रोहतास/बिहार, तुतला भवानी के बेजुबानों की पुकार का हुआ समाधान, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सोशल मीडिया की ताकत और एक जागरूक संदेश का असर आज रोहतास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तुतला भवानी धाम में साफ देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र में जीव-जंतुओं की बदहाली और भूख-प्यास से उनके तड़पने का एक वीडियो संदेश वायरल हुआ था, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में लोग पुण्य कमाने और इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। क्या था मामला? विदित हो कि तुतला धाम परिसर और आस-पास के जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु (खासकर बंदर) भोजन और पानी की कमी के कारण काफी परेशान थे। भूख से तड़पते ये जानवर अक्सर श्रद्धालुओं के पास पहुँच जाते थे और भोजन की तलाश में उनके बैग या सामग्री छीनने को मजबूर थे। इससे न केवल जानवरों को कष्ट हो रहा था, बल्कि धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु भी भयभीत और परेशान रहते थे। वीडियो संदेश ने जगाई मानवता वीडियो के वायरल होने के बाद, धाम की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। आज स्थिति यह है कि अब मंदिर आने वाले लोग अपने साथ फल, चना और अन्य खाद्य सामग्रियां लेकर पहुँच रहे हैं ताकि इन जीवों का पेट भर सकें। जब जानवरों को आसानी से भोजन मिल रहा है, तो उन्होंने श्रद्धालुओं को परेशान करना या सामान छीनना बंद कर दिया है। तुतला भवानी धाम अब केवल दर्शन का ही नहीं, बल्कि जीव-सेवा के माध्यम से पुण्य कमाने का भी बड़ा केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों की राय स्थानीय दुकानदारों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से धाम का माहौल शांत हुआ है। वन्यजीवों के प्रति इस संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। निष्कर्ष: "मानव सेवा ही माधव सेवा है", लेकिन बेजुबानों की सेवा भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। तुतला धाम में आया यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मुद्दे को सही तरीके से उठाया जाए, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
रोहतास/बिहार, तुतला भवानी के बेजुबानों की पुकार का हुआ समाधान, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सोशल मीडिया की ताकत और एक जागरूक संदेश का असर आज रोहतास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तुतला भवानी धाम में साफ देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र में जीव-जंतुओं की बदहाली और भूख-प्यास से उनके तड़पने का एक वीडियो संदेश वायरल हुआ था, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में लोग पुण्य कमाने और इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। क्या था मामला? विदित हो कि तुतला धाम परिसर और आस-पास के जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु (खासकर बंदर) भोजन और पानी की कमी के कारण काफी परेशान थे। भूख से तड़पते ये जानवर अक्सर श्रद्धालुओं के पास पहुँच जाते थे और भोजन की तलाश में उनके बैग या सामग्री छीनने को मजबूर थे। इससे न केवल जानवरों को कष्ट हो रहा था, बल्कि धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु भी भयभीत और परेशान रहते थे। वीडियो संदेश ने जगाई मानवता वीडियो के वायरल होने के बाद, धाम की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। आज स्थिति यह है कि अब मंदिर आने वाले लोग अपने साथ फल, चना और अन्य खाद्य सामग्रियां लेकर पहुँच रहे हैं ताकि इन जीवों का पेट भर सकें। जब जानवरों को आसानी से भोजन मिल रहा है, तो उन्होंने श्रद्धालुओं को परेशान करना या सामान छीनना बंद कर दिया है। तुतला भवानी धाम अब केवल दर्शन का ही नहीं, बल्कि जीव-सेवा के माध्यम से पुण्य कमाने का भी बड़ा केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों की राय स्थानीय दुकानदारों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से धाम का माहौल शांत हुआ है। वन्यजीवों के प्रति इस संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। निष्कर्ष: "मानव सेवा ही माधव सेवा है", लेकिन बेजुबानों की सेवा भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। तुतला धाम में आया यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मुद्दे को सही तरीके से उठाया जाए, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
- क्या ये है उत्तर प्रदेश का विकास? जनपद चन्दौली के सरकारी आवासों की हालत देखकर आप दंग रह जाएंगे। यहाँ करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियाँ अब पानी नहीं, बल्कि कूड़ा उगल रही हैं। 🚫 बदहाली की हद: कूड़ेदान बनी टंकी: पानी की सप्लाई के लिए बनी टंकी में प्लास्टिक और कचरे का अंबार लगा है। शौचालयों पर ताला: शौचालय बंद पड़े हैं और उनकी टंकियाँ टूट चुकी हैं। बीमारियों का घर: बजबजाती नालियां और गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है। प्रशासन सोया है और जनता परेशान है। इस वीडियो को इतना शेयर करें कि चन्दौली प्रशासन की नींद टूटे और यहाँ रहने वालों को नरक से मुक्ति1
- चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रविवार रात एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सड़क निरीक्षण किया। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा हटाने के लिए दुकानदारों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद कई दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। समय सीमा पूरी होते ही बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी गई है।1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- Lucknow se pryagraj jane wali हाईवे पर लगी आग1
- थाना म्योरपुर क्षेत्र में नाबालिग बच्ची का शव मिलने पर एएसपी अनिल कुमार का बयान1
- गढ़वा: खरौंधी में अवैध महुआ शराब पर पुलिस का शिकंजा,300 किलो जावा महुआ व उपकरण मौके पर नष्ट,थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली बड़ी छापेमारी,अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप, अभियान जारी1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- लोकेशन सोनभद्र रिपोर्टर भरत कुमार तपता सोनभद्र तापमान 43 पार, लू के थपेड़ों से बेहाल जनजीवन, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़। Anchor: सोनभद्र में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।मौसम विभाग के मुताबिक जनपद का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। Vo: दरअसल सोनभद्र में लगातार बढ़ते तापमान ने हालात गंभीर कर दिए हैं।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन दिनों अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।तेज धूप और लू के कारण दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर ढककर और बचाव के उपाय करते नजर आ रहे हैं।गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 700 के पार पहुंच गई है।डॉक्टरों के मुताबिक डिहाइड्रेशन, बुखार और लू लगने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।स्थिति यह है कि सुबह होते ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।ऐसे में लोग खुद को घरों में कैद रखने को मजबूर हैं और जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सोनभद्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और हीट वेव के संकेत मिल रहे हैं। इसको लेकर डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।3
- Post by Bangeshwari Narayan Singh1