भ्रष्टाचार और उसकी जवाबदेही पर बात की। सुप्रीम कोर्ट ने इसे जुडिशरी की छवि धूमिल करने की साजिश बताया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आपत्ति जताते हुए किताब से उस हिस्से को हटाने का आदेश दिया। NCERT ने भी अदालत में माफी मांगी।न्यायालय को निष्पक्ष माना जाता है। यहां आम शख्स भी किसी शक्तिशाली के खिलाफ न्याय पा सकता है, इसलिए उसकी विश्वसनीयता बरकरार रखना जरूरी हो जाता है। इसके बावजूद कई बार जजों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनैशनल की 2007 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की निचली अदालतों में हर साल करीब 2,630 करोड़ रुपये की रिश्वत दी जाती है। सर्वे में 77% लोगों ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही।
- राजेंद्र नगर से रेलवे कॉलोनी मोड़ के पास पुलिस ने ट्रैक्टर रैली को रोका। रेलवे ग्राउंड में लगवाए जा रहे हैं ट्रैक्टर। यहां से किसान कलेक्ट्रेट जायेंगे पैदल।1
- सतना। धर्मनगरी मैहर में मां शारदा देवी प्रबंध समिति की स्वच्छता व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। जैसे ही सफाई विभाग की कमान नए प्रभारी अजय सनाढ्य के हाथों में सौंपी गई है, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी का अंबार नजर आने लगा है। व्यवस्थाओं पर उठे सवाल श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मैहर में स्वच्छता को लेकर हमेशा विशेष जोर दिया जाता रहा है, लेकिन हालिया बदलाव के बाद तस्वीर इसके उलट दिख रही है। स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों का कहना है कि: नियमित सफाई का अभाव: डस्टबिन समय पर खाली नहीं किए जा रहे हैं। दुर्गंध से परेशानी: कचरे के ढेर जमा होने के कारण श्रद्धालुओं को मार्ग से गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन की लापरवाही: नए प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं कि आखिर जिम्मेदारी संभालते ही व्यवस्थाएं इतनी खराब कैसे हो गईं। भक्तों में आक्रोश दूर-दराज से आने वाले भक्तों का कहना है कि मां के दरबार में ऐसी गंदगी देखकर मन आहत होता है। प्रबंध समिति द्वारा लाखों रुपये सफाई पर खर्च किए जाते हैं, फिर भी धरातल पर परिणाम शून्य नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि सफाई विभाग के नए नेतृत्व और जमीनी स्तर के कर्मचारियों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा मंदिर की छवि को भुगतना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रबंध समिति के उच्च अधिकारी इस बदहाली पर क्या संज्ञान लेते हैं।1
- Post by जितेंद्र राय1
- Post by Abhay TV News1
- विषय लगभग काफी समय से खराब है हेड पंप जो कि सूचना दिया है कहा जाता है की मजदूरी नहीं देती सरकार मेरा निवेदन है सरकार से जल्द से जल्द ठीक करवाने की कृपा करें आपकी महान दया होगी महोदय जी परिजनों को भारी समस्या हो रही है जल से नि,ग्राम भरकोरा जिला चित्रकूट 97248676021
- चित्रकूट ब्रेकिंग, राजापुर तहसील क्षेत्र सुरसेन चौराहा के पास बिना रजिस्ट्रेशन से धड़ल्ले चल रहे हैं फर्जी अस्पताल, स्वस्थ विभाग सह चल रहे हैं1
- #चित्रकूट चोर पकड़ जाने के बाद भी चोरी का पूरा सामान न बरामद होने से क्षुब्ध पीड़ित व्यक्ति ने एसपी को दिया प्रार्थना पत्र ,मामला राजापुर थाना अंतर्गत पराको गांव का1
- “शहर की बदहाल सड़कों को लेकर जल्द होगा उग्र आंदोलन — ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष जतिन शाह का ऐलान।”1