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आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।

8 hrs ago
user_जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।

More news from Bilaspur and nearby areas
  • बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
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    बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    23 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के छुहिपाली में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है, जिसमें 35 लोग घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई जब एक 'छोटा हाथी' वाहन में सवार होकर लोग एक 'समधीन जोड़कर' समारोह से लौट रहे थे।
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    छत्तीसगढ़ के छुहिपाली में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है, जिसमें 35 लोग घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई जब एक 'छोटा हाथी' वाहन में सवार होकर लोग एक 'समधीन जोड़कर' समारोह से लौट रहे थे।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
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    बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया।

स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।

यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया।

आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है।

इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter Baloda Bazar, Chhattisgarh•
    19 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था। पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
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    छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था।

जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था।

पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। यह ग्रामीण अपनी बकरी की तलाश में निकला था, तभी आंधी की चपेट में आ गया और पेड़ गिरने से उसकी जान चली गई।
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    कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। यह ग्रामीण अपनी बकरी की तलाश में निकला था, तभी आंधी की चपेट में आ गया और पेड़ गिरने से उसकी जान चली गई।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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    बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम अमेरी अकबरी में गांव के कुछ बदमाशों पर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग को 70 साल से काबिज जमीन हथियाने के उद्देश्य से गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर बिल्हा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। बिल्हा पुलिस से सोमवार रात 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, अमेरी अकबरी निवासी केराचंद दिब्य, पिता रामखिलावन दिब्य (60) ने सोमवार दोपहर 1:41 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि वह अमेरी अकबरी का रहने वाला है और खेती-किसानी का काम करता है। दिनांक 19 जून 2026 को सुबह करीब 8 बजे जब वह गांव की मुख्य सड़क से अपने भाई संतोष के घर जा रहा था, तभी रास्ते में गांव के प्रकाश, दुलेश, चेतन और रानी ने उसे देखकर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। यह विवाद उस शासकीय जमीन को लेकर था, जिस पर उसके पिता रामखिलावन दिब्य पिछले 70 सालों से काबिज हैं। पीड़ित के मना करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने और उठवाकर फेंक देने की धमकी दी। प्रार्थी ने यह भी बताया कि दुलेश पहले भी उसे धमका चुका है और ये तीनों गांव में गुंडागर्दी करते हैं, जिसे पाते हैं उसे गाली-गलौज करते हैं। इनके डर से गांव में कोई भी थाना नहीं आना चाहता और न ही कोई गवाही देना चाहता है। पीड़ित ने बताया कि उसने गाली देने की इस घटना के बारे में गांव के टहलू कोटवार को बताया था, जिन्होंने उसे थाने में रिपोर्ट करने की सलाह दी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध धारा 296, 351(2), 3(5) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।
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    बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम अमेरी अकबरी में गांव के कुछ बदमाशों पर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग को 70 साल से काबिज जमीन हथियाने के उद्देश्य से गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर बिल्हा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

बिल्हा पुलिस से सोमवार रात 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, अमेरी अकबरी निवासी केराचंद दिब्य, पिता रामखिलावन दिब्य (60) ने सोमवार दोपहर 1:41 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि वह अमेरी अकबरी का रहने वाला है और खेती-किसानी का काम करता है। दिनांक 19 जून 2026 को सुबह करीब 8 बजे जब वह गांव की मुख्य सड़क से अपने भाई संतोष के घर जा रहा था, तभी रास्ते में गांव के प्रकाश, दुलेश, चेतन और रानी ने उसे देखकर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। यह विवाद उस शासकीय जमीन को लेकर था, जिस पर उसके पिता रामखिलावन दिब्य पिछले 70 सालों से काबिज हैं। पीड़ित के मना करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने और उठवाकर फेंक देने की धमकी दी। प्रार्थी ने यह भी बताया कि दुलेश पहले भी उसे धमका चुका है और ये तीनों गांव में गुंडागर्दी करते हैं, जिसे पाते हैं उसे गाली-गलौज करते हैं। इनके डर से गांव में कोई भी थाना नहीं आना चाहता और न ही कोई गवाही देना चाहता है।

पीड़ित ने बताया कि उसने गाली देने की इस घटना के बारे में गांव के टहलू कोटवार को बताया था, जिन्होंने उसे थाने में रिपोर्ट करने की सलाह दी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध धारा 296, 351(2), 3(5) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    23 hrs ago
  • मजदूरों की मौत के मामले पर सियासी गलियारों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि मृतक मजदूरों के परिजन आज भी न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। इस स्थिति से यह गंभीर सवाल उठता है कि इन असहाय परिवारों को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।
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    मजदूरों की मौत के मामले पर सियासी गलियारों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि मृतक मजदूरों के परिजन आज भी न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। इस स्थिति से यह गंभीर सवाल उठता है कि इन असहाय परिवारों को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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