Shuru
Apke Nagar Ki App…
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित कलाधाम सोसायटी के पास कथित तौर पर नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यहां बोरिंग के लिए खोदा गया करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बारिश के बाद पानी से भर गया था। इस खतरनाक जगह पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे खेलते-खेलते 6 साल का एक मासूम बच्चा उस गड्ढे में गिर गया। स्थानीय लोगों ने बच्चे को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो यह हादसा टल सकता था। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नोएडा अथॉरिटी की ऐसी लापरवाही की कीमत आम लोगों को कब तक अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। मामले की जांच जारी है।
Rahul Goswami journalist
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित कलाधाम सोसायटी के पास कथित तौर पर नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यहां बोरिंग के लिए खोदा गया करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बारिश के बाद पानी से भर गया था। इस खतरनाक जगह पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे खेलते-खेलते 6 साल का एक मासूम बच्चा उस गड्ढे में गिर गया। स्थानीय लोगों ने बच्चे को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो यह हादसा टल सकता था। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नोएडा अथॉरिटी की ऐसी लापरवाही की कीमत आम लोगों को कब तक अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। मामले की जांच जारी है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से सामने आई एक जानकारी के अनुसार, स्कूल जाने के दौरान एक युवक अपने दोस्त का इंतजार कर रहा था। उसने साझा करते हुए बताया कि वह स्कूल जा रहा था और उसी दौरान अपने साथी के आने की प्रतीक्षा कर रहा था।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में चुनावी सरगर्मियों के चरम पर पहुंचने के साथ ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल हार के डर से बौखलाहट में है और पैसे व पुलिस-प्रशासन के पावर के दम पर दतिया का चुनाव प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। विपक्षी नेताओं के बयान में दावा किया गया है कि चुनावी माहौल में प्रति वोट बोली लगाने का काम किया जा रहा है और डर के कारण अपनों को भी किनारे कर दिया गया है। धनबल और प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग के इन आरोपों से दतिया का चुनावी माहौल गरमा गया है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को लगातार निराधार बता रही है और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की बात कह रही है।1
- मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण अवसर पर लगे बैनर-पोस्टरों से केंद्रीय कृषि मंत्री व विदिशा-रायसेन सांसद शिवराज सिंह चौहान की फोटो गायब कर दी गई है। यह मामला उनके ही संसदीय क्षेत्र साँची का है, जहाँ सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम के पोस्टरों से उनकी तस्वीर हटा दी गई। मध्यप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और पढ़ाई का बेहतर वातावरण मुहैया कराने के उद्देश्य से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों की सौगात दी थी। हालाँकि, उनके मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि विद्यालय कर दिया था।1
- रायसेन में बरसाती जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका ने अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत नगर पालिका के सामने से अतिक्रमण को हटा दिया गया है।1
- राकेश जैन की रिपोर्ट के मुताबिक, रायसेन में पुराने नाले को नए नाले से मिलाने के लिए पी डब्लू डी विभाग और रायसेन नगरपालिका ने संयुक्त अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान मार्ग में आने वाले कच्चे और पक्के अतिक्रमण भी हटाए गए हैं।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक X प्रोफाइल में बदलाव किया है। उन्होंने अपने प्रोफाइल बायो से शिक्षा मंत्री पद का उल्लेख पूरी तरह से हटा दिया है। अपने बायो में बदलाव के बाद अब उसमें केवल "सांसद, संबलपुर" और "विचार व्यक्तिगत हैं" ही लिखा हुआ है। धर्मेंद्र प्रधान द्वारा X प्रोफाइल में किए गए इस त्वरित बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर उनके बायो की चर्चा काफी तेज हो गई है।1
- ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित कलाधाम सोसायटी के पास कथित तौर पर नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यहां बोरिंग के लिए खोदा गया करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बारिश के बाद पानी से भर गया था। इस खतरनाक जगह पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे खेलते-खेलते 6 साल का एक मासूम बच्चा उस गड्ढे में गिर गया। स्थानीय लोगों ने बच्चे को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो यह हादसा टल सकता था। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नोएडा अथॉरिटी की ऐसी लापरवाही की कीमत आम लोगों को कब तक अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। मामले की जांच जारी है।1