बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ
की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था। पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।4
- खरोरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने बंगोली मंडल के अंतर्गत बूथ क्रमांक 273 और 274 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धा, भाव और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रवादी विचारों के साथ-साथ देश के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने और समाज व राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डोमार धुरंधर, डोमन नायक, विजय वर्मा, अंकित वर्मा, द्रोण हनुमंत, दुर्गेश नायक, संजू डहरिया, नरेश निर्मलकर, धनेश निर्मलकर, परमेश्वर निर्मलकर, गोविंद धीवर, टिकेश्वर नायक, कमलेश नायक, तरुण नायक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी थाना पुलिस ने समाज में जागरूकता और सुरक्षा का संदेश फैलाने के लिए एक अनूठी पहल की है। 21 जून को सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में आयोजित कराते बेल्ट ग्रेडिंग कार्यक्रम को जन-जागरूकता के एक प्रभावी मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान के तहत, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नवीन कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना, अपराधों पर नियंत्रण और समाज में सुरक्षा व विश्वास का माहौल बनाना है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया, जिससे उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान नई पीढ़ी को कानून से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की बुनियादी समझ भी हर नागरिक के लिए ज़रूरी है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को समझाया कि आपात स्थिति या अपराध की घटना होने पर कानून उनकी सुरक्षा कैसे करता है और पुलिस से कैसे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना भी रहा। जागरूकता कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर भी विशेष चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने युवाओं और बच्चों को नशे के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उपस्थित सभी लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण आत्मविश्वास बढ़ाता है, वहीं कानून की जानकारी उन्हें अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा और कानूनी जागरूकता का समन्वय बच्चों को एक जिम्मेदार, सजग और सुरक्षित नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण है। इस पहल में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ शामिल थे। बच्चों और अभिभावकों ने कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा मुक्ति से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिया। कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पलारी पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें कानून के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा भी देते हैं। इस तरह के खेल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के संगम को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।3
- तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।3