अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान नेत्री रीता सिंह पर विद्युत कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से नाराज होकर बड़ी संख्या में उपभोक्ता देर रात गौरीगंज 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे। वहां उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए उपकेंद्र का घेराव किया। इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों और विद्युत कर्मचारी के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद किसान नेत्री रीता सिंह द्वारा संबंधित विद्युत कर्मचारी के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है। यदि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो पुलिस मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई कर सकती है।
अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान नेत्री रीता सिंह पर विद्युत कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से नाराज होकर बड़ी संख्या में उपभोक्ता देर रात गौरीगंज 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे। वहां उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए उपकेंद्र का घेराव किया। इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों और विद्युत कर्मचारी के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद किसान नेत्री रीता सिंह द्वारा संबंधित विद्युत कर्मचारी के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है। यदि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो पुलिस मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई कर सकती है।
- उत्तर प्रदेश के अमेठी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और विजिलेंस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इस अभियान के तहत 18 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक संजय मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। संजय मिश्रा पर अपने ही विभाग के एक कर्मचारी से काम कराने के एवज में यह रिश्वत मांगने का आरोप है। इस ताजा कार्रवाई के बाद से जिले के सरकारी महकमों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान अमेठी में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत, शिक्षा और अन्य कई विभागों के कई अधिकारी व कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामलों में रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं, जिसके बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ यह शिकंजा लगातार कड़ा होता जा रहा है।1
- अमेठी जनपद के विकासखंड बाजार शुकुल की 4 ग्राम पंचायतों में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। खालिस बहादुरपुर, विशंभर पट्टी, दारानगर और हरखू मऊ ग्राम पंचायतों में इस योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनें और टोंटियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे लगातार होने वाले पानी के रिसाव के कारण गांवों के मुख्य रास्ते दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का पानी अब घरों से ज्यादा सड़कों पर बह रहा है, जिससे रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इस फिसलन और जलभराव के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का रास्तों पर चलना जोखिम भरा हो गया है। इस समस्या से परेशान होकर ग्राम प्रधानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र सौंपकर प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों व खराब टोंटियों की जल्द मरम्मत कराने और रास्तों को दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करेगा ताकि उन्हें जलभराव और कीचड़ की समस्या से निजात मिल सके।4
- उत्तर प्रदेश के बांदा में फर्जी SDM और RTO बनकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी एक बोलेरो वाहन में सवार होकर ई-रिक्शा चालकों को रोकते थे और खुद को RTO अधिकारी बताकर चालान व भारी जुर्माने का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे। शुक्रवार दोपहर को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस की टीम सादे वाहन से मौके पर पहुंची और दूर से ही आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस ने देखा कि आरोपी ई-रिक्शा चालकों को रोककर उनसे पूछताछ और वसूली कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों को दबोच लिया। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस कर्मियों पर भी अपना रौब जमाने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उनका पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पुलिस ने इन जालसाजों के कब्जे से एक लैपटॉप, वसूली के 5,400 रुपये नकद और एक बोलेरो वाहन बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक मध्य प्रदेश के रीवा का रहने वाला है, जबकि अन्य तीन आरोपी चित्रकूट जिले के निवासी हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है कि यदि वे सड़क पर किसी व्यक्ति को खुद को अधिकारी बताकर वसूली करते देखें, तो बिना जांचे-परखे कोई पैसा न दें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।2
- अमेठी में स्कूल चलो अभियान के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) अमेठी की ओर से शनिवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी के निर्देश और खंड शिक्षा अधिकारी पूजा देवी के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना तथा लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना था। इस रैली का शुभारंभ अमेठी के गायत्री मंदिर से हुआ, जिसके बाद यह अंबेडकर तिराहा और दुर्गापुर रोड सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस जागरूकता रैली में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हाथों में शिक्षा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर भाग लिया और पूरे रास्ते नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी पूजा देवी ने अभिभावकों से अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में कराने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। रैली में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।4
- रायबरेली जिले के लालगंज क्षेत्र अंतर्गत मानपुर के रहने वाले विमल कुमार ने क्षेत्र के विकास से जुड़े बड़े राज उजागर किए हैं। उन्होंने हरचंदपुर में हुए विकास कार्यों के पीछे के सच का खुलासा कर दिया है। विमल कुमार के इस खुलासे के बाद अब हर तरफ यही उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर हरचंदपुर में हुए विकास कार्यों के पीछे असली हाथ किसका है।1
- सतना के कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के तहत लोगों से एक विशेष संकल्प लेने की अपील की है। उनका कहना है कि नशामुक्त युवा ही समृद्ध सतना और सशक्त मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी पहचान हैं। कलेक्टर ने सभी से आह्वान किया है कि वे नशे का रास्ता छोड़कर अपने जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य को चुनें।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर में स्कूल डायरेक्टर अतुल की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अतुल की पत्नी दामिनी ने अपने ही स्कूल के वैन ड्राइवर तुषार पायला के साथ प्रेम संबंधों और अतुल के ₹20 लाख के बीमे की रकम हड़पने के लिए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। दोनों शादी करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने अतुल को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। साजिश के तहत, शुक्रवार की रात दामिनी ने अपने पति अतुल को सोने से पहले दूध में नशीली दवा मिलाकर दे दी। जब अतुल गहरे नशे में सो गया, तब दामिनी के प्रेमी तुषार पायला और उसके साथियों सोनू व उदय ने कमरे में आकर बिस्तर पर एक जहरीला सांप छोड़ दिया। सांप ने अतुल को डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद सांप सुबह तक अतुल के बिस्तर पर ही बैठा रहा। अतुल और दामिनी ने साल 2019 में प्रेम विवाह किया था और दोनों मिलकर हस्तिनापुर में एक किड्स प्ले स्कूल चलाते थे। अतुल की मौत पर परिजनों को शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जब पुलिस ने दामिनी का मोबाइल फोन चेक किया, तो उसकी गैलरी में एक पिटारे में फन फैलाए हुए नाग की तस्वीर मिली। पुलिस की सख्ती के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया और पुलिस ने दामिनी, उसके प्रेमी तुषार और दोनों सपेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।4
- अमेठी के निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे सुन्दरीकरण कार्य के दौरान शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माण सामग्री उतारते समय एक बेकाबू डस्ट लोडर साइकिल स्टैंड की चाहरदीवारी से जा भिड़ा, जिससे दीवार भरभराकर ढह गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से स्टैंड में खड़ी करीब 14 बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कार्यदायी संस्था की ओर से एजेंक्स मिक्सर मशीन के लिए डस्ट की ढुलाई कराई जा रही थी। इसी दौरान बिहार के सारण जिले के भेल्दी येकमा गांव निवासी चालक सूरज कुमार वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और डस्ट लोडर सीधे चाहरदीवारी से जा टकराया। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बताया गया है कि चालक को एमएस कॉन्ट्रैक्टर, मैनपुरी की ओर से इस निर्माण कार्य में लगाया गया था। हादसे के बाद साइकिल स्टैंड के संचालक कुलदीप सिंह की तहरीर पर आरपीएफ पोस्ट निहालगढ़ में चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरपीएफ उपनिरीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। तकनीकी विभाग से क्षति का सटीक आकलन मिलने के बाद उसे भी इस प्रकरण में शामिल किया जाएगा।3