झारखंड के गुमला समाहरणालय परिसर स्थित जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), राँची की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने कार्यालय के बड़ा बाबू रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक वत्स रविकांत को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई के दौरान डीएसई कार्यालय के भीतर अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल देखा गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए राँची ले जाया गया है। यह मामला एक शिक्षक के एरियर भुगतान से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित शिक्षक ने एसीबी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और दोनों को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी के अधिकारियों ने कार्यालय के भीतर एक बंद कमरे में आवश्यक जांच-पड़ताल भी की। राँची से पहुँची एसीबी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि रिश्वतखोरी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी बाद में एसीबी मुख्यालय, राँची द्वारा जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी रिश्वतखोरी के एक मामले में एसीबी ने तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था। इस पूरे प्रकरण पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
झारखंड के गुमला समाहरणालय परिसर स्थित जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), राँची की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने कार्यालय के बड़ा बाबू रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक वत्स रविकांत को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई के दौरान डीएसई कार्यालय के भीतर अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल देखा गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए राँची ले जाया गया है। यह मामला एक शिक्षक
के एरियर भुगतान से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित शिक्षक ने एसीबी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और दोनों को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी के अधिकारियों ने कार्यालय के भीतर एक बंद कमरे में आवश्यक जांच-पड़ताल भी की। राँची से पहुँची एसीबी टीम का नेतृत्व कर रहे
डीएसपी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि रिश्वतखोरी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी बाद में एसीबी मुख्यालय, राँची द्वारा जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी रिश्वतखोरी के एक मामले में एसीबी ने तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था। इस पूरे प्रकरण पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
- गुमला के सिसई स्थित कुरगी बाजार का एक व्लॉग सामने आया है, जिसमें यहाँ मिलने वाली स्वादिष्ट और लाजवाब जलेबी की बात कही गई है। इसके साथ ही बाबू भी इस बाजार में बहुत ज्यादा घूम रहा है।1
- गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलती एक बेहद संवेदनहीन और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही, समय पर एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय मासूम छात्रा शिवानी कुमारी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। चैनपुर प्रेमनगर निवासी राजकुमार लोहरा की बेटी शिवानी कुमारी सुबह रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए यूनिफॉर्म पहन रही थी, तभी अचानक उसके सिर में असहनीय तेज दर्द शुरू हुआ और उल्टियां होने लगीं। लाचार परिजन उसे तुरंत चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहाँ उसे कोई राहत नहीं मिली। मृतक छात्रा के पिता राजकुमार लोहरा ने रोते हुए बताया कि अस्पताल पहुंचने पर किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी ने उनकी गंभीर रूप से बीमार बेटी का प्राथमिक उपचार तक नहीं किया और सीधे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। शिवानी की स्थिति और नाजुक होने पर जब परिजनों ने सरकारी एम्बुलेंस की गुहार लगाई, तो अस्पताल प्रबंधन ने एम्बुलेंस खराब होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। करीब एक से दो घंटे तक अस्पताल परिसर में तड़पने के बाद मजबूर पिता ने खुद एक निजी पिकअप वैन का इंतजाम किया। इसके बावजूद, चैनपुर अस्पताल प्रबंधन ने वैन में ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं कराई। परिजन शिवानी को लेकर किसी तरह गुमला सदर अस्पताल पहुंचे, जहाँ से उसे रिम्स रांची रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना से शोकाकुल माता राजमुनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका कहना है कि सरकारी अस्पताल की इसी बेरुखी ने उनकी बच्ची की जान ली है। इस हादसे के बाद से चैनपुर के स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले दोषी डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- झारखंड के गुमला में एसीबी की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी के क्लर्क और एक सेवानिवृत्त शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों आरोपियों को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया है।1
- भारत निर्वाचन आयोग और झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर गुमला जिले के सभी मतदान केंद्रों पर मंगलवार को बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक के साथ चुनाव पाठशाला का आयोजन किया गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची का सार्वजनिक रूप से वाचन किया गया। इसके साथ ही बैठक में अनमैप्ड मतदाताओं से संबंधित बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसी सिलसिले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर और नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मियों के साथ गुमला शहरी क्षेत्र के लुथरन हाई स्कूल और लुथरन मिडिल स्कूल परिसर में स्थित विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। करीब छह मतदान केंद्रों का जायजा लेते हुए उपायुक्त ने वहां संचालित चुनाव पाठशाला और बीएलओ-बीएलए-2 बैठक की गतिविधियों को देखा। उन्होंने बूथ स्तरीय अधिकारियों को इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने का निर्देश दिया और कहा कि कोई भी पात्र नागरिक इस अभियान से वंचित न रहे। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2026 के तहत 14 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 12 बजे तक जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की द्वितीय संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देशानुसार बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रारूप एएसडीडी सूची का अनिवार्य रूप से सार्वजनिक वाचन किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने सभी पात्र नागरिकों, मतदाताओं और संबंधित हितधारकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है ताकि जिले में शत-प्रतिशत त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।2
- लोहरदगा में सड़क निर्माण को लेकर भारी बवाल मच गया है। इस सड़क निर्माण कार्य से नाराज ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण इस निर्माण कार्य को लेकर बेहद आक्रोशित हैं और वे इस पूरे मामले की जांच चाहते हैं।1
- झारखंड के गुमला समाहरणालय परिसर स्थित जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), राँची की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने कार्यालय के बड़ा बाबू रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक वत्स रविकांत को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई के दौरान डीएसई कार्यालय के भीतर अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल देखा गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए राँची ले जाया गया है। यह मामला एक शिक्षक के एरियर भुगतान से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित शिक्षक ने एसीबी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और दोनों को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी के अधिकारियों ने कार्यालय के भीतर एक बंद कमरे में आवश्यक जांच-पड़ताल भी की। राँची से पहुँची एसीबी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि रिश्वतखोरी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी बाद में एसीबी मुख्यालय, राँची द्वारा जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी रिश्वतखोरी के एक मामले में एसीबी ने तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था। इस पूरे प्रकरण पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।3