बल्देवगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जटेरा में इन दिनों विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और पंचायत प्रबंधन की उदासीनता ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। गांव के मुख्य रास्तों का बुरा हाल होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक मुख्य मार्ग पर लंबे समय से गंदी नाली का पानी बीच सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। भीषण गंदगी और दुर्गंध के चलते क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद भयभीत हैं। लापरवाही का आलम यह है कि पंचायत द्वारा नाली निर्माण के नाम पर करीब एक महीने पहले बनी-बनाई सीसी रोड को खोद दिया गया और फिर काम को अधूरा ही छोड़ दिया गया। सड़क के बीचोबीच खुले पड़े ये गहरे गड्ढे अब आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन खेलते हुए मासूम बच्चे और बेजुबान मवेशी इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट समस्या को लेकर उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों और जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायतें दी हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई भी मौके पर सुध लेने नहीं पहुंचा और न ही कार्य को दोबारा शुरू कराया गया। परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सड़क पर बह रहे गंदे पानी की निकासी के तत्काल मुकम्मल इंतजाम किए जाएं। साथ ही, अधूरे पड़े नाली निर्माण को जल्द से जल्द पूरा कराकर सड़क को दुरुस्त किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बल्देवगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जटेरा में इन दिनों विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और पंचायत प्रबंधन की उदासीनता ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। गांव के मुख्य रास्तों का बुरा हाल होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक मुख्य मार्ग पर लंबे समय से गंदी नाली का पानी बीच सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। भीषण गंदगी और दुर्गंध के चलते क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद भयभीत हैं। लापरवाही का आलम यह है कि पंचायत द्वारा नाली निर्माण के नाम पर करीब एक महीने पहले बनी-बनाई सीसी रोड को खोद दिया गया और फिर काम को अधूरा ही छोड़ दिया गया। सड़क के बीचोबीच खुले पड़े ये गहरे गड्ढे अब आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन खेलते हुए मासूम बच्चे और बेजुबान मवेशी इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट समस्या को लेकर उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों और जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायतें दी हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई भी मौके पर सुध लेने नहीं पहुंचा और न ही कार्य को दोबारा शुरू कराया गया। परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सड़क पर बह रहे गंदे पानी की निकासी के तत्काल मुकम्मल इंतजाम किए जाएं। साथ ही, अधूरे पड़े नाली निर्माण को जल्द से जल्द पूरा कराकर सड़क को दुरुस्त किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हेलीकॉप्टर में बैठने के लिए राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के दौड़ लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, कार्यक्रम खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री को खजुराहो के लिए रवाना होना था। इस दौरान राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार काफिले में पीछे रह गए थे, जिसके कारण वे हेलीकॉप्टर तक पहुंचने के लिए तेजी से दौड़ते हुए नजर आए।1
- टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हेलीकॉप्टर में बैठने के लिए राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार को दौड़ लगानी पड़ी। दरअसल, एक कार्यक्रम खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर से खजुराहो के लिए रवाना होना था। इस दौरान राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार काफिले में पीछे रह गए थे। हेलीकॉप्टर तक पहुँचने के लिए राज्य मंत्री तेजी से दौड़ते हुए नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नशामुक्ति के उद्देश्य से 15 जुलाई से 30 जुलाई तक "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत छतरपुर पुलिस द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के चौथे दिन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले के मार्गदर्शन में जिले के झुग्गी-झोपड़ी इलाकों और चिन्हित हॉटस्पॉट स्थानों पर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताकर इससे दूर रहने की अपील की गई। इसके साथ ही, नशे के आदी हो चुके व्यक्तियों और उनके परिजनों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी गई और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई गई। सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से नशे की लत से प्रभावित लोगों को परामर्श और जरूरी चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए छतरपुर पुलिस आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में विभिन्न माध्यमों से इस प्रकार के व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।1
- टीकमगढ़ के जतारा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आज मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। दोपहर बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लंबे समय से अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। तेज बारिश होने से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस दौरान जहां बच्चों और युवाओं ने बारिश का भरपूर आनंद लिया, वहीं नगर की सड़कों पर कुछ समय के लिए जलभराव भी देखने को मिला। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने के बाद इस बारिश को धान, सोयाबीन, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश से इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद काफी बढ़ गई है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित रूप से इसी तरह बारिश होती रही, तो कृषि उत्पादन बेहतर होगा जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।2
- टीकमगढ़ शहर के महेंद्र सागर तालाब में शनिवार को बानपुर दरवाजा निवासी 76 वर्षीय वृद्ध रूपनारायण सेन का शव मिलने से सनसनी फैल गई। तालाब किनारे मंदिर के पास वृद्ध के कपड़े और चप्पल मिलने के बाद परिजनों ने उनके शव की पहचान की। परिजनों के अनुसार, रूपनारायण सेन मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और घर से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को तालाब से बाहर निकाला और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।1