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बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।

2 hrs ago
user_Patrkar Sarthi
Patrkar Sarthi
Reporter Bilha, Bilaspur•
2 hrs ago

बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।

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  • बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
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    बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    2 hrs ago
  • बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।
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    बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    47 min ago
  • बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
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    बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • मुंगेली के पथरिया में दबंगई: पानी निकासी पाइप बंद करने से गांव में बवाल, महिलाओं ने थाने में दिया आवेदन मुंगेली जिले के थाना पथरिया में ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बस्ती में पानी निकासी के लिए डाली गई दोंद पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया। पटवारी और आरआई के गलत सीमांकन का फायदा उठाकर आरोपी लगातार परेशान कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि दूसरी जगह पाइप डालने पर भी आरोपी गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने से बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को लिखित आवेदन देकर चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे समेत 7 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। #PathariyaThana #MungeliNews #GraminSamasy #Dabangai #PaniNikasiVivad #PMGSY #ThaneMePradarshan #ChhattisgarhNews #WomenProtest #NyayKiGuhar #BreakingNewsCG #SodhiGaon #NagarikSamasy #PoliceAction
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    मुंगेली के पथरिया में दबंगई: पानी निकासी पाइप बंद करने से गांव में बवाल, महिलाओं ने थाने में दिया आवेदन
मुंगेली जिले के थाना पथरिया में ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बस्ती में पानी निकासी के लिए डाली गई दोंद पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया। पटवारी और आरआई के गलत सीमांकन का फायदा उठाकर आरोपी लगातार परेशान कर रहे हैं। 
महिलाओं ने बताया कि दूसरी जगह पाइप डालने पर भी आरोपी गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने से बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को लिखित आवेदन देकर चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे समेत 7 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। 
#PathariyaThana #MungeliNews #GraminSamasy #Dabangai #PaniNikasiVivad #PMGSY #ThaneMePradarshan #ChhattisgarhNews #WomenProtest #NyayKiGuhar #BreakingNewsCG #SodhiGaon #NagarikSamasy #PoliceAction
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    39 min ago
  • बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
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    बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया।

स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।

यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया।

आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है।

इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter Baloda Bazar, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था। पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
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    छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था।

जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था।

पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
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    बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    12 hrs ago
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