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छापरिया में लापता युवक का इमली के पेड़ पर मिला शव, मर्डर या सुसाइड? पुलिस जांच में जुटी
Manoj Kumar
छापरिया में लापता युवक का इमली के पेड़ पर मिला शव, मर्डर या सुसाइड? पुलिस जांच में जुटी
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- Post by Manoj Kumar1
- Post by हर खबर आपके साथ1
- Post by Shivraj Singh ahirwar1
- आगर मालवा। बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर के पीछे कसाई देहरिया गांव जाने वाले मार्ग पर एक बरगद के पेड़ पर फांसी पर झूलता हुआ एक शव मिला। सुबह-सुबह जब राहगीरों की नजर पेड़ पर लटके शव पर पड़ी तो वे स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।1
- Om Shri Mahakali Kutumb Darbar Chandrapur Yatra5
- दतिया:दतिया में परशुराम जयंती पर निकली बाइक रैली शहर के मुख्य मार्गो से निकाली गई बाइक रैली। बाइक रैली में भाजपा नेता डॉ सुकर्ण मिश्रा भी हुए शामिल। बाइक रैली में जय जय परशुराम के नारे लगाते निकले युवा। परशुराम जयंती पर युवाओं में दिखा उत्साह, धूमधाम से मनाई जा रही हैं जयंती।।1
- रायपुर तहसील क्षेत्र के आसपास के गांवों में किसान इन दिनों प्याज की फसल तैयार करने में जुटे हुए हैं। अनुकूल मौसम और किसानों की कड़ी मेहनत के चलते फसल अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार हो रही है, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय किसानों के अनुसार प्याज की खेती लगभग 5 से 6 महीने में तैयार होती है। नवंबर माह में नर्सरी तैयार की जाती है और जनवरी के प्रथम सप्ताह में रोपाई की जाती है। इसके बाद नियमित देखभाल और करीब छह बार सिंचाई के बाद फसल तैयार होने की स्थिति में पहुंचती है। किसानों का कहना है कि इस बार एक बीघा जमीन में लगभग 60 से 70 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की उम्मीद है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है। अच्छी पैदावार से किसानों को मुनाफे की उम्मीद है, लेकिन बाजार भाव को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है। खेजरपुर निवासी धापू बाई दांगी का कहना है कि हर साल मेहनत के बावजूद उचित दाम नहीं मिलने से निराशा हाथ लगती है। इस बार फसल अच्छी है और मौसम ने भी साथ दिया है, इसलिए किसानों को अच्छे भाव मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन कभी रोग, कभी प्राकृतिक आपदा और कभी बाजार में कम दाम मिलने के कारण नुकसान उठाना पड़ता है। यदि समय पर अच्छे भाव मिल जाएं तो किसान तुरंत फसल बेचने को तैयार रहते हैं, अन्यथा भंडारण कर बेहतर कीमत का इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्याज के लिए स्थिर बाजार व्यवस्था और उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी मेहनत का सही लाभ मिल सके।2
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