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एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने उपखंडाधिकारी पर आरोप लगाया है कि उन्हें 10 बजे फोन पर सूचना दिए जाने के बावजूद भी वे ज्ञापन लेने के लिए नहीं रुके। यह आरोप वरिष्ठ कांग्रेसी नेता द्वारा खुद लगाए गए हैं।
रोहित वर्मा
एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने उपखंडाधिकारी पर आरोप लगाया है कि उन्हें 10 बजे फोन पर सूचना दिए जाने के बावजूद भी वे ज्ञापन लेने के लिए नहीं रुके। यह आरोप वरिष्ठ कांग्रेसी नेता द्वारा खुद लगाए गए हैं।
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- एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने उपखंडाधिकारी पर आरोप लगाया है कि उन्हें 10 बजे फोन पर सूचना दिए जाने के बावजूद भी वे ज्ञापन लेने के लिए नहीं रुके। यह आरोप वरिष्ठ कांग्रेसी नेता द्वारा खुद लगाए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक रेल हादसे में चार लोगों की जान चली गई। उत्तर मध्य रेलवे के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने की अफवाह के बाद यात्रियों में अचानक दहशत फैल गई। इस अफरा-तफरी के माहौल में किसी यात्री द्वारा चेन पुलिंग कर ट्रेन को बीच ट्रैक पर रोक दिया गया और कई यात्री नीचे उतर गए। ट्रेन के रुकने पर कुछ यात्री पास की दूसरी रेल लाइन पर पहुँच गए, तभी तेज गति से आ रही फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा तेजी से फैली थी, जिससे यात्री घबरा गए, हालांकि मोबाइल फटने की घटना की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है, वहीं रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे किसी भी स्थिति में बिना अनुमति ट्रेन से नीचे न उतरें और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें।1
- लाला चूरामन वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने राजकीय अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पौष्टिक खिचड़ी वितरित की। इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना तथा समाज को मानव सेवा के प्रति प्रेरित करना बताया गया। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में उपस्थित मरीजों से उनका हालचाल भी जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जोर दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य नियमित रूप से जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। मरीजों और उनके परिजनों ने ट्रस्ट के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विकास श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, संदीप गोस्वामी, जितेंद्र कौशिक, प्रकाश यादव, अनुपमा श्रीवास्तव, नीमा सिंह तोमर सहित ट्रस्ट के अनेक कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्य में भाग लिया।1
- भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने अपने एक दिवसीय भरतपुर दौरे के दौरान कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए गहलोत के एक हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें पूनिया ने कहा कि गहलोत ने अपना बयान देकर देश और भाजपा दोनों पर उपकार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में कुछ नेता अपने बयानों और आचरण से पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। डॉ. पूनिया ने गहलोत की बात में सच्चाई मानी कि यदि इंदिरा गांधी होतीं तो देश में आपातकाल जैसी परिस्थितियां देखने को मिलतीं, जहाँ लोगों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जाता, सेंसरशिप लागू होती और जनता की आस्था पर प्रहार होता। उन्होंने याद दिलाया कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था, जिसके दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ और हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया। पूनिया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस आज भले ही लोकतंत्र और संविधान की बात करती हो, लेकिन आपातकाल लगाने का इतिहास उसी का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था, और उस दौर की पीड़ा को उस समय की पीढ़ी अच्छी तरह जानती है जबकि नई पीढ़ी को इसकी जानकारी नहीं है। राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि अशोक गहलोत और कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 का सबसे अधिक दुरुपयोग किसने किया। पूनिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने 100 से अधिक बार अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया है। उन्होंने निष्कर्ष के तौर पर कहा कि गहलोत के बयान से देश को एक बार फिर कांग्रेस के शासनकाल की उन घटनाओं की याद आ गई है, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया था। पूनिया के अनुसार, जनता इतिहास को भूली नहीं है और कांग्रेस को लोकतंत्र पर उपदेश देने से पहले अपने अतीत पर भी नजर डालनी चाहिए।1
- कस्बे की राजाखेड़ा पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुधारने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शमशाबाद रोड स्थित चुंगी नाका पर एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने आने-जाने वाले वाहनों की गहन जांच की और उन वाहन चालकों पर तत्काल जुर्माना लगाया, जिन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया, जैसे कि बिना हेलमेट चलाना या ओवरलोडिंग करना। पुलिस ने कई वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह भी दी। थाना प्रभारी भीम सिंह ने सुबह 8 बजे बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और यह कार्य उच्च अधिकारियों के निर्देशन में आगे भी चलता रहेगा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है और यह उम्मीद जताई है कि इस तरह की नियमित चेकिंग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में सफाईकर्मियों ने नगरपालिका कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नगरपालिका कार्यालय के बाहर किया गया था।1
- धौलपुर जिले के कोलारी थाना क्षेत्र के कुरेन्ध ग्राम पंचायत अंतर्गत कुरेन्ध गाँव में स्थित धर्मशाला में किसी भी तरह का कोई काम या विकास कार्य नहीं हुआ है। शिकायत के अनुसार, इस धर्मशाला में अच्छी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण इसमें विवाह-शादी जैसे आयोजन भी नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को धर्मशाला की इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- धौलपुर शहर के ऑडेला रोड स्थित राजपूत हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय कृष्णा ठाकुर नामक युवक को कंधे में गोली लगी है, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना को लेकर निहाल गंज थाना पुलिस को मिली जानकारी और मौके पर मिले सबूतों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। घायल कृष्णा ठाकुर कंचनपुर थाना क्षेत्र के लालौनी गांव का निवासी बताया जा रहा है। युवक के साथ मौजूद छात्रों ने पुलिस को बताया था कि ऑडेला रोड पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कृष्णा को गोली मारी है। हालांकि, जब निहालगंज थाना पुलिस राजपूत हॉस्टल पहुँची और उसके कमरे की तलाशी ली, तो वहाँ खून के निशान पाए गए। इसके अलावा, छात्रावास परिसर में भी कई जगहों पर खून फैला हुआ मिला, जिससे छात्रों के बयानों और घटनास्थल के साक्ष्यों में सीधा विरोधाभास स्पष्ट हो गया। घटना स्थल और छात्रों के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली चलने की वास्तविक घटना कहाँ और किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, घायल युवक का उपचार जारी है और पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है। हालांकि इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है। छात्रावास के भीतर हुई इस रहस्यमयी गोलीकांड की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।1