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Mahendragarh 24 News live
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- आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं। प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। बढ़ती जन-आस्था जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।3
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