लोकेशन सोनभद्र रिपोर्टर भरत कुमार तपता सोनभद्र तापमान 43 पार, लू के थपेड़ों से बेहाल जनजीवन, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़। Anchor: सोनभद्र में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।मौसम विभाग के मुताबिक जनपद का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। Vo: दरअसल सोनभद्र में लगातार बढ़ते तापमान ने हालात गंभीर कर दिए हैं।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन दिनों अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।तेज धूप और लू के कारण दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर ढककर और बचाव के उपाय करते नजर आ रहे हैं।गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 700 के पार पहुंच गई है।डॉक्टरों के मुताबिक डिहाइड्रेशन, बुखार और लू लगने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।स्थिति यह है कि सुबह होते ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।ऐसे में लोग खुद को घरों में कैद रखने को मजबूर हैं और जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सोनभद्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और हीट वेव के संकेत मिल रहे हैं। इसको लेकर डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लोकेशन सोनभद्र रिपोर्टर भरत कुमार तपता सोनभद्र तापमान 43 पार, लू के थपेड़ों से बेहाल जनजीवन, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़। Anchor: सोनभद्र में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।मौसम विभाग के मुताबिक जनपद का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। Vo: दरअसल सोनभद्र में लगातार बढ़ते तापमान ने हालात गंभीर कर दिए हैं।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन दिनों अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में
भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।तेज धूप और लू के कारण दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर ढककर और बचाव के उपाय करते नजर आ रहे हैं।गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 700 के पार पहुंच गई है।डॉक्टरों के मुताबिक डिहाइड्रेशन, बुखार और लू लगने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।स्थिति यह है कि सुबह होते ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।ऐसे में लोग खुद को घरों में कैद रखने को मजबूर हैं और जरूरी
होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सोनभद्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और हीट वेव के संकेत मिल रहे हैं। इसको लेकर डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- Post by Bangeshwari Narayan Singh1
- “Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।1
- गढ़वा: खरौंधी में अवैध महुआ शराब पर पुलिस का शिकंजा,300 किलो जावा महुआ व उपकरण मौके पर नष्ट,थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली बड़ी छापेमारी,अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप, अभियान जारी1
- Post by Gurumer Singh1
- सोशल मीडिया की ताकत और एक जागरूक संदेश का असर आज रोहतास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तुतला भवानी धाम में साफ देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र में जीव-जंतुओं की बदहाली और भूख-प्यास से उनके तड़पने का एक वीडियो संदेश वायरल हुआ था, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में लोग पुण्य कमाने और इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। क्या था मामला? विदित हो कि तुतला धाम परिसर और आस-पास के जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु (खासकर बंदर) भोजन और पानी की कमी के कारण काफी परेशान थे। भूख से तड़पते ये जानवर अक्सर श्रद्धालुओं के पास पहुँच जाते थे और भोजन की तलाश में उनके बैग या सामग्री छीनने को मजबूर थे। इससे न केवल जानवरों को कष्ट हो रहा था, बल्कि धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु भी भयभीत और परेशान रहते थे। वीडियो संदेश ने जगाई मानवता वीडियो के वायरल होने के बाद, धाम की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। आज स्थिति यह है कि अब मंदिर आने वाले लोग अपने साथ फल, चना और अन्य खाद्य सामग्रियां लेकर पहुँच रहे हैं ताकि इन जीवों का पेट भर सकें। जब जानवरों को आसानी से भोजन मिल रहा है, तो उन्होंने श्रद्धालुओं को परेशान करना या सामान छीनना बंद कर दिया है। तुतला भवानी धाम अब केवल दर्शन का ही नहीं, बल्कि जीव-सेवा के माध्यम से पुण्य कमाने का भी बड़ा केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों की राय स्थानीय दुकानदारों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से धाम का माहौल शांत हुआ है। वन्यजीवों के प्रति इस संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। निष्कर्ष: "मानव सेवा ही माधव सेवा है", लेकिन बेजुबानों की सेवा भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। तुतला धाम में आया यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मुद्दे को सही तरीके से उठाया जाए, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।1
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- Post by Gurumer Singh1
- काफी खोजबीन के बाद झांपी दह में दूसरे दिन मिला वसीम का शव। घर से फुटबॉल खेलने को कहकर चार दोस्तों के साथ पहुंच गया झिगुरदा जंगल के झांपी दह में। जिला सिंगरौली के मोरवा थाना क्षेत्र के रहने वाले 15 वर्षीय किशोर गुलाम वारिस का संदिग्ध परिस्थितियों में झींगुरदा जंगल के झांपी दह में डूबने से मौत हो गई जानकारी के अनुसार रविवार के सुबह वह अपने घर से फुटबॉल खेलने को कहकर चार दोस्तों के साथ निकाला था मृतक क्राइस ज्योति स्कूल में दसवीं का छात्र था उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन है परिजनों के अनुसार मृतक गुलाम वारिस अपने दोस्त अभिनेंद्र प्रतीक और रवि के साथ फुटबॉल खेलने के बात कह कर घर से निकाला लेकिन बाद में वह झींगुरडदा स्थित हनुमान मंदिर के पीछे झांपी दह में नहाने चला गया सुबह 9:00 बजे जब उसके पिता धनबाद से लौटे तो गुलाम को घर में न पाकर उन्होंने उसे संपर्क करना चाहा जिसे लेकर उसको दोस्तों को भी फोन किया गया परंतु उनका फोन नहीं उठा इसके बाद उसके दोस्तों के परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी ली गई इसके बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर रविवार को पहुंचे और लापता गुलाम वारिस को खोजबीन शुरू की परिजन शक जाहिर करते हुए कहे की फुटबॉल घटनास्थल से काफी दूर सड़क किनारे पड़ा मिला जबकि दोस्तों का कहना था कि उसे बचाने के लिए फुटबॉल पानी में फेंकी गई थी परिवार का आरोप है कि उनके बेटे के साथ क्या हुआ इसके बारे में उसके दोस्त सही जानकारी नहीं दे रहे हैं और मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है रविवार शाम तक लोग जंगल और दह के पानी में टायर के नाव बनाकर खोजबीन करते रहे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली सोमवार सुबह बनारस से चली एनडीआरएफ के टीम के राह देख रहे परिजन और स्थानीय लोगों ने फिर स्वयं सर्च ऑपरेशन शुरू किया और करीब सुबह 9:00 बजे किशोर का शव बरामद कर ली घटना के सूचना मिलने पर अनपरा पुलिस मौके पर पहुंची और आगे के कार्रवाई शुरू की परिजनों ने बताया कि मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है घटनास्थल उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अनपरा क्षेत्र में आता है इसलिए अनपरा पुलिस द्वारा मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है और सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही हैं।4