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रिपोर्टर शुभम साहू कानपुर कानपुर नगर। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने न्यायालय के आदेश पर बड़ी मात्रा में असुरक्षित भुना चना नष्ट कराया। करीब 36,580 किलोग्राम भुना चना, जिसकी अनुमानित कीमत 33.48 लाख रुपये बताई गई है, में जांच के दौरान प्रतिबंधित औरामिन डाई की मौजूदगी पाए जाने के बाद उसे असुरक्षित घोषित किया गया था। रविवार को नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में पूरी सामग्री का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विनष्टीकरण कराया गया। विभाग के अनुसार यह कार्रवाई 17 दिसंबर 2025 को की गई थी। उस दौरान संबंधित प्रतिष्ठान से भुना चना सीज किया गया था। नमूने की जांच में औरामिन डाई की उपस्थिति सामने आई। मामले को आगे जांच के लिए रेफरल प्रयोगशाला भेजा गया, जहां भी खाद्य सामग्री में इस रासायनिक रंग की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद भुना चना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित माना गया। मामले में सरकार बनाम महेश कुमार गुप्ता से संबंधित दो वाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-1, कानपुर नगर में विचाराधीन थे। सीज की गई सामग्री के निस्तारण को लेकर न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को आदेश जारी किया। आदेश के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सामग्री के विनष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू की। विनष्टीकरण के लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति में खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद को सदस्य बनाया गया। समिति ने सामग्री को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से नष्ट कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से दिशा-निर्देश मांगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से विनष्टीकरण के लिए दो पंजीकृत एजेंसियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। संबंधित फर्म द्वारा एजेंसियों से संपर्क करने पर करीब 40 रुपये प्रति किलोग्राम का शुल्क बताया गया। शुल्क अधिक होने के कारण फर्म ने इसे वहन करने में असमर्थता जताई और वैकल्पिक व्यवस्था का अनुरोध किया। इसके बाद नगर निगम से संपर्क कर भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में सामग्री के निस्तारण की व्यवस्था की गई। विनष्टीकरण से पहले समिति ने मौके पर पहुंचकर सीज सामग्री पर लगी सील का सत्यापन किया। जांच में सील सुरक्षित और सही पाई गई। इसके बाद नियमानुसार सील हटाकर सामग्री को विनष्टीकरण के लिए अवमुक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ भुना चना चूहों से क्षतिग्रस्त भी मिला। अंततः उपलब्ध 36,580 किलोग्राम भुना चना को 23 अगस्त को नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में नगर निगम से अनुबंधित फर्म मेसर्स एनवायरमेंटल टेक्नो, आगरा के माध्यम से नियमानुसार नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रसायनों की मौजूदगी पाए जाने पर विभाग द्वारा नमूना जांच से लेकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन और असुरक्षित खाद्य सामग्री के विनष्टीकरण तक की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

23 hrs ago
user_Shubham sahu Reporter
Shubham sahu Reporter
Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago

रिपोर्टर शुभम साहू कानपुर कानपुर नगर। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने न्यायालय के आदेश पर बड़ी मात्रा में असुरक्षित भुना चना नष्ट कराया। करीब 36,580 किलोग्राम भुना चना, जिसकी अनुमानित कीमत 33.48 लाख रुपये बताई गई है, में जांच के दौरान प्रतिबंधित औरामिन डाई की मौजूदगी पाए जाने के बाद उसे असुरक्षित घोषित किया गया था। रविवार को नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में पूरी सामग्री का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विनष्टीकरण कराया गया। विभाग के अनुसार यह कार्रवाई 17 दिसंबर 2025 को की गई थी। उस दौरान संबंधित प्रतिष्ठान से भुना चना सीज किया गया था। नमूने की जांच में औरामिन डाई की उपस्थिति सामने आई। मामले को आगे जांच के लिए रेफरल प्रयोगशाला भेजा गया, जहां भी खाद्य सामग्री में इस रासायनिक रंग की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद भुना चना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित माना गया। मामले में सरकार बनाम महेश कुमार गुप्ता से संबंधित दो वाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-1, कानपुर नगर में विचाराधीन थे। सीज की गई सामग्री के निस्तारण को लेकर न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को आदेश जारी किया। आदेश के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सामग्री के विनष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू की। विनष्टीकरण के लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति में खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद को सदस्य बनाया गया। समिति ने सामग्री को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से नष्ट कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से दिशा-निर्देश मांगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से विनष्टीकरण के लिए दो पंजीकृत एजेंसियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। संबंधित फर्म द्वारा एजेंसियों से संपर्क करने पर करीब 40 रुपये प्रति किलोग्राम का शुल्क बताया गया। शुल्क अधिक होने के कारण फर्म ने इसे वहन करने में असमर्थता जताई और वैकल्पिक व्यवस्था का अनुरोध किया। इसके बाद नगर निगम से संपर्क कर भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में सामग्री के निस्तारण की व्यवस्था की गई। विनष्टीकरण से पहले समिति ने मौके पर पहुंचकर सीज सामग्री पर लगी सील का सत्यापन किया। जांच में सील सुरक्षित और सही पाई गई। इसके बाद नियमानुसार सील हटाकर सामग्री को विनष्टीकरण के लिए अवमुक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ भुना चना चूहों से क्षतिग्रस्त भी मिला। अंततः उपलब्ध 36,580 किलोग्राम भुना चना को 23 अगस्त को नगर निगम के भौंती स्थित डंपिंग यार्ड में नगर निगम से अनुबंधित फर्म मेसर्स एनवायरमेंटल टेक्नो, आगरा के माध्यम से नियमानुसार नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रसायनों की मौजूदगी पाए जाने पर विभाग द्वारा नमूना जांच से लेकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन और असुरक्षित खाद्य सामग्री के विनष्टीकरण तक की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

More news from Kanpur Nagar and nearby areas
  • विधायक आवास के पीछे नारकीय हालात: बारिश के बाद नाली और सड़क हुई एक, नगर पालिका बेखबर घाटमपुर। कस्बे के मोहल्ला आछी मोहाल उत्तरी में नगर पालिका की एक बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिल रही है। यहाँ लंबे समय से सड़क न बनने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सबसे हैरत की बात यह है कि यह बदहाली क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील के आवास के ठीक पीछे की है।हाल ही में हुई बारिश के बाद इस इलाके के हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़क न होने की वजह से पूरी गली में जलभराव हो गया है, जिससे नाली और सड़क का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका है। गंदा पानी और कीचड़ लोगों के घरों के सामने जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।इस अव्यवस्था के कारण मोहल्ले के आम लोगों को आने-जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सत्ताधारी विधायक के घर के पीछे होने के बावजूद नगर पालिका इस समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।
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    विधायक आवास के पीछे नारकीय हालात: बारिश के बाद नाली और सड़क हुई एक, नगर पालिका बेखबर
घाटमपुर। कस्बे के मोहल्ला आछी मोहाल उत्तरी में नगर पालिका की एक बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिल रही है। यहाँ लंबे समय से सड़क न बनने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सबसे हैरत की बात यह है कि यह बदहाली क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील के आवास के ठीक पीछे की है।हाल ही में हुई बारिश के बाद इस इलाके के हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़क न होने की वजह से पूरी गली में जलभराव हो गया है, जिससे नाली और सड़क का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका है। गंदा पानी और कीचड़ लोगों के घरों के सामने जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।इस अव्यवस्था के कारण मोहल्ले के आम लोगों को आने-जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सत्ताधारी विधायक के घर के पीछे होने के बावजूद नगर पालिका इस समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।
    user_Satish Kumar,9648888580
    Satish Kumar,9648888580
    Journalist Ghatampur, Kanpur Nagar•
    54 min ago
  • कैंट क्षेत्र की जनसमस्या पर जनप्रतिनिधियों से अपील माननीय भाजपा सांसद महोदय एवं भाजपा के सम्मानित पार्षदों से विनम्र निवेदन है कि कैंट क्षेत्र स्थित मेथाडिस्ट स्कूल के आसपास बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की सड़क भी काफी खराब हो चुकी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। बरसात के दौरान बच्चों को जलभराव और टूटी सड़क के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जनहित में अनुरोध है कि इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।
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    कैंट क्षेत्र की जनसमस्या पर जनप्रतिनिधियों से अपील
माननीय भाजपा सांसद महोदय एवं भाजपा के सम्मानित पार्षदों से विनम्र निवेदन है कि कैंट क्षेत्र स्थित मेथाडिस्ट स्कूल के आसपास बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र की सड़क भी काफी खराब हो चुकी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। बरसात के दौरान बच्चों को जलभराव और टूटी सड़क के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
जनहित में अनुरोध है कि इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।
    user_Bhanu Pratap Sing
    Bhanu Pratap Sing
    Social Media Manager घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दो साल में ही जर्जर हुई सड़क, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए बनी मुसीबत रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर पीडब्ल्यूडी से दो वर्ष पूर्व कराया गया था निर्माण, जगह-जगह सड़क टूटी और गड्ढों में तब्दील घाटमपुर। मुगल हाईवे स्थित जीआरपीपी इंटर कॉलेज के बगल से बंगला गोपालपुर को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। मुगल रोड से गोपालपुर रोड तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से करीब दो वर्ष पूर्व कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज दो वर्ष के भीतर ही सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक सड़क खराब होने के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। सड़क के किनारे विद्यालय होने के चलते बड़ी संख्या में बच्चे इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर बने गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण कई बार स्कूली बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सड़क का वीडियो सड़क की बदहाली से परेशान एक ग्रामीण ने टूटी सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व ही कराया गया था तो इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी और निर्माण के बाद उसकी स्थिति का विभागीय स्तर पर निरीक्षण किया जाना चाहिए था। सड़क के जर्जर होने के बावजूद लंबे समय से मरम्मत न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि विद्यालय जाने वाले बच्चों और राहगीरों को दुर्घटना के खतरे से बचाया जा सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया पर सड़क की बदहाली का वीडियो वायरल होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर ग्रामीणों को इसी जर्जर सड़क से आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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    दो साल में ही जर्जर हुई सड़क, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए बनी मुसीबत
रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर 
पीडब्ल्यूडी से दो वर्ष पूर्व कराया गया था निर्माण, जगह-जगह सड़क टूटी और गड्ढों में तब्दील
घाटमपुर। मुगल हाईवे स्थित जीआरपीपी इंटर कॉलेज के बगल से बंगला गोपालपुर को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। मुगल रोड से गोपालपुर रोड तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से करीब दो वर्ष पूर्व कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज दो वर्ष के भीतर ही सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक सड़क खराब होने के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। सड़क के किनारे विद्यालय होने के चलते बड़ी संख्या में बच्चे इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर बने गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण कई बार स्कूली बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सड़क का वीडियो
सड़क की बदहाली से परेशान एक ग्रामीण ने टूटी सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व ही कराया गया था तो इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी और निर्माण के बाद उसकी स्थिति का विभागीय स्तर पर निरीक्षण किया जाना चाहिए था। सड़क के जर्जर होने के बावजूद लंबे समय से मरम्मत न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि विद्यालय जाने वाले बच्चों और राहगीरों को दुर्घटना के खतरे से बचाया जा सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया पर सड़क की बदहाली का वीडियो वायरल होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर ग्रामीणों को इसी जर्जर सड़क से आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
    user_Shubham sahu Reporter
    Shubham sahu Reporter
    Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सरकारी स्कूल में बच्चों से जबरन साफ-सफाई कराने का आरोप 📍 ग्राम खुचकीपुर, विकासखंड भीतरगांव, जनपद कानपुर नगर कानपुर नगर के भीतरगांव ब्लाक के ग्राम खुचकीपुर स्थित सरकारी स्कूल को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय में स्कूली बच्चों से जबरन साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है तथा बच्चों से बाहर से पानी मंगवाया जाता है। यदि कोई बच्चा यह कार्य करने से मना करता है तो उसे कथित रूप से डांट-फटकार का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा इस पूरे मामले के फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाए गए हैं, जिनमें विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय में न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था दिखाई दे रही है, न ही बाथरूम की उचित साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक नजर आ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे इस तरह के कार्य क्यों कराए जा रहे हैं? विद्यालय में साफ-सफाई एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और विद्यालय प्रशासन की है, बच्चों की नहीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग है कि ग्राम खुचकीपुर के सरकारी विद्यालय की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके पर जाकर विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए तथा यदि बच्चों से जबरन काम कराने, पानी मंगवाने या उन्हें डराने-डांटने की शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय में पीने के पानी, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। 📢 बच्चों का काम पढ़ना है, मजदूरी या जबरन साफ-सफाई करना नहीं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
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    सरकारी स्कूल में बच्चों से जबरन साफ-सफाई कराने का आरोप
📍 ग्राम खुचकीपुर, विकासखंड भीतरगांव, जनपद कानपुर नगर
कानपुर नगर के भीतरगांव ब्लाक के ग्राम खुचकीपुर स्थित सरकारी स्कूल को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय में स्कूली बच्चों से जबरन साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है तथा बच्चों से बाहर से पानी मंगवाया जाता है। यदि कोई बच्चा यह कार्य करने से मना करता है तो उसे कथित रूप से डांट-फटकार का सामना करना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा इस पूरे मामले के फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाए गए हैं, जिनमें विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय में न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था दिखाई दे रही है, न ही बाथरूम की उचित साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक नजर आ रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे इस तरह के कार्य क्यों कराए जा रहे हैं? विद्यालय में साफ-सफाई एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और विद्यालय प्रशासन की है, बच्चों की नहीं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग है कि ग्राम खुचकीपुर के सरकारी विद्यालय की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके पर जाकर विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए तथा यदि बच्चों से जबरन काम कराने, पानी मंगवाने या उन्हें डराने-डांटने की शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही विद्यालय में पीने के पानी, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
📢 बच्चों का काम पढ़ना है, मजदूरी या जबरन साफ-सफाई करना नहीं।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
    user_Jagram singh
    Jagram singh
    Social worker घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कठुंगा नया पुरवा कानपुर नगर नरवाल तहसील हमारे यहां गली में पानी भर जाता है बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है कुछ बच्चे गिर जाते हैं बड़ी समस्या हो रही है डीएम साहब से निवेदन है कि हमारे गांव की समस्या को देखें और बच्चे का भविष्य के बारे में सोचें इसका समाधान करवा पानी भरने कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे
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    कठुंगा नया पुरवा कानपुर नगर नरवाल तहसील हमारे यहां गली में पानी भर जाता है बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है कुछ बच्चे गिर जाते हैं बड़ी समस्या हो रही है डीएम साहब से निवेदन है कि हमारे गांव की समस्या को देखें और बच्चे का भविष्य के बारे में सोचें इसका समाधान करवा पानी भरने कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे
    user_A k Rajpoot
    A k Rajpoot
    नरवल, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हमीरपुर - करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर ।। करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं, मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर, सायरन बजता रहा अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन 6 फाटक बंद नहीं हो सके, फाटक खुले रहने से लगातार बहता रहा बांध का पानी, बर्बादी पर उठे गंभीर सवाल, करोड़ों रुपये की मरम्मत के बाद भी फाटक संचालन में नाकामी से व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की, बारिश के बीच बांध के फाटक बंद न होने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, फिलहाल पूरे मामले पर अरुण कुमार सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने बताया कि मौदहा डैम बांध में पानी ज्यादा न भरे इस वजह खोले गए है गेट,
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    हमीरपुर - करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर ।।
करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,
मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर,
सायरन बजता रहा अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन 6 फाटक बंद नहीं हो सके,
फाटक खुले रहने से लगातार बहता रहा बांध का पानी, बर्बादी पर उठे गंभीर सवाल,
करोड़ों रुपये की मरम्मत के बाद भी फाटक संचालन में नाकामी से व्यवस्था पर सवाल,
ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की,
बारिश के बीच बांध के फाटक बंद न होने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता,
फिलहाल पूरे मामले पर अरुण कुमार सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने बताया कि मौदहा डैम बांध में पानी ज्यादा न भरे इस वजह खोले गए है गेट,
    user_Sheelu Nishad
    Sheelu Nishad
    Classified ads newspaper publisher Hamirpur, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • घाटमपुर में 24 घंटे से लगातार बारिश जारी लोगों का बाहर निकलना हुआ मुश्किल घाटमपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिसके कारण दिन में भी अंधेरा छाया हुआ है। लगातार हो रही धीमी और मध्यम गति की इस बारिश से जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार 24 घंटे से हो रही इस बारिश के कारण सड़कों और रास्तों पर कीचड़ जमा हो गया है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, दुकानदारों और अन्य जरूरी काम से निकलने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अगले कुछ घंटों तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। 24 घंटे की लगातार बारिश के कारण घाटमपुर कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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    घाटमपुर में 24 घंटे से लगातार बारिश जारी लोगों का बाहर निकलना हुआ मुश्किल
घाटमपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिसके कारण दिन में भी अंधेरा छाया हुआ है। लगातार हो रही धीमी और मध्यम गति की इस बारिश से जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
लगातार 24 घंटे से हो रही इस बारिश के कारण सड़कों और रास्तों पर कीचड़ जमा हो गया है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
सुबह दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, दुकानदारों और अन्य जरूरी काम से निकलने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अगले कुछ घंटों तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। 24 घंटे की लगातार बारिश के कारण घाटमपुर कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ है।
    user_Satish Kumar,9648888580
    Satish Kumar,9648888580
    Journalist Ghatampur, Kanpur Nagar•
    1 hr ago
  • न्यूरी गांव में फंदा लगाकर छज्जे पर चढ़ा,युवक प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
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    न्यूरी गांव में फंदा लगाकर छज्जे पर चढ़ा,युवक प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
    user_रोहित कुमार
    रोहित कुमार
    Photographer घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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