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जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिम सिंहभूम की ओर से तांतनगर प्रखंड के खेड़िया टांगर ,गांव में माननीय मुखिया श्री मंगल सिंह पूर्ति जी के उपस्थिति में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया PLV. एवं काफी संख्या में युवा उपस्थित हुए!
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जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिम सिंहभूम की ओर से तांतनगर प्रखंड के खेड़िया टांगर ,गांव में माननीय मुखिया श्री मंगल सिंह पूर्ति जी के उपस्थिति में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया PLV. एवं काफी संख्या में युवा उपस्थित हुए!
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- जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिम सिंहभूम की ओर से तांतनगर प्रखंड के खेड़िया टांगर ,गांव में माननीय मुखिया श्री मंगल सिंह पूर्ति जी के उपस्थिति में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया PLV. एवं काफी संख्या में युवा उपस्थित हुए!1
- चाईबासा सदर अस्पताल में 'मुफ़्त' गर्म पानी पर विवाद: ₹5 के शुल्क ने खड़ा किया हंगामा, मरीज़ परेशान 11/01/2026 चाईबासा, झारखंड। आप लोग पिछले वीडियो में भी देख चुके हैं पार्ट 1 में पार्ट 2 में देखिए साफ-साफ दिख रहा है गर्म पानी के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है मरीजों के परिजनों से पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ़्त गर्म पानी की सुविधा को लेकर उठे विवाद ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों पर गर्म पानी के लिए कथित तौर पर ₹5 शुल्क लेने का आरोप लगाया गया था। क्या है मामला? अस्पताल परिसर में एक साइनबोर्ड लगा है, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है: "सिर्फ मरीजों हेतु गर्म पानी के लिए रसोईघर में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।" हालांकि, एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि मरीजों से इस मुफ्त सेवा के लिए ₹5 वसूले जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर अस्पताल के नियमों का उल्लंघन है। कैंटीन संचालक का स्पष्टीकरण विवाद बढ़ने पर, अस्पताल के कैंटीन संचालक ने अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्म पानी की सुविधा हमेशा से मुफ्त रही है। उनके अनुसार, कुछ लोगों द्वारा बार-बार हंगामा करने और डराने-धमकाने के कारण उन्हें यह सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। मरीजों की बढ़ी मुश्किलें इस घटना के बाद, गर्म पानी की सुविधा बंद हो जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिचारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की ढिलाई और व्यवस्था की कमी को उजागर करती है।1
- उड़ीसा में इंडिया वन ईयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश , पायलट को आई गंभीर चोट।1
- Post by Gudiya Kumari1
- Borewell Ke Liye Sampark Kare. Shree Balaji Rock Drilles Musabani... 70619698331
- राउरकेला आ रहा विमान खेत में गिरा, मची अफरा-तफरी1
- नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद कुमार ने सबसे पहले रांची से आकर खूंटी में सर्वप्रथम खूंटी की धरती में कदम रखते ही बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया4
- राउरकेला में बड़ा विमान हादसा टला: पायलटों की सूझबूझ से बचीं 6 जानें, DGCA ने दिए जांच के आदेश राउरकेला, 10 जनवरी 2026: ओडिशा के राउरकेला के जल्दा (Jalda) इलाके के पास एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भुवनेश्वर से आ रहे 'इंडियावन एयर' (IndiaOne Air) के एक नौ सीटों वाले विमान को आपात स्थिति में खाली मैदान में उतारना पड़ा। पायलटों की सूझबूझ की वजह से विमान में सवार सभी छह लोग सुरक्षित बच गए हैं, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं। मुख्य विवरण: घटनास्थल: यह घटना राउरकेला हवाई अड्डे से लगभग 8 से 10 नॉटिकल मील (लगभग 15-20 किलोमीटर) पहले कंसार/जल्दा (Kansor/Jalda) इलाके में हुई। विमान का प्रकार: यह 'इंडियावन एयर' द्वारा संचालित एक नौ सीटों वाला सेसना ग्रैंड C208B (Cessna Grand C208B) विमान था। यात्री और चालक दल: विमान में चार यात्री और दो पायलट सवार थे। स्थिति: सभी घायल यात्रियों और चालक दल को स्थानीय जेपी अस्पताल (J.P. Hospital) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बचने का कारण: स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने पायलटों की सराहना की, जिन्होंने तकनीकी खराबी (संभवतः इंजन फेल्योर या दबाव में अचानक गिरावट) के बाद विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर एक खाली खेत में उतारा। जांच और प्रशासन की कार्रवाई: विमान के चालक दल ने आपातकालीन स्थिति की घोषणा करते हुए "मेडे" (Mayday) कॉल जारी किया था, जिसके बाद विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से टूट गया था। जांच: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को घटना की सूचना दे दी गई है, और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक निगरानी: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है。 इस घटना ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन पायलटों के त्वरित निर्णय ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया。1