बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
- बलौदा बाजार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत धमनी मुडियाडी जंगल में इमारती लकड़ी सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस संबंध में सबूत उपलब्ध कराए जाते हैं, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।1
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।1
- ग्राम सेल में किए गए एक मुआयने में यह जानकारी मिली है कि वहाँ ट्रैक्टर संचालक कम घंटे काम करते हैं। वहीं, सूरज कुमार अपने खेत की जुताई का काम करवा रहे हैं।1
- खरोरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने बंगोली मंडल के अंतर्गत बूथ क्रमांक 273 और 274 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धा, भाव और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रवादी विचारों के साथ-साथ देश के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने और समाज व राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डोमार धुरंधर, डोमन नायक, विजय वर्मा, अंकित वर्मा, द्रोण हनुमंत, दुर्गेश नायक, संजू डहरिया, नरेश निर्मलकर, धनेश निर्मलकर, परमेश्वर निर्मलकर, गोविंद धीवर, टिकेश्वर नायक, कमलेश नायक, तरुण नायक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गांव के निवासी रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचित आठ लोगों की सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप है। आरोपी ने शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच शुरू की। जांच के तहत सात मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। शुरू में पुलिस को गुमराह करने के बाद, सघन पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि गांव के कई लोगों से उसकी पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, आर्थिक विवाद, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी बातों को लेकर उसके मन में गहरा आक्रोश था। इसी प्रतिशोध की भावना में उसने एक-एक कर सभी को निशाना बनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जहर के प्रभाव को परखने के लिए पहले एक कुत्ते पर प्रयोग किया था। प्रयोग सफल होने के बाद उसने फरवरी से मई 2026 के बीच बद्री, बुठालु, छत्तूराम, बुधराम, विनोद कुमार, गजानंद, चैतूराम और महेतरू राम को जहरीली शराब पिलाकर मार डाला। वहीं, कार्तिक नामक एक व्यक्ति को भी जहरीली शराब दी गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी किसी को शक न हो, इसके लिए वह खुद ही बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज कराने और मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव और परिजनों का संदेह उससे दूर बना रहा। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों ने इस सुनियोजित अपराध को प्रदेश के सबसे जटिल और चर्चित हत्या मामलों में से एक बताया है। गिरफ्तार आरोपी रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है। इस खुलासे से पूरे क्षेत्र में दहशत और हैरानी का माहौल है।1
- बलौदाबाजार के सोनाखान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत महकम गांव में एक बीमार तेंदुआ घुस गया था। तेंदुए की स्थिति गंभीर बताई जा रही थी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे सफलतापूर्वक बचा लिया। रेस्क्यू के उपरांत, तेंदुए को सुरक्षित स्थान जंगल सफारी में छोड़ दिया गया है।2
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी थाना पुलिस ने समाज में जागरूकता और सुरक्षा का संदेश फैलाने के लिए एक अनूठी पहल की है। 21 जून को सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में आयोजित कराते बेल्ट ग्रेडिंग कार्यक्रम को जन-जागरूकता के एक प्रभावी मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान के तहत, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नवीन कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना, अपराधों पर नियंत्रण और समाज में सुरक्षा व विश्वास का माहौल बनाना है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया, जिससे उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान नई पीढ़ी को कानून से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की बुनियादी समझ भी हर नागरिक के लिए ज़रूरी है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को समझाया कि आपात स्थिति या अपराध की घटना होने पर कानून उनकी सुरक्षा कैसे करता है और पुलिस से कैसे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना भी रहा। जागरूकता कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर भी विशेष चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने युवाओं और बच्चों को नशे के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उपस्थित सभी लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण आत्मविश्वास बढ़ाता है, वहीं कानून की जानकारी उन्हें अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा और कानूनी जागरूकता का समन्वय बच्चों को एक जिम्मेदार, सजग और सुरक्षित नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण है। इस पहल में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ शामिल थे। बच्चों और अभिभावकों ने कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा मुक्ति से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिया। कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पलारी पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें कानून के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा भी देते हैं। इस तरह के खेल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के संगम को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।3