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जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।

2 hrs ago
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Desh ka Darpan News
जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
2 hrs ago
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जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर

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बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि

कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा

अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी

क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो

संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से

बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।

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    Desh ka Darpan News
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान
    https://www.instagram.com/reel/DZfgWEzBkXt/?igsh= जयपुर पुलिस आयुक्त ने मालवीय नगर थाने में की जनसुनवाई, परिवादियों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान जयपुर, 13 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने शनिवार को मालवीय नगर थाने में जनसुनवाई आयोजित कर क्षेत्रवासियों की शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कई परिवादियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि आमजन को राहत प्रदान करने के लिए थाना स्तर पर प्रतिदिन जनसुनवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिवादियों की शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए निश्चित समयावधि में उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान आपसी मुकदमे, पारिवारिक विवाद, भूमि एवं मकान कब्जे से जुड़े मामले, अवैध अतिक्रमण, चोरी, मारपीट सहित विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस आयुक्त ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मालवीय नगर सर्किल के मालवीय नगर, एयरपोर्ट, जवाहर सर्किल, खोह नागोरियान और बजाज नगर थाना क्षेत्रों से आए परिवादियों ने अपनी समस्याएं पुलिस आयुक्त के समक्ष रखीं और समाधान प्राप्त किया। जनसुनवाई की विशेषता यह रही कि कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि जटिल मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पुलिस आयुक्त द्वारा झोटवाड़ा, सांगानेर, शिप्रापथ, विद्याधर नगर, भांकरोटा, बस्सी, शिवदासपुरा, चौमूं, आमेर, रामगंज और चित्रकूट क्षेत्रों में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। इस दौरान विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशंस) ओमप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह, पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजीता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्व अशोक सिंघल, सहायक पुलिस आयुक्त मालवीय नगर विनोद कुमार शर्मा सहित संबंधित थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
    2 hrs ago
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  • जयपुर के सूर्य नगर (तारों की कूट क्षेत्र) में देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने चोरी की कोशिश की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाते हुए दरवाजे और खिड़कियां खोलकर घरों में घुसने का प्रयास किया। हालांकि, घरों में मौजूद परिजनों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश बेहद कम कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जिनका हुलिया कथित तौर पर ‘कच्छा-बनियान गिरोह’ से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गिरोह की पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
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    जयपुर के सूर्य नगर (तारों की कूट क्षेत्र) में देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने चोरी की कोशिश की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाते हुए दरवाजे और खिड़कियां खोलकर घरों में घुसने का प्रयास किया। हालांकि, घरों में मौजूद परिजनों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए।

इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश बेहद कम कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जिनका हुलिया कथित तौर पर ‘कच्छा-बनियान गिरोह’ से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गिरोह की पुष्टि नहीं की है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
    user_Sunita sharma
    Sunita sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    59 min ago
  • जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।
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    जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।
    user_Desh ka Darpan News
    Desh ka Darpan News
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक संविदा नर्सिंग कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस हृदय विदारक घटना के बाद उनके पूरे परिवार में गहरा शोक पसर गया है। दीपक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, जिनमें हनुमान बेनीवाल भी शामिल थे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार ने दीपक की मौत के पीछे के कारणों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। आमजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
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    राजस्थान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक संविदा नर्सिंग कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस हृदय विदारक घटना के बाद उनके पूरे परिवार में गहरा शोक पसर गया है।

दीपक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, जिनमें हनुमान बेनीवाल भी शामिल थे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार ने दीपक की मौत के पीछे के कारणों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।

इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। आमजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • राजस्थान सरकार जहां एक ओर आमजन को भूमि के पट्टे जारी करने के लिए शिविर आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप भी सामने आ रहे हैं कि पट्टाधारकों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रताप नगर विस्तार से एक मामला सामने आया है। यहां रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दंपत्ति का आरोप है कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस भूमि का सरकारी पट्टा कई वर्ष पहले मिला था और वे लगभग 30 वर्षों से इसी मकान में रह रहे हैं। इसके बावजूद, कथित तौर पर पुलिस की मिलीभगत से कुछ लोग उनकी जमीन हथियाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित दंपत्ति ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
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    राजस्थान सरकार जहां एक ओर आमजन को भूमि के पट्टे जारी करने के लिए शिविर आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप भी सामने आ रहे हैं कि पट्टाधारकों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रताप नगर विस्तार से एक मामला सामने आया है।

यहां रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दंपत्ति का आरोप है कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस भूमि का सरकारी पट्टा कई वर्ष पहले मिला था और वे लगभग 30 वर्षों से इसी मकान में रह रहे हैं। इसके बावजूद, कथित तौर पर पुलिस की मिलीभगत से कुछ लोग उनकी जमीन हथियाने का प्रयास कर रहे हैं।

पीड़ित दंपत्ति ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
    user_Dainik Chaupal Samachar
    Dainik Chaupal Samachar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • जयपुर के मालपुरा गेट थाना इलाके में बीती रात एक युवक ने द्रव्यवती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रात करीब 9 बजे मालपुरा थाना क्षेत्र में सामने आई। शनिवार को इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अपने हाथ में मोबाइल लिए हुए सांगा सेतु पुलिया की रेलिंग पर चढ़कर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मोबाइल हाथ में लिए पुलिया की रेलिंग पर चलते हुए नदी के बीच तक पहुंचा और फिर उसने छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले अभियान के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया। मालपुरा गेट थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मृतक स्थानीय इलाके में कारीगर या मिस्त्री का काम करता था, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जयपुरिया हॉस्पिटल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।
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    जयपुर के मालपुरा गेट थाना इलाके में बीती रात एक युवक ने द्रव्यवती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रात करीब 9 बजे मालपुरा थाना क्षेत्र में सामने आई। शनिवार को इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अपने हाथ में मोबाइल लिए हुए सांगा सेतु पुलिया की रेलिंग पर चढ़कर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मोबाइल हाथ में लिए पुलिया की रेलिंग पर चलते हुए नदी के बीच तक पहुंचा और फिर उसने छलांग लगा दी।

सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले अभियान के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया। मालपुरा गेट थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मृतक स्थानीय इलाके में कारीगर या मिस्त्री का काम करता था, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जयपुरिया हॉस्पिटल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
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