Shuru
Apke Nagar Ki App…
बांदा के कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम तिंदवारा में दिनांक 17.07.2026 को एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां घर के अंदर टेबल फैन से बिजली का करंट लगने से दो सगे भाई-बहन गंभीर रूप से झुलस गए। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही की है और मामले में अन्य आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री मेविस टॉक द्वारा भी आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की गई है।
भारतसूत्र Live TV
बांदा के कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम तिंदवारा में दिनांक 17.07.2026 को एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां घर के अंदर टेबल फैन से बिजली का करंट लगने से दो सगे भाई-बहन गंभीर रूप से झुलस गए। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही की है और मामले में अन्य आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री मेविस टॉक द्वारा भी आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बांदा के कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम तिंदवारा में दिनांक 17.07.2026 को एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां घर के अंदर टेबल फैन से बिजली का करंट लगने से दो सगे भाई-बहन गंभीर रूप से झुलस गए। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही की है और मामले में अन्य आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री मेविस टॉक द्वारा भी आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा स्थित ग्राम गुमई की बाईपास सड़क का विवरण साझा किया गया है।4
- बांदा में पार्ट-टाइम काम करने के इच्छुक लोगों के लिए एक व्हाट्सएप नंबर साझा किया गया है। यदि आप पार्ट-टाइम काम करना चाहते हैं, तो आपको दिए गए व्हाट्सएप नंबर 9913082546 पर 'yes' लिखकर भेजना होगा।1
- देश में जारी नई रोजगार रिपोर्ट के अनुसार, बेरोजगारी दर स्थिर रहने के बावजूद महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं के रोजगार को लेकर सामने आए इस बड़े अपडेट में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिशा में कौशल विकास, स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण होगा। यह मुद्दा ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के लिए अत्यंत अहम माना जा रहा है।1
- चित्रकूट के कर्वी में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पोस्टमार्टम हाउस में एक बहन अपने भाई के शव का इंतजार ही करती रह गई और दूसरी तरफ ससुराल वालों ने गुपचुप तरीके से चिता पर ले जाकर उसके भाई का शव फूंक दिया। इस संदिग्ध कदम के बाद मृतक के ससुराल वालों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर वे इस तरह गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करके क्या छिपाना चाह रहे हैं।2
- चित्रकूट के लालापुर स्थित वाल्मीकि आश्रम के असावर माता में श्रद्धालुओं ने पुलिस सुरक्षा के बीच पूजा-पाठ किया। पूजा के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रही। इस स्थान पर महंत भरत दास के साथ चल रहे विवाद की पूरी कहानी और इसकी पूरी सच्चाई जानने के लिए लोगों से लगातार जुड़े रहने और चैनल को फॉलो करने की अपील की गई है।1
- बांदा जनपद के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बनकर वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के निकट पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने इन जालसाजों को मवई बाईपास से दबोचा है। यह गिरफ्तारी 17 जुलाई 2026 को गश्त और चेकिंग के दौरान हुई, जब एक ई-रिक्शा चालक ने पुलिस टीम को सूचना दी कि चार पहिया वाहन में सवार कुछ लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे सुनसान या कम भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहनों को रोकते थे। इसके बाद वे वाहन चालकों के फोटो खींचकर उन्हें चालान, वाहन सीज करने या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे और इस राशि को आपस में बराबर बांट लेते थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा निवासी सौरभ, और चित्रकूट के कर्वी कोतवाली नगर निवासी कमल, राज कुमार तथा संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वसूली के ₹5,400 नकद, घटना में इस्तेमाल की गई एक चार पहिया गाड़ी, एक लैपटॉप, महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली एक फाइल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने थाना कोतवाली नगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा (मु0अ0सं0 359/26) दर्ज किया है और गिरोह के आपराधिक इतिहास तथा अन्य संभावित घटनाओं की गहन जांच कर रही है।4
- बांदा जनपद के थाना कोतवाली नगर पुलिस ने फर्जी आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बनकर वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह के 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज के निकट पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। 17 जुलाई 2026 को गश्त और चेकिंग के दौरान एक ई-रिक्शा चालक ने पुलिस टीम को सूचना दी कि एक चार पहिया वाहन में सवार कुछ लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अवैध रूप से रंगदारी वसूल रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मवई बाईपास से सभी अभियुक्तों को दबोच लिया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग जनपदों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर अवैध वसूली की वारदातों को अंजाम देते हैं। वे सुनसान या कम भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य गाड़ियों को रोककर वाहन चालकों के फोटो खींचते थे। इसके बाद उन्हें भारी-भरकम चालान करने, वाहन सीज करने या अन्य कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध रूप से मोटी रकम वसूलते थे और आपस में बराबर बांट लेते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से वसूली के ₹5400 नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक चार पहिया गाड़ी, 1 लैपटॉप, दस्तावेजों से भरी 1 फाइल और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सौरभ पुत्र तेज प्रकाश (निवासी रिसदा, रीवा, मध्य प्रदेश), कमल पुत्र मान सिंह (निवासी चितरा गोकुलपुर, कर्वी, चित्रकूट), राज कुमार पुत्र भैयालाल (निवासी सीतापुर, कर्वी, चित्रकूट) और संतोष कुमार पुत्र दादूलाल (निवासी भैरों पागल द्वारकापुरी, कर्वी, चित्रकूट) के रूप में हुई है। पुलिस इस गिरोह के आपराधिक इतिहास और उनके द्वारा अन्य स्थानों पर की गई ऐसी ही वारदातों का पता लगाने के लिए मामले की गहनता से जांच कर रही है।4