छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिला दंडाधिकारी के निष्कासन (जिला बदर) आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय परिसर में पेट्रोल की बोतल लेकर हंगामा करने वाले आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को 17 जुलाई को रायगढ़ के एसडीएम कार्यालय में पेश किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल दाखिल कराया गया है। घटना 16 जुलाई की शाम की है, जब जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा। वह कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने का विरोध करते हुए शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। उसके हाथ में पेट्रोल से भरी एक प्लास्टिक की बोतल थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल बोतल को अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाली थाने की पेट्रोलिंग टीम द्वारा समझाने के बाद भी आरोपी अभद्र व्यवहार और उग्र होकर हंगामा करता रहा। इसके बाद पुलिस ने संज्ञेय अपराध की आशंका में धारा 170 बीएनएसएस के तहत उसे गिरफ्तार कर इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे रहने वाला 29 वर्षीय चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य वर्ष 2023 से लगातार मारपीट जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2024 में भी उसे एक साल के लिए जिला बदर किया गया था। इसके बाद भी उसकी गतिविधियां नहीं रुकीं, जिसके बाद जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत उसे रायगढ़ समेत जशपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया था। इस घटना के बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिला दंडाधिकारी के निष्कासन (जिला बदर) आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय परिसर में पेट्रोल की बोतल लेकर हंगामा करने वाले आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को 17 जुलाई को रायगढ़ के एसडीएम कार्यालय में पेश किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल दाखिल कराया गया है। घटना 16 जुलाई की शाम
की है, जब जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा। वह कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने का विरोध करते हुए शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। उसके हाथ में पेट्रोल से भरी एक प्लास्टिक की बोतल थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल बोतल को अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाली थाने की पेट्रोलिंग टीम द्वारा समझाने के बाद भी आरोपी अभद्र व्यवहार और उग्र होकर हंगामा करता रहा। इसके बाद
पुलिस ने संज्ञेय अपराध की आशंका में धारा 170 बीएनएसएस के तहत उसे गिरफ्तार कर इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे रहने वाला 29 वर्षीय चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य वर्ष 2023 से लगातार मारपीट जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2024 में भी उसे एक साल के लिए जिला बदर किया गया था। इसके बाद भी उसकी गतिविधियां नहीं रुकीं, जिसके बाद जिला
दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत उसे रायगढ़ समेत जशपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया था। इस घटना के बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस ने अवैध कबाड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस ने दो अलग-अलग दिनों में कार्रवाई करते हुए दो ट्रक और एक माजदा वाहन में ले जाए जा रहे करीब 79 टन संदिग्ध स्क्रैप कबाड़ को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों और कबाड़ समेत कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग ₹48 लाख आंकी गई है। पुलिस ने यह वैधानिक कार्रवाई अवैध तरीके से कबाड़ परिवहन करने और चोरी की संपत्ति होने के संदेह में की है। पहली कार्रवाई 15 जुलाई को थाना पूंजीपथरा पुलिस द्वारा की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तमनार चौक पूंजीपथरा में घेराबंदी कर माजदा वाहन क्रमांक CG-12-AY-0313 को रोका गया। वाहन चालक कोरबा के बुधवारी बाजार निवासी 58 वर्षीय देवेन्द्र तिवारी से पूछताछ करने पर वाहन में करीब 3 टन 390 किलोग्राम स्क्रैप और टिन का कबाड़ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹91,530 है। वैध दस्तावेज पेश न करने पर पुलिस ने ₹5 लाख की कीमत वाले वाहन और कबाड़ को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ धारा 35(क)(ड) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की। दूसरी और तीसरी कार्रवाई 16 जुलाई को थाना जूटमिल पुलिस द्वारा की गई। जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में छातामुड़ा-काशीराम चौक के बीच सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक CG-13-AB-9599 की जांच की, जिसमें भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। झारखंड के पलामू निवासी 34 वर्षीय चालक महेन्द्र यादव द्वारा दस्तावेज न दिए जाने पर धर्मकांटा से तौल कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40,630 किलोग्राम और कबाड़ की कीमत करीब ₹9 लाख पाई गई। इसी तरह, छातामुड़ा गांव के बाहर रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर ट्रक क्रमांक OR-15-S-0187 की जांच में भारी मात्रा में कबाड़ मिला। ओडिशा के बरगढ़ निवासी 52 वर्षीय चालक दुर्योधन पाणिग्रही के पास वैध दस्तावेज न होने पर तौल कराने पर कुल वजन 35,410 किलोग्राम और कबाड़ की कीमत करीब ₹8 लाख पाई गई। इन दोनों मामलों में संदिग्ध संपत्ति मानकर वाहन व माल जब्त कर चालकों के खिलाफ धारा 106 बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अवैध कबाड़ के कारोबार पर सख्त शिकंजा कसने के अभियान का हिस्सा है। पुलिस अब जब्त वाहनों, स्क्रैप और उनके वास्तविक मालिकों की विस्तृत जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस अवैध कबाड़ के कारोबार पर लगातार प्रहार कर रही है और बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े हर नेटवर्क पर पैनी नजर है।4
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से गुजर रही भारतमाला सड़क परियोजना अब प्रशासनिक पारदर्शिता, पर्यावरणीय अनुपालन और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर विवादों में घिर गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण स्वीकृत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की सीमा से बाहर जाकर किया गया है। निर्माण के दौरान भारी मशीनों के उपयोग और ब्लास्टिंग के कारण स्वीकृत क्षेत्र के बाहर स्थित मंदिर परिसर, सार्वजनिक शौचालय, कुएं, जल स्रोत और अन्य शासकीय संपत्तियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके बाद निर्माण एजेंसी द्वारा मंदिर परिसर और कुछ सरकारी संपत्तियों के पुनर्निर्माण का लिखित आश्वासन देने की बात भी सामने आई है, जिससे नुकसान की पुष्टि और इसके आकलन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, सिसरिंगा घाट क्षेत्र में सागौन सहित बड़ी संख्या में मूल्यवान पेड़ों को जड़ से उखाड़कर रहस्यमयी ढंग से गायब करने का आरोप है, जिसके निशान आज भी वहां मौजूद हैं। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों के बयान पूरी तरह विरोधाभासी हैं। एक ओर जहां एक अधिकारी ने पेड़ों की कटाई को विभागीय प्रक्रिया के तहत बताया, वहीं उत्पादन इकाई के रेंजर ने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई वर्षों पहले ही पूरी हो चुकी थी और हाल ही में किसी नई कटाई की अनुमति नहीं दी गई थी। इससे इन पेड़ों को हटाने और उनके निस्तारण के रिकॉर्ड की प्रामाणिकता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। इस पूरे घटनाक्रम में राजस्व, लोक निर्माण, वन, पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसे संबंधित विभागों द्वारा किसी संयुक्त सर्वेक्षण या क्षति के आकलन की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। आरओडब्ल्यू से बाहर निर्माण, क्षतिग्रस्त धार्मिक व सरकारी संपत्तियां, गायब हुए पेड़ और अधिकारियों के परस्पर विरोधी दावे एक व्यापक, स्वतंत्र और दस्तावेज-आधारित जांच की मांग को बेहद मजबूत करते हैं। जब तक संबंधित विभाग इन सभी प्रश्नों के पारदर्शी और दस्तावेजी उत्तर सार्वजनिक नहीं करते, तब तक सुशासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठते रहेंगे।2
- सरगुजा पुलिस ने अंबिकापुर में संदीप अग्रवाल को आत्महत्या के लिए उकसाने और कर्जा एक्ट के मामले में आरोपी पंकज चौधरी (50 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मृतक संदीप अग्रवाल को अत्यधिक ब्याज पर रकम देकर, मूल और ब्याज की वसूली के लिए लगातार जान से मारने की धमकी देने और प्रताड़ित करने का आरोप है। पुलिस को मर्ग जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट, परिजनों व गवाहों के बयान, बैंक लेनदेन और तकनीकी जांच से आरोपी पंकज चौधरी की इस अपराध में संलिप्तता का पता चला। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी की इसी प्रताड़ना से परेशान होकर संदीप अग्रवाल ने आत्महत्या की थी। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108, 351(3) और कर्जा एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी जब्त कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस की टीम द्वारा की गई।3
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा मंडी प्रांगण में बूथ, पंचायत एवं मंडल कमेटी स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे टी.एस. सिंहदेव ने जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी के निवास पर जाकर उनसे आत्मीय भेंट-मुलाकात की। सम्मेलन के दौरान टी.एस. सिंहदेव ने राजपुर क्षेत्र के कांग्रेस परिवार से जुड़े कई पुराने साथियों से मुलाकात कर उनकी निष्ठा, समर्पण और संघर्ष को नमन किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अनुभव ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से प्रेरणा लें और कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि मजबूत संगठन, समर्पित कार्यकर्ता और जनता का विश्वास ही कांग्रेस की सबसे बड़ी पूंजी है।1
- सरगुजा के परसा में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, जहाँ आसमान में थोड़ी-थोड़ी धूप निकलने के साथ ही बादल भी छाए हुए हैं। यहाँ का नजारा कोहरे जैसा दिखाई दे रहा है। वर्तमान मौसम की इस परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आज परसा में पानी नहीं गिरेगा।1
- छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के दौरान उखड़े पेड़ों और क्षतिग्रस्त हुई सरकारी संपत्तियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परियोजना के कार्यों के बीच सरकारी संपत्ति को पहुंचे नुकसान और पेड़ों के उखड़ने के इस मामले ने अब क्षेत्र में बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र स्थित बैजनपाठ गांव में आज आकाशीय बिजली गिरने से दो बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब किसान अपने बैलों को चराने के लिए जंगल लेकर गया था, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में दोनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पीड़ित किसान को हजारों रुपयों का भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि किसान बैलों से कुछ दूरी पर था, जिसके कारण उसकी जान बाल-बाल बच गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से पीड़ित किसान गहरे सदमे में है।1