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कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। यह ग्रामीण अपनी बकरी की तलाश में निकला था, तभी आंधी की चपेट में आ गया और पेड़ गिरने से उसकी जान चली गई।
SK Kashyapपत्रकार रींवापार
कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। यह ग्रामीण अपनी बकरी की तलाश में निकला था, तभी आंधी की चपेट में आ गया और पेड़ गिरने से उसकी जान चली गई।
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- मजदूरों की मौत के मामले पर सियासी गलियारों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि मृतक मजदूरों के परिजन आज भी न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। इस स्थिति से यह गंभीर सवाल उठता है कि इन असहाय परिवारों को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।1
- आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।1
- बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए। इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।2
- सेंट जेवियर स्कूल दुष्कर्म मामले को लेकर जनता का भारी आक्रोश देखने को मिला है। इसी कड़ी में, सर्वसेन समाज के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया, जहाँ दुष्कर्मी को तत्काल फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों में इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पूरे प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।1
- बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।4
- यह पूरी घटना कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को हाथ-मुक्कों और डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।1
- एक अज्ञात वाहन की ठोकर से युवक की मृत्यु हो जाने के बाद, उसके परिजनों ने एक रैली निकाली। इस रैली के माध्यम से, मृतक युवक के परिजनों ने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा।1
- बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।3