मिर्जापुर: जनहित की आवाज: सिम कंपनियों की 28 दिन की वैधता और महंगे रिचार्ज पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश जनपद मिर्जापुर तहसील लालगंज से दूरसंचार सेवाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा सामने आया है। प्रयाग नेशनल टीवी न्यूज़ के पत्रकार संतोष कुमार के अध्यक्षता में और स्थानीय क्षेत्र के जागरूक नागरिकों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों— Reliance Jio, Bharti Airtel, Vodafone Idea तथा सरकारी उपक्रम Bharat Sanchar Nigam Limited—द्वारा दिए जा रहे प्रीपेड रिचार्ज प्लानों की वैधता और बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता व्यक्त की है। प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकांश कंपनियां अपने प्रीपेड प्लानों में 30–31 दिन के स्थान पर केवल 27 या 28 दिन की वैधता दे रही हैं, जबकि सामान्य कैलेंडर माह 30 या 31 दिन का होता है। इस व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं को वर्ष में 12 की बजाय 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। *इनकमिंग कॉल बंद होने पर आपत्ति* ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई योजनाओं में रिचार्ज समाप्त होते ही इनकमिंग कॉल सुविधा भी बंद कर दी जाती है। इसे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, श्रमिकों और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत असुविधाजनक बताया गया है। मांग की गई है कि इनकमिंग कॉल सुविधा को अनलिमिटेड अथवा निःशुल्क जारी रखा जाए, क्योंकि यह मूलभूत संचार सेवा है। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि— सभी दूरसंचार कंपनियों को कम से कम 30–31 दिन की वैधता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। रिचार्ज समाप्त होने के बाद भी इनकमिंग कॉल सुविधा अनलिमिटेड रखी जाए। उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। रिचार्ज दरों की समीक्षा कर उन्हें किफायती बनाया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है और उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत प्रतीत होती है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है। कहां पर उपस्थित। पत्रकार रमेश कुमार मौर्य और भूपनारायण मौर्य, एडवोकेट कमलेश कुमार गौतम, शरद कुमार मौर्य, धनेश्वर गौतम, लालजीत गौतम उमेश सिंह अनिल मौर्य, नित्यानंद मौर्य, अनूप तिवारी, समाज सेवक डॉ अरुण कुमार मौर्य, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुरेश कुमार गौतम, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मिर्जापुर: जनहित की आवाज: सिम कंपनियों की 28 दिन की वैधता और महंगे रिचार्ज पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश जनपद मिर्जापुर तहसील लालगंज से दूरसंचार सेवाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा सामने आया है। प्रयाग नेशनल टीवी न्यूज़ के पत्रकार संतोष कुमार के अध्यक्षता में और स्थानीय क्षेत्र के जागरूक नागरिकों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों— Reliance Jio, Bharti Airtel, Vodafone Idea तथा सरकारी उपक्रम Bharat Sanchar Nigam Limited—द्वारा दिए जा रहे प्रीपेड रिचार्ज प्लानों की वैधता और बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता व्यक्त की है। प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकांश कंपनियां अपने प्रीपेड प्लानों में 30–31 दिन के स्थान पर केवल 27 या 28 दिन की वैधता दे रही हैं, जबकि सामान्य कैलेंडर माह 30 या 31 दिन का होता है। इस व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं को वर्ष में 12 की बजाय 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। *इनकमिंग कॉल बंद होने पर आपत्ति* ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई योजनाओं में रिचार्ज समाप्त होते ही इनकमिंग कॉल सुविधा भी बंद कर दी जाती है। इसे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, श्रमिकों और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत असुविधाजनक बताया गया है। मांग की गई है कि इनकमिंग कॉल सुविधा को अनलिमिटेड अथवा निःशुल्क जारी रखा जाए, क्योंकि यह मूलभूत संचार सेवा है। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि— सभी दूरसंचार कंपनियों को कम से कम 30–31 दिन की वैधता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। रिचार्ज समाप्त होने के बाद भी इनकमिंग कॉल सुविधा अनलिमिटेड रखी जाए। उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। रिचार्ज दरों की समीक्षा कर उन्हें किफायती बनाया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है और उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत प्रतीत होती है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है। कहां पर उपस्थित। पत्रकार रमेश कुमार मौर्य और भूपनारायण मौर्य, एडवोकेट कमलेश कुमार गौतम, शरद कुमार मौर्य, धनेश्वर गौतम, लालजीत गौतम उमेश सिंह अनिल मौर्य, नित्यानंद मौर्य, अनूप तिवारी, समाज सेवक डॉ अरुण कुमार मौर्य, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुरेश कुमार गौतम, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- मिर्जापुर में रोड चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है, जिससे आने वाले समय में जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। भरूहना से मेडिकल कॉलेज तक 50 फीट चौड़ी सड़क बनने से जाम की समस्या खत्म होगी, जिससे वाराणसी जाने वालों को भी फायदा मिलेगा1
- एयर एम्बुलेंस क्रैश: रांची से दिल्ली जा रहा विमान चतरा के जंगलों में गिरा, 7 लोग थे सवार झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा टेकऑफ के कुछ ही देर बाद हुआ, जब विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। बाद में विमान का मलबा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के जंगलों में मिला। जानकारी के अनुसार एयर एम्बुलेंस दिल्ली जा रही थी। विमान में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट, 1 मरीज, 1 डॉक्टर, 1 पैरामेडिक और 2 अटेंडेंट शामिल थे। मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिला जेल में तैनात एक जेल वार्डर (सिपाही) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पहचान आनंद शुक्ला (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई हफ्तों (कुछ रिपोर्ट्स में तीन दिनों से अधिक) से बीमार चल रहे थे, पैरों में झनझनाहट की शिकायत थी, और उन्होंने इलाज के लिए छुट्टी की मांग की थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली। रविवार शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से मंडलीय अस्पताल (मंडली चिकित्सालय) ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात साढ़े आठ बजे के आसपास उनकी मौत हो गई। परिजनों, खासकर उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला ने जेल अधीक्षक पर आरोप लगाया है कि इलाज के लिए समय पर छुट्टी नहीं दी गई, जिससे तबीयत और बिगड़ गई। परिवार और कुछ जेल कर्मियों का कहना है कि यह लापरवाही का मामला है। जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जब पत्रकारों ने जेल अधीक्षक से सवाल किए तो उन्होंने नाराजगी जताई और आरोपों को खारिज किया। प्रशासन का पक्ष है कि सिपाही को जरूरी मदद दी गई थी, लेकिन घटना की जांच चल रही है। #viralvideo1
- Post by Anupam Newspaper1
- Post by शिव गंगा लाइफ न्यूज1
- Post by Anis Akhtar1
- भाकपा माले विधानसभा लखनऊ 23 फरवरी 20261
- मिर्जापुर के जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट के सामने लगने वाले भीषण जाम से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस जाम के कारण मरीज, गर्भवती महिलाएं और दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को मंडलीय चिकित्सालय पहुंचने में मुश्किल हो रही है। मानवाधिकार संगठन ने प्रशासन से इस संबंध में ठोस कार्रवाई की मांग की है।सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस भीषण जाम से राहत दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं। जिला मुख्यालय से मंडलीय एवं ट्रामा सेंटर जाने वाला मुख्य मार्ग आए दिन जाम से घिरा रहता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।3