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“Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। “Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।

4 hrs ago
user_Awaaz -e-Bharat
Awaaz -e-Bharat
Chand, Kaimur (Bhabua)•
4 hrs ago

“Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। “Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।

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  • “Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है। यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।
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    “Tum mujhe khoon do, main tumhe azaadi dunga” भारत के महान क्रांतिकारी नेता Subhas Chandra Bose (नेताजी) का प्रसिद्ध नारा है।
यह नारा उन्होंने 1944 में बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में दिया था, जब वे आज़ाद हिंद फौज (INA) के लिए भारतीयों को प्रेरित कर रहे थे। इसका मतलब था कि अगर लोग देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ—यहाँ तक कि जान भी—देने को तैयार हों, तो स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है।
यह नारा आज भी देशभक्ति, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    Chand, Kaimur (Bhabua)•
    4 hrs ago
  • Post by आजाद जमावादी
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    Post by आजाद जमावादी
    user_आजाद जमावादी
    आजाद जमावादी
    Local News Reporter चैनपुर, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    53 min ago
  • सोशल मीडिया की ताकत और एक जागरूक संदेश का असर आज रोहतास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तुतला भवानी धाम में साफ देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र में जीव-जंतुओं की बदहाली और भूख-प्यास से उनके तड़पने का एक वीडियो संदेश वायरल हुआ था, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में लोग पुण्य कमाने और इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। क्या था मामला? विदित हो कि तुतला धाम परिसर और आस-पास के जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु (खासकर बंदर) भोजन और पानी की कमी के कारण काफी परेशान थे। भूख से तड़पते ये जानवर अक्सर श्रद्धालुओं के पास पहुँच जाते थे और भोजन की तलाश में उनके बैग या सामग्री छीनने को मजबूर थे। इससे न केवल जानवरों को कष्ट हो रहा था, बल्कि धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु भी भयभीत और परेशान रहते थे। वीडियो संदेश ने जगाई मानवता वीडियो के वायरल होने के बाद, धाम की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। आज स्थिति यह है कि अब मंदिर आने वाले लोग अपने साथ फल, चना और अन्य खाद्य सामग्रियां लेकर पहुँच रहे हैं ताकि इन जीवों का पेट भर सकें। जब जानवरों को आसानी से भोजन मिल रहा है, तो उन्होंने श्रद्धालुओं को परेशान करना या सामान छीनना बंद कर दिया है। तुतला भवानी धाम अब केवल दर्शन का ही नहीं, बल्कि जीव-सेवा के माध्यम से पुण्य कमाने का भी बड़ा केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों की राय स्थानीय दुकानदारों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से धाम का माहौल शांत हुआ है। वन्यजीवों के प्रति इस संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। निष्कर्ष: "मानव सेवा ही माधव सेवा है", लेकिन बेजुबानों की सेवा भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। तुतला धाम में आया यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मुद्दे को सही तरीके से उठाया जाए, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
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    सोशल मीडिया की ताकत और एक जागरूक संदेश का असर आज रोहतास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तुतला भवानी धाम में साफ देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र में जीव-जंतुओं की बदहाली और भूख-प्यास से उनके तड़पने का एक वीडियो संदेश वायरल हुआ था, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में लोग पुण्य कमाने और इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
क्या था मामला?
विदित हो कि तुतला धाम परिसर और आस-पास के जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु (खासकर बंदर) भोजन और पानी की कमी के कारण काफी परेशान थे। भूख से तड़पते ये जानवर अक्सर श्रद्धालुओं के पास पहुँच जाते थे और भोजन की तलाश में उनके बैग या सामग्री छीनने को मजबूर थे। इससे न केवल जानवरों को कष्ट हो रहा था, बल्कि धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु भी भयभीत और परेशान रहते थे।
वीडियो संदेश ने जगाई मानवता
वीडियो के वायरल होने के बाद, धाम की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। आज स्थिति यह है कि अब मंदिर आने वाले लोग अपने साथ फल, चना और अन्य खाद्य सामग्रियां लेकर पहुँच रहे हैं ताकि इन जीवों का पेट भर सकें। जब जानवरों को आसानी से भोजन मिल रहा है, तो उन्होंने श्रद्धालुओं को परेशान करना या सामान छीनना बंद कर दिया है। तुतला भवानी धाम अब केवल दर्शन का ही नहीं, बल्कि जीव-सेवा के माध्यम से पुण्य कमाने का भी बड़ा केंद्र बन गया है। 
स्थानीय लोगों की राय
स्थानीय दुकानदारों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से धाम का माहौल शांत हुआ है। वन्यजीवों के प्रति इस संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।
निष्कर्ष: "मानव सेवा ही माधव सेवा है", लेकिन बेजुबानों की सेवा भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। तुतला धाम में आया यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मुद्दे को सही तरीके से उठाया जाए, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
    user_Satyam Kumar Upadhyay
    Satyam Kumar Upadhyay
    Local News Reporter Bhabua, Patna•
    12 hrs ago
  • कैमूर /भभुआ सोमवार: जिले के सदर अस्पताल भभुआ में सोमवार को इलाज कराने को लेकर पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाना में तैनात कॉन्स्टेबल मो. इरफान पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी राज किशोर बिंद ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया और अन्य मरीजों के इलाज में व्यस्त हो गए। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मी मो. इरफान का आरोप है कि स्लाइन खत्म होने के बाद सुई लगी जगह से खून बहने लगा। जब वह इसकी शिकायत करने स्वास्थ्यकर्मी के पास गए, तो उन्हें कमरे में बंद कर राजकिशोर बिंद समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। वहीं स्वास्थ्यकर्मी राजकिशोर बिंद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक अन्य इमरजेंसी मरीज का इलाज कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी कमरे में आए और अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और नगर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। दोनों पक्षों के घायल होने की भी सूचना है। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी के बीच झड़प की जानकारी मिली है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
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    कैमूर /भभुआ सोमवार:
जिले के सदर अस्पताल भभुआ में सोमवार को इलाज कराने को लेकर पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाना में तैनात कॉन्स्टेबल मो. इरफान पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी राज किशोर बिंद ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया और अन्य मरीजों के इलाज में व्यस्त हो गए।
इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मी मो. इरफान का आरोप है कि स्लाइन खत्म होने के बाद सुई लगी जगह से खून बहने लगा। जब वह इसकी शिकायत करने स्वास्थ्यकर्मी के पास गए, तो उन्हें कमरे में बंद कर राजकिशोर बिंद समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
वहीं स्वास्थ्यकर्मी राजकिशोर बिंद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक अन्य इमरजेंसी मरीज का इलाज कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी कमरे में आए और अचानक उन पर हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और नगर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। दोनों पक्षों के घायल होने की भी सूचना है।
सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी के बीच झड़प की जानकारी मिली है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    14 hrs ago
  • क्या ये है उत्तर प्रदेश का विकास? जनपद चन्दौली के सरकारी आवासों की हालत देखकर आप दंग रह जाएंगे। यहाँ करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियाँ अब पानी नहीं, बल्कि कूड़ा उगल रही हैं। 🚫 बदहाली की हद: कूड़ेदान बनी टंकी: पानी की सप्लाई के लिए बनी टंकी में प्लास्टिक और कचरे का अंबार लगा है। शौचालयों पर ताला: शौचालय बंद पड़े हैं और उनकी टंकियाँ टूट चुकी हैं। बीमारियों का घर: बजबजाती नालियां और गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है। प्रशासन सोया है और जनता परेशान है। इस वीडियो को इतना शेयर करें कि चन्दौली प्रशासन की नींद टूटे और यहाँ रहने वालों को नरक से मुक्ति
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    क्या ये है उत्तर प्रदेश का विकास? जनपद चन्दौली के सरकारी आवासों की हालत देखकर आप दंग रह जाएंगे। यहाँ करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियाँ अब पानी नहीं, बल्कि कूड़ा उगल रही हैं।
🚫 बदहाली की हद:
कूड़ेदान बनी टंकी: पानी की सप्लाई के लिए बनी टंकी में प्लास्टिक और कचरे का अंबार लगा है।
शौचालयों पर ताला: शौचालय बंद पड़े हैं और उनकी टंकियाँ टूट चुकी हैं।
बीमारियों का घर: बजबजाती नालियां और गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है।
प्रशासन सोया है और जनता परेशान है। इस वीडियो को इतना शेयर करें कि चन्दौली प्रशासन की नींद टूटे और यहाँ रहने वालों को नरक से मुक्ति
    user_दीवान इमरान अहमद
    दीवान इमरान अहमद
    Court reporter चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रविवार रात एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सड़क निरीक्षण किया। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा हटाने के लिए दुकानदारों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद कई दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। समय सीमा पूरी होते ही बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी गई है।
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    चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रविवार रात एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सड़क निरीक्षण किया। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा हटाने के लिए दुकानदारों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद कई दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। समय सीमा पूरी होते ही बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी गई है।
    user_Shrikant Sagar
    Shrikant Sagar
    Media house मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
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    Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
    user_पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
    Local News Reporter रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Awaaz -e-Bharat
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    Post by Awaaz -e-Bharat
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    Chand, Kaimur (Bhabua)•
    13 hrs ago
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