एक पति ने खुद अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी, जिसका कारण प्रेम नहीं बल्कि यह डर था कि ज़बरदस्ती रिश्ते को निभाते रहने की कीमत कहीं उसे अपनी जान देकर न चुकानी पड़े। यह स्थिति कुछ चर्चित घटनाओं के बाद ऐसे हालात बनने का संकेत देती है, जहाँ लोग रिश्तों में विश्वास की जगह भय महसूस करने लगे हैं। इस संदर्भ में यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि जब किसी का मन किसी और के साथ हो, तो धोखे, झूठ और षड्यंत्र का रास्ता चुनने से बेहतर है कि सच को अपनाया जाए। किसी की ज़िंदगी बर्बाद करने, झूठे आरोप लगाने या हिंसा का सहारा लेने के बजाय सम्मानपूर्वक अलग होना ही उचित है, क्योंकि रिश्ते प्रेम से बनते हैं, डर से नहीं। स्पष्ट किया गया है कि किसी की हत्या करना, आत्महत्या के लिए मजबूर करना या झूठे मामलों में फँसाना कभी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, क्योंकि सच और न्याय देर से ही सही, लेकिन अंततः सामने ज़रूर आते हैं। इस पर ज़ोर दिया गया है कि जब रिश्ता बोझ बन जाए, तो अलग हो जाना ही बेहतर विकल्प है, क्योंकि किसी भी रिश्ते की अंतिम मंज़िल कब्रिस्तान या जेल नहीं होनी चाहिए।
एक पति ने खुद अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी, जिसका कारण प्रेम नहीं बल्कि यह डर था कि ज़बरदस्ती रिश्ते को निभाते रहने की कीमत कहीं उसे अपनी जान देकर न चुकानी पड़े। यह स्थिति कुछ चर्चित घटनाओं के बाद ऐसे हालात बनने का संकेत देती है, जहाँ लोग रिश्तों में विश्वास की जगह भय महसूस करने लगे हैं। इस संदर्भ में यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि जब किसी का मन किसी और के साथ हो, तो धोखे, झूठ और षड्यंत्र का रास्ता चुनने से बेहतर है कि सच को अपनाया जाए। किसी की ज़िंदगी बर्बाद करने, झूठे आरोप लगाने या हिंसा का सहारा लेने के बजाय सम्मानपूर्वक अलग होना ही उचित है, क्योंकि रिश्ते प्रेम से बनते हैं, डर से नहीं। स्पष्ट किया गया है कि किसी की हत्या करना, आत्महत्या के लिए मजबूर करना या झूठे मामलों में फँसाना कभी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, क्योंकि सच और न्याय देर से ही सही, लेकिन अंततः सामने ज़रूर आते हैं। इस पर ज़ोर दिया गया है कि जब रिश्ता बोझ बन जाए, तो अलग हो जाना ही बेहतर विकल्प है, क्योंकि किसी भी रिश्ते की अंतिम मंज़िल कब्रिस्तान या जेल नहीं होनी चाहिए।
- चित्तौड़गढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के आसमान छूते दामों के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, क्योंकि रसोई गैस, खाद्य तेल, दालें, दूध, पेट्रोल-डीजल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने 'अच्छे दिनों' का वादा किया था, लेकिन आज गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और युवा सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बहुत हुई महंगाई की मार, वापस लाओ कांग्रेस सरकार" और "मोदी है तो महंगाई है" जैसे नारे आज देश की वास्तविक स्थिति और जनता की आवाज बन चुके हैं। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है और आमजन की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही, जिससे पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए जा रहे टैक्स और बढ़ती कीमतों ने आमजन की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और महंगाई ने मिलकर जनता का जीवन कठिन बना दिया है। प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करने, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस के दाम कम करने तथा आमजन को राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। इसी कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने सहकारिता मंत्री गौतम दक द्वारा पुलिस कर्मियों के प्रति कथित अभद्र भाषा के प्रयोग पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जाड़ावत ने कहा कि पुलिस कर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए काम करते हैं, ऐसे में उन्हें सार्वजनिक मंच पर अपमानित करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री सत्ता के मद में अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाएं भूलते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर प्रशासनिक तंत्र के मनोबल पर पड़ेगा। जाड़ावत ने मुख्यमंत्री से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने, मंत्री से सार्वजनिक माफी मंगवाने और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और आमजन के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधानसभा संगठन प्रभारी नरेंद्रसिंह गुढ़ा, वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, शहर अध्यक्ष अनिल सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम जाट, प्रदेश सचिव रणजीत लोट, पूर्व सभापति रमेशनाथ योगी, उप सभापति कैलाश पंवार, जिला उपाध्यक्ष नगेंद्र सिंह राठौड़, जिला उपाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, सरपंच संघ जिला अध्यक्ष रविराज सिंह जाड़ावत, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेणु कंवर राठौड़, ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष गायत्री चौधरी सहित वृत्तिका सालवी, नेहा सिंह, माया सालवी, आशा परमार, कुसुम मीणा, ललिता रैगर एवं अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- मनासा तहसील के सेमली आंतरी गांव में नदी में डूबने की एक दर्दनाक घटना के बाद, विधायक अनिरुद्ध माधव मारू तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। विधायक मारू ने इस हादसे को "अत्यंत दुखद और हृदय विदारक" बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि वे इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़े हैं, तथा दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिले, इसकी प्रार्थना की।1
- भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।1
- दतिया में बुधवार, 29 मई 2026 को मांझी समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाज ने विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक-12 से हटाने और उन्हें मूल मांझी जनजाति के रूप में मान्यता देने की मांग की। उनका कहना है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और सरकारी अभिलेखों में इन जातियों को मांझी जनजाति का अभिन्न हिस्सा माना गया है। ज्ञापन में बताया गया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख द्वारा 7 जनवरी 1950 को जारी परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS-49 में धीमर, केवट, मल्लाह एवं भोई समुदाय को मांझी जाति के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश के आयुक्त द्वारा जारी पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी इन समुदायों को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित माना गया है। समाज ने यह भी दावा किया कि 13 मार्च 2023 को मध्यप्रदेश विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न क्रमांक-1121 के उत्तर में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने भी स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश क्षेत्र के केवट, धीमर, मल्लाह एवं भोई समुदाय मांझी जनजाति के ही अंग हैं। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया एवं टीकमगढ़ जिलों में "मांझी" नाम से कोई पृथक जाति मौजूद नहीं है। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह एवं भोई समुदाय को ही मूल मांझी जनजाति के रूप में जाना और पहचाना जाता है। समाजजनों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उपलब्ध ऐतिहासिक एवं शासकीय दस्तावेजों का गहन परीक्षण कर इन समुदायों को ओबीसी सूची से हटाकर उन्हें मूल मांझी जनजाति के समस्त अधिकार प्रदान किए जाएं। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उसे शासन स्तर तक उचित कार्रवाई हेतु भेजने का आश्वासन दिया।2
- 30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा। इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।1
- ट्विशा शर्मा के साथ जो हुआ, उसे बेहद दुखद बताया गया है, जिस पर कोई दो राय नहीं है। हालाँकि, यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी महिला और उसके प्रेमी द्वारा पति की हत्या कर दी जाती है, या जब किसी पति को मानसिक प्रताड़ना, झूठे मुकदमों और सामाजिक अपमान के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता है, तब वैसी ही संवेदना और उतना ही आक्रोश क्यों नहीं दिखाया जाता। पोस्ट में जोर दिया गया है कि न्याय का अर्थ केवल एक पक्ष के लिए आवाज़ उठाना नहीं है, बल्कि अपराधी चाहे पुरुष हो या महिला, और पीड़ित चाहे महिला हो या पुरुष, कानून और समाज की संवेदना दोनों के लिए एक समान होनी चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि किसी पीड़ित की पीड़ा को कम नहीं आँका जा रहा है, बल्कि यह माँग की जा रही है कि हर निर्दोष पीड़ित को न्याय मिले और हर अपराधी को सजा मिले। अंत में, 'एक देश, एक कानून, एक न्याय' की भावना पर बल देते हुए कहा गया है कि पीड़ित का लिंग नहीं, बल्कि उसका दर्द देखा जाना चाहिए।1
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय सहित कुरज, दरीबा और गिलुंड क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। देर रात तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में धूल भरी आंधी चली। इस आंधी के कारण कुछ समय तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़कों पर धूल का गुबार छा गया। इसके बाद, रात करीब तीन बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज गर्जना और बादलों की कड़कड़ाहट के साथ आकाश में लगातार आकाशीय बिजली चमकने लगी। शुरुआत में हल्की बूंदाबांदी हुई, जो धीरे-धीरे तेज बारिश में बदल गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस बारिश से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बीते कई दिनों से क्षेत्र में तेज गर्मी और उमस के कारण आमजन परेशान थे। देर रात हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह के समय ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों और आमजन दोनों ने राहत महसूस की। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम खुशनुमा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।4
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत 66 क्विंटल मादक पदार्थ नष्ट किए गए और 3 साल से फरार एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई श्री सांवलिया सेठ के मंगला दर्शन के बीच हुई। इसी दौरान जिले के धनेतकलां सहित चित्तौड़गढ़ के अन्य क्षेत्रों में सुबह 3 बजे से बारिश का दौर भी शुरू हो गया।2