झारखंड के लातेहार जिले में स्थित हिल स्टेशन नेतरहाट के नाशपाती बागान रैयती लोगों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, साथ ही ये स्थानीय पुरुषों और महिलाओं को फल तोड़ने, छंटाई, पैकिंग और ढुलाई जैसे कार्यों में मौसमी रोजगार भी प्रदान करते हैं। बेहतर बाजार, भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास से यह क्षेत्र बागवानी आधारित एक स्थायी आर्थिक मॉडल में बदल सकता है। नेतरहाट अपनी धुंध भरी वादियों, मनमोहक सूर्योदय व सूर्यास्त, घने जंगलों, शांत वातावरण और सुहावने मौसम के लिए भी जाना जाता है। एक हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित नेतरहाट पठारी क्षेत्र अपनी ठंडी व संतुलित जलवायु, पर्याप्त वर्षा और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी के कारण नाशपाती जैसे समशीतोष्ण फलों के लिए आदर्श प्राकृतिक परिवेश प्रदान करता है। यहां की नाशपाती अपने अनूठे आकार और मिठास के लिए जानी जाती है। कृषि विभाग का डंकन बागान अकेले 85 एकड़ में फैला हुआ है, जबकि कई स्थानीय लोग भी अपने निजी बागानों का प्रबंधन करते हैं। इन बागानों की नींव औपनिवेशिक काल में रखी गई थी और बाद में प्रशासनिक प्रयासों से इनका विस्तार हुआ; अधिकांश बड़े बागान आज भी सरकारी विभागों या संस्थागत प्रबंधन के अधीन हैं, हालांकि कुछ पेड़ स्थानीय लोगों के भी हैं। ये बागान न केवल प्रत्यक्ष आय और रोजगार देते हैं, बल्कि बागवानी के कौशल और अनुभव के रूप में अनौपचारिक प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, नाशपाती के बागान पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं, क्योंकि फूलों से लदे या फलों से भरे पेड़ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों, गाइडों और वाहन चालकों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है। नेतरहाट के सामाजिक ताने-बाने को लंबे समय तक सीमित आजीविका, मुख्यधारा से कटाव और मौसमी पलायन ने प्रभावित किया है, जहाँ पुरुष काम की तलाश में बाहर जाते थे और घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर आ जाती थी। ऐसे में नाशपाती के बागानों ने महिलाओं को घर के पास ही आय और कौशल के अवसर प्रदान किए हैं, जिससे वे इन बागानों की असली ताकत बनकर उभरी हैं। फल पकने के मौसम में महिलाएं सबसे अधिक संख्या में बागानों में दिखती हैं, नाशपाती तोड़ने से लेकर छंटाई और ग्रेडिंग तक हर काम में सक्रिय रहती हैं। वे अनौपचारिक समूह बनाकर मिलकर काम करती हैं, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और उनमें आत्मविश्वास व सामाजिक स्थिति दोनों मजबूत होती है, साथ ही वे फसल प्रबंधन, गुणवत्ता पहचान और बाजार की समझ भी विकसित करती हैं। यह बागवानी से जुड़ी आय मुख्यतः मौसमी है, फिर भी यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में एक बड़ी शुरुआत है, जहाँ पारंपरिक कृषि और वनोपज के साथ बागवानी भी एक नए विकल्प के रूप में उभर रही है। हालांकि बाजार और अवसंरचना की चुनौतियाँ हैं, लेकिन नेतरहाट की नाशपाती की बढ़ती पहचान के साथ परिवहन, भंडारण और विपणन तंत्र भी मजबूत होगा। स्थानीय संग्रह केंद्र, छोटे कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयां इस बागवानी को और अधिक लाभकारी बना सकती हैं। सरकार और कुछ गैर-सरकारी संस्थाएं किसानों को प्रशिक्षण, बेहतर किस्में और बाजार से जुड़ाव प्रदान कर रही हैं, और समुदायों की भागीदारी व कौशल विकास को और मजबूत करके नेतरहाट एक समावेशी और स्थायी आर्थिक मॉडल की ओर अग्रसर हो सकता है।
झारखंड के लातेहार जिले में स्थित हिल स्टेशन नेतरहाट के नाशपाती बागान रैयती लोगों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, साथ ही ये स्थानीय पुरुषों और महिलाओं को फल तोड़ने, छंटाई, पैकिंग और ढुलाई जैसे कार्यों में मौसमी रोजगार भी प्रदान करते हैं। बेहतर बाजार, भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास से यह क्षेत्र बागवानी आधारित एक स्थायी आर्थिक मॉडल में बदल सकता है। नेतरहाट अपनी धुंध भरी वादियों, मनमोहक सूर्योदय व सूर्यास्त, घने जंगलों, शांत वातावरण और सुहावने मौसम के लिए भी जाना जाता है। एक हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित नेतरहाट पठारी क्षेत्र अपनी ठंडी व संतुलित जलवायु, पर्याप्त वर्षा और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी के कारण नाशपाती जैसे समशीतोष्ण फलों के लिए आदर्श प्राकृतिक परिवेश प्रदान करता है। यहां की नाशपाती अपने अनूठे आकार और मिठास के लिए जानी जाती है। कृषि विभाग का डंकन बागान अकेले 85 एकड़ में फैला हुआ है, जबकि कई स्थानीय लोग भी अपने निजी बागानों का प्रबंधन करते हैं। इन बागानों की नींव औपनिवेशिक काल में रखी गई थी और बाद में प्रशासनिक प्रयासों से इनका विस्तार हुआ; अधिकांश बड़े बागान आज भी सरकारी विभागों या संस्थागत प्रबंधन के अधीन हैं, हालांकि कुछ पेड़ स्थानीय लोगों के भी हैं। ये बागान न केवल प्रत्यक्ष आय और रोजगार देते हैं, बल्कि बागवानी के कौशल और अनुभव के रूप में अनौपचारिक प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, नाशपाती के बागान पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं, क्योंकि फूलों से लदे या फलों से भरे पेड़ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों, गाइडों और वाहन चालकों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है। नेतरहाट के सामाजिक ताने-बाने को लंबे समय तक सीमित आजीविका, मुख्यधारा से कटाव और मौसमी पलायन ने प्रभावित किया है, जहाँ पुरुष काम की तलाश में बाहर जाते थे और घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर आ जाती थी। ऐसे में नाशपाती के बागानों ने महिलाओं को घर के पास ही आय और कौशल के अवसर प्रदान किए हैं, जिससे वे इन बागानों की असली ताकत बनकर उभरी हैं। फल पकने के मौसम में महिलाएं सबसे अधिक संख्या में बागानों में दिखती हैं, नाशपाती तोड़ने से लेकर छंटाई और ग्रेडिंग तक हर काम में सक्रिय रहती हैं। वे अनौपचारिक समूह बनाकर मिलकर काम करती हैं, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और उनमें आत्मविश्वास व सामाजिक स्थिति दोनों मजबूत होती है, साथ ही वे फसल प्रबंधन, गुणवत्ता पहचान और बाजार की समझ भी विकसित करती हैं। यह बागवानी से जुड़ी आय मुख्यतः मौसमी है, फिर भी यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में एक बड़ी शुरुआत है, जहाँ पारंपरिक कृषि और वनोपज के साथ बागवानी भी एक नए विकल्प के रूप में उभर रही है। हालांकि बाजार और अवसंरचना की चुनौतियाँ हैं, लेकिन नेतरहाट की नाशपाती की बढ़ती पहचान के साथ परिवहन, भंडारण और विपणन तंत्र भी मजबूत होगा। स्थानीय संग्रह केंद्र, छोटे कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयां इस बागवानी को और अधिक लाभकारी बना सकती हैं। सरकार और कुछ गैर-सरकारी संस्थाएं किसानों को प्रशिक्षण, बेहतर किस्में और बाजार से जुड़ाव प्रदान कर रही हैं, और समुदायों की भागीदारी व कौशल विकास को और मजबूत करके नेतरहाट एक समावेशी और स्थायी आर्थिक मॉडल की ओर अग्रसर हो सकता है।
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति अग्रवाल द्वारा अवैध बालू उठाव के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से बालू उठाव कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की नदियों से होने वाला अवैध बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। चैनपुर में अवैध बालू उठाव पर पुलिस की इस सख्ती का असर अब आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है।1
- चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर के समीप परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। शुक्रवार शाम सात बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए, जिससे क्षेत्र में नियम तोड़ने वाले चालकों के बीच हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की गहन जांच की गई। इस जांच में कुल सोलह मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन का चालान काटा गया। कार्रवाई की प्रक्रिया समाचार लिखे जाने तक भी जारी थी। मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने और हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं, जिससे दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार ने युवाओं और बाइक चालकों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए कहा कि नई सड़कों के कारण वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, और ऐसे में दुर्घटना होने पर सिर को सबसे अधिक खतरा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर सिर की चोट का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव न होने के कारण मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है, इसलिए हेलमेट पहनकर स्वयं की सुरक्षा करना बेहद आवश्यक है। प्रभाष कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि शराब का सेवन करना एक अलग बात है, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है। इस अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और वाहन जांच कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राज्य में ठनका गिरने से चार लोगों की जान चली गई है। इसी के साथ, राजधानी रांची में तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 31 तारीख तक के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।1
- चैनपुर प्रखंड सभागार में शुक्रवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अरुण यादव की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-कल्याणकारी बनाना था, जहाँ प्रखंड के सभी पीडीएस दुकानदारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी डीलरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गोदाम से राशन का उठाव निर्धारित समय पर किया जाए और उठाव के बाद बिना किसी विलंब के लाभुकों के बीच इसका वितरण हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसके बाद पदाधिकारी ने अल्टीमेटम दिया कि जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब तक लंबित है, उनका कार्य प्राथमिकता के आधार पर मात्र एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करते हुए, एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं, चावल, नमक, चना दाल और धोती-साड़ी वितरण योजना पर विशेष जोर दिया गया। डीलरों को सख्त हिदायत दी गई कि इन सभी सामग्रियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी डीलर यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को राशन लेने में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक की गंभीरता को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले चार जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को शो-कॉज जारी करने का सख्त निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्य रूप से लगवंती देवी, महेंद्र यादव, शेख हसन, मदन राम, मुन्नी देवी और राजेश लकड़ा सहित प्रखंड के सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदार उपस्थित रहे।1
- जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के कारण एक 34 वर्षीय युवक सुशील खलखो की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक सुशील खलखो और आरोपी जयलाल एक्का की पत्नी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। एक सामाजिक बैठक के बाद महिला मृतक के साथ रहने लगी थी, जिससे जयलाल एक्का और अन्य आरोपी अत्यंत नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते 27 मई की रात जयलाल एक्का (34), जयमन एक्का (36) और एक 17 वर्षीय किशोर ने मिलकर सुशील खलखो के साथ पहले मारपीट की और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए पत्थर को भी जब्त कर लिया है। इस मामले में बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- डुमरी थाना पुलिस ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से शनिवार को बुधनी पुल के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। थाना प्रभारी ने शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान सड़क हादसों में लगातार वृद्धि और एंटी-क्राइम चेकिंग के तहत चलाया गया। इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान, पुलिसकर्मियों ने आने-जाने वाले दोपहिया और अन्य वाहनों की गहनता से जांच की। इसमें वाहन चालकों के हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को सख्त चेतावनी दी गई, साथ ही भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि हाल के दिनों में क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें लगी हैं। इन हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी को बताया गया है, जिसके चलते लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह विशेष अभियान आवश्यक था। पुलिस ने इस अभियान के दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में भी जानकारी दी, उनसे हमेशा हेलमेट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के जांच अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1