logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गांव के निवासी रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचित आठ लोगों की सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप है। आरोपी ने शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच शुरू की। जांच के तहत सात मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। शुरू में पुलिस को गुमराह करने के बाद, सघन पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि गांव के कई लोगों से उसकी पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, आर्थिक विवाद, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी बातों को लेकर उसके मन में गहरा आक्रोश था। इसी प्रतिशोध की भावना में उसने एक-एक कर सभी को निशाना बनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जहर के प्रभाव को परखने के लिए पहले एक कुत्ते पर प्रयोग किया था। प्रयोग सफल होने के बाद उसने फरवरी से मई 2026 के बीच बद्री, बुठालु, छत्तूराम, बुधराम, विनोद कुमार, गजानंद, चैतूराम और महेतरू राम को जहरीली शराब पिलाकर मार डाला। वहीं, कार्तिक नामक एक व्यक्ति को भी जहरीली शराब दी गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी किसी को शक न हो, इसके लिए वह खुद ही बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज कराने और मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव और परिजनों का संदेह उससे दूर बना रहा। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों ने इस सुनियोजित अपराध को प्रदेश के सबसे जटिल और चर्चित हत्या मामलों में से एक बताया है। गिरफ्तार आरोपी रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है। इस खुलासे से पूरे क्षेत्र में दहशत और हैरानी का माहौल है।

8 hrs ago
user_Rajesh mishra
Rajesh mishra
Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गांव के निवासी रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचित आठ लोगों की सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप है। आरोपी ने शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच शुरू की। जांच के तहत सात मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। शुरू में पुलिस को गुमराह करने के बाद, सघन पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि गांव के कई लोगों से उसकी पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, आर्थिक विवाद, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी बातों को लेकर उसके मन में गहरा आक्रोश था। इसी प्रतिशोध की भावना में उसने एक-एक कर सभी को निशाना बनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जहर के प्रभाव को परखने के लिए पहले एक कुत्ते पर प्रयोग किया था। प्रयोग सफल होने के बाद उसने फरवरी से मई 2026 के बीच बद्री, बुठालु, छत्तूराम, बुधराम, विनोद कुमार, गजानंद, चैतूराम और महेतरू राम को जहरीली शराब पिलाकर मार डाला। वहीं, कार्तिक नामक एक व्यक्ति को भी जहरीली शराब दी गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी किसी को शक न हो, इसके लिए वह खुद ही बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज कराने और मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव और परिजनों का संदेह उससे दूर बना रहा। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों ने इस सुनियोजित अपराध को प्रदेश के सबसे जटिल और चर्चित हत्या मामलों में से एक बताया है। गिरफ्तार आरोपी रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है। इस खुलासे से पूरे क्षेत्र में दहशत और हैरानी का माहौल है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
    1
    बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया।

स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    1
    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।

यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया।

आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है।

इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter Baloda Bazar, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था। पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
    4
    छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था।

जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था।

पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना पलारी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में ग्राम धमनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित, जागरूक और कानून के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को देश में लागू नवीन न्याय संहिता की सरल भाषा में जानकारी दी, जिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने उनसे अनजान लिंक पर क्लिक न करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की। यातायात जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम धमनी के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने गांव को "हेलमेट युक्त ग्राम" बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, पुलिस ने ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थानों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद, पुलिस बल ने महिला कमांडो के साथ ग्राम धमनी में फ्लैग मार्च किया, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और गांव को "नशा मुक्त" बनाए रखने का संदेश दिया, जिस पर ग्रामीणों ने "नशा मुक्त ग्राम" की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम सरपंच हरदयाल पैकरा, उपसरपंच पिलाराम निर्मलकर, युवा ग्राम समिति के अध्यक्ष और महिला कमांडो अध्यक्ष श्रीमती जोऊरहीन बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर ग्राम धमनी के नागरिकों और थाना पलारी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है।
    4
    बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना पलारी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में ग्राम धमनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित, जागरूक और कानून के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को देश में लागू नवीन न्याय संहिता की सरल भाषा में जानकारी दी, जिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने उनसे अनजान लिंक पर क्लिक न करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की।

यातायात जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम धमनी के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने गांव को "हेलमेट युक्त ग्राम" बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, पुलिस ने ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थानों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद, पुलिस बल ने महिला कमांडो के साथ ग्राम धमनी में फ्लैग मार्च किया, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और गांव को "नशा मुक्त" बनाए रखने का संदेश दिया, जिस पर ग्रामीणों ने "नशा मुक्त ग्राम" की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की।

इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम सरपंच हरदयाल पैकरा, उपसरपंच पिलाराम निर्मलकर, युवा ग्राम समिति के अध्यक्ष और महिला कमांडो अध्यक्ष श्रीमती जोऊरहीन बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर ग्राम धमनी के नागरिकों और थाना पलारी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है।
    user_तुलसी राम
    तुलसी राम
    Local News Reporter पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • मुंगेली के पथरिया में दबंगई: पानी निकासी पाइप बंद करने से गांव में बवाल, महिलाओं ने थाने में दिया आवेदन मुंगेली जिले के थाना पथरिया में ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बस्ती में पानी निकासी के लिए डाली गई दोंद पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया। पटवारी और आरआई के गलत सीमांकन का फायदा उठाकर आरोपी लगातार परेशान कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि दूसरी जगह पाइप डालने पर भी आरोपी गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने से बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को लिखित आवेदन देकर चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे समेत 7 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। #PathariyaThana #MungeliNews #GraminSamasy #Dabangai #PaniNikasiVivad #PMGSY #ThaneMePradarshan #ChhattisgarhNews #WomenProtest #NyayKiGuhar #BreakingNewsCG #SodhiGaon #NagarikSamasy #PoliceAction
    1
    मुंगेली के पथरिया में दबंगई: पानी निकासी पाइप बंद करने से गांव में बवाल, महिलाओं ने थाने में दिया आवेदन
मुंगेली जिले के थाना पथरिया में ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बस्ती में पानी निकासी के लिए डाली गई दोंद पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया। पटवारी और आरआई के गलत सीमांकन का फायदा उठाकर आरोपी लगातार परेशान कर रहे हैं। 
महिलाओं ने बताया कि दूसरी जगह पाइप डालने पर भी आरोपी गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने से बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को लिखित आवेदन देकर चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे समेत 7 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। 
#PathariyaThana #MungeliNews #GraminSamasy #Dabangai #PaniNikasiVivad #PMGSY #ThaneMePradarshan #ChhattisgarhNews #WomenProtest #NyayKiGuhar #BreakingNewsCG #SodhiGaon #NagarikSamasy #PoliceAction
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    1 hr ago
  • बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
    1
    बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    2 hrs ago
  • बलौदाबाजार में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने तथा उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर एक शासकीय स्कूल में पदस्थ व्यावसायिक शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बलौदाबाजार में किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएँ दे रही थी। उसी मकान के समीप रहने वाले अभिषेक कुमार जायसवाल ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी करने का वादा कर पिछले लगभग पाँच महीनों से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी पर विवाह करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना देने लगा। लगातार मिल रहे मानसिक आघात और धोखे से परेशान होकर युवती ने 22 जून 2026 को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कमरे की दीवार पर लिखे संदेश तथा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने मामले को नया मोड़ दिया। मृतिका ने अपने लिखित संदेश में आरोपी अभिषेक जायसवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में तत्काल मर्ग जाँच प्रारंभ कर अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल फोन के स्क्रीनशॉट, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए गए। जाँच में आरोपी द्वारा मृतिका को प्रताड़ित किए जाने तथा उसके गर्भवती होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल (30 वर्ष), निवासी ग्राम निमधा, थाना मरवाही, जिला पेंड्रा एवं वर्तमान निवासी सिविल लाइन, बलौदाबाजार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    1
    बलौदाबाजार में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने तथा उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर एक शासकीय स्कूल में पदस्थ व्यावसायिक शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बलौदाबाजार में किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएँ दे रही थी। उसी मकान के समीप रहने वाले अभिषेक कुमार जायसवाल ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी करने का वादा कर पिछले लगभग पाँच महीनों से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी पर विवाह करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना देने लगा।

लगातार मिल रहे मानसिक आघात और धोखे से परेशान होकर युवती ने 22 जून 2026 को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कमरे की दीवार पर लिखे संदेश तथा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने मामले को नया मोड़ दिया। मृतिका ने अपने लिखित संदेश में आरोपी अभिषेक जायसवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में तत्काल मर्ग जाँच प्रारंभ कर अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल फोन के स्क्रीनशॉट, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए गए। जाँच में आरोपी द्वारा मृतिका को प्रताड़ित किए जाने तथा उसके गर्भवती होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल (30 वर्ष), निवासी ग्राम निमधा, थाना मरवाही, जिला पेंड्रा एवं वर्तमान निवासी सिविल लाइन, बलौदाबाजार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
    3
    तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ।

घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.