सदर अस्पताल भभुआ में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य कर्मी के बीच मारपीट ,जांच शुरू अन्य इलाजरत मरीजों के बीच दहशत का माहौल! कैमूर /भभुआ सोमवार: जिले के सदर अस्पताल भभुआ में सोमवार को इलाज कराने को लेकर पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाना में तैनात कॉन्स्टेबल मो. इरफान पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी राज किशोर बिंद ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया और अन्य मरीजों के इलाज में व्यस्त हो गए। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मी मो. इरफान का आरोप है कि स्लाइन खत्म होने के बाद सुई लगी जगह से खून बहने लगा। जब वह इसकी शिकायत करने स्वास्थ्यकर्मी के पास गए, तो उन्हें कमरे में बंद कर राजकिशोर बिंद समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। वहीं स्वास्थ्यकर्मी राजकिशोर बिंद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक अन्य इमरजेंसी मरीज का इलाज कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी कमरे में आए और अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और नगर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। दोनों पक्षों के घायल होने की भी सूचना है। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी के बीच झड़प की जानकारी मिली है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
सदर अस्पताल भभुआ में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य कर्मी के बीच मारपीट ,जांच शुरू अन्य इलाजरत मरीजों के बीच दहशत का माहौल! कैमूर /भभुआ सोमवार: जिले के सदर अस्पताल भभुआ में सोमवार को इलाज कराने को लेकर पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के
अनुसार, नगर थाना में तैनात कॉन्स्टेबल मो. इरफान पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी राज किशोर बिंद ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया और अन्य मरीजों के इलाज में व्यस्त हो गए। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मी मो. इरफान का आरोप है कि स्लाइन खत्म होने के बाद सुई लगी जगह से खून बहने लगा।
जब वह इसकी शिकायत करने स्वास्थ्यकर्मी के पास गए, तो उन्हें कमरे में बंद कर राजकिशोर बिंद समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। वहीं स्वास्थ्यकर्मी राजकिशोर बिंद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक अन्य इमरजेंसी मरीज का इलाज कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी कमरे में आए और अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और नगर थानाध्यक्ष मुकेश
कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। दोनों पक्षों के घायल होने की भी सूचना है। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी के बीच झड़प की जानकारी मिली है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
- क्या ये है उत्तर प्रदेश का विकास? जनपद चन्दौली के सरकारी आवासों की हालत देखकर आप दंग रह जाएंगे। यहाँ करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियाँ अब पानी नहीं, बल्कि कूड़ा उगल रही हैं। 🚫 बदहाली की हद: कूड़ेदान बनी टंकी: पानी की सप्लाई के लिए बनी टंकी में प्लास्टिक और कचरे का अंबार लगा है। शौचालयों पर ताला: शौचालय बंद पड़े हैं और उनकी टंकियाँ टूट चुकी हैं। बीमारियों का घर: बजबजाती नालियां और गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है। प्रशासन सोया है और जनता परेशान है। इस वीडियो को इतना शेयर करें कि चन्दौली प्रशासन की नींद टूटे और यहाँ रहने वालों को नरक से मुक्ति1
- चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रविवार रात एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सड़क निरीक्षण किया। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा हटाने के लिए दुकानदारों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद कई दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। समय सीमा पूरी होते ही बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी गई है।1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- Lucknow se pryagraj jane wali हाईवे पर लगी आग1
- थाना म्योरपुर क्षेत्र में नाबालिग बच्ची का शव मिलने पर एएसपी अनिल कुमार का बयान1
- गढ़वा: खरौंधी में अवैध महुआ शराब पर पुलिस का शिकंजा,300 किलो जावा महुआ व उपकरण मौके पर नष्ट,थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली बड़ी छापेमारी,अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप, अभियान जारी1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- लोकेशन सोनभद्र रिपोर्टर भरत कुमार तपता सोनभद्र तापमान 43 पार, लू के थपेड़ों से बेहाल जनजीवन, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़। Anchor: सोनभद्र में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।मौसम विभाग के मुताबिक जनपद का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। Vo: दरअसल सोनभद्र में लगातार बढ़ते तापमान ने हालात गंभीर कर दिए हैं।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन दिनों अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।तेज धूप और लू के कारण दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर ढककर और बचाव के उपाय करते नजर आ रहे हैं।गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 700 के पार पहुंच गई है।डॉक्टरों के मुताबिक डिहाइड्रेशन, बुखार और लू लगने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।स्थिति यह है कि सुबह होते ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।ऐसे में लोग खुद को घरों में कैद रखने को मजबूर हैं और जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सोनभद्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और हीट वेव के संकेत मिल रहे हैं। इसको लेकर डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।3
- Post by Bangeshwari Narayan Singh1