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02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी, दून पुलिस ने निभाया मानवता का फ़र्ज़। The Aman Times ✨ 02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी देहरादून से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दून पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 2 महीने से लापता एक बालिका को उसके परिजनों से मिलवा दिया। 👮‍♂️ एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन स्माइल” के तहत पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए झारखंड की रहने वाली इस बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला। 📍 13 फरवरी 2026 को घंटाघर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मिली बालिका को सुरक्षा के लिए केदारपुरम स्थित राजकीय महिला पुनर्वासन केंद्र में रखा गया था। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। 🔍 पुलिस टीम ने हार नहीं मानी—लगातार बातचीत, सुरागरसी और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी जुटाई गई। आखिरकार बालिका के झारखंड के सिमडेगा जिले से होने की पुष्टि हुई। 🤝 इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें देहरादून बुलाया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया। 😭 अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और दून पुलिस का दिल से आभार जताया। 👏 दून पुलिस की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “ऑपरेशन स्माइल” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि बिछड़े चेहरों पर मुस्कान लौटाने का संकल्प है। 👮‍♀️ पुलिस टीम:

5 hrs ago
user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
5 hrs ago

02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी, दून पुलिस ने निभाया मानवता का फ़र्ज़। The Aman Times ✨ 02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी देहरादून से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दून पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 2 महीने से लापता एक बालिका को उसके परिजनों से मिलवा दिया। 👮‍♂️ एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन स्माइल” के तहत पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए झारखंड की रहने वाली इस बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला। 📍 13 फरवरी 2026 को घंटाघर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मिली बालिका को सुरक्षा के लिए केदारपुरम स्थित राजकीय महिला पुनर्वासन केंद्र में रखा गया था। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। 🔍 पुलिस टीम ने हार नहीं मानी—लगातार बातचीत, सुरागरसी और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी जुटाई गई। आखिरकार बालिका के झारखंड के सिमडेगा जिले से होने की पुष्टि हुई। 🤝 इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें देहरादून बुलाया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया। 😭 अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और दून पुलिस का दिल से आभार जताया। 👏 दून पुलिस की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “ऑपरेशन स्माइल” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि बिछड़े चेहरों पर मुस्कान लौटाने का संकल्प है। 👮‍♀️ पुलिस टीम:

More news from Uttarakhand and nearby areas
  • Post by Paras jain panna
    4
    Post by Paras jain panna
    user_Paras jain panna
    Paras jain panna
    Social Media Manager Dehradun, Uttarakhand•
    11 hrs ago
  • यातायात पुलिस हरिद्वार ने सतर्कता दिखाते हुए एक वाहन को रुकवाकर मौके पर चालान किया गया व अन्य वाहन स्वामी का ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की गई। साथ ही यातायात पुलिस द्वारा वाहन चालक व वाहन में सवार यात्रियों को आगे से ऐसी गलती न करने की सख्त हिदायत दी गई। हरिद्वार पुलिस आमजन से अपील करती है कि चलती गाड़ी में शरीर बाहर न निकाले। यातायात नियमों का पालन कर अपनी यात्रा को सकुशल संपन्न कर अपने गंतव्य को प्रस्थान करें
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    यातायात पुलिस हरिद्वार ने सतर्कता दिखाते हुए एक  वाहन को रुकवाकर मौके पर चालान किया गया व अन्य वाहन स्वामी का ऑनलाइन  चालान की कार्रवाई की गई।
साथ ही यातायात पुलिस द्वारा वाहन चालक व वाहन में सवार यात्रियों को आगे से ऐसी गलती न करने की सख्त हिदायत दी गई।
हरिद्वार पुलिस आमजन से अपील करती है कि चलती गाड़ी में शरीर बाहर न निकाले। यातायात नियमों का पालन कर अपनी यात्रा को सकुशल संपन्न कर अपने गंतव्य को प्रस्थान करें
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • आजकल हरिद्वार में जगह-जगह विकास कार्य चल रहे हैं।कामों में लापरवाही के कारण अनेक जगह जहां आवागमन बाधित हो रहा है वहीं कहीं सीवर टूटे हुए हैं तो कहीं पेयजल लाइन फटी हुई हैं। सिंहद्वार के निकट गुरुकुल कांगड़ी अंडरपास पर काफी समय से पेयजल लाइन फटी हुई है जिससे सारा जल सर्विस लेन पर बह रहा है। इससे पेयजल की भी बर्बादी हो रही है।
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    आजकल हरिद्वार में जगह-जगह विकास कार्य चल रहे हैं।कामों में लापरवाही के कारण अनेक जगह जहां आवागमन बाधित हो रहा है वहीं कहीं सीवर टूटे हुए हैं तो कहीं पेयजल लाइन फटी हुई हैं। सिंहद्वार के निकट गुरुकुल कांगड़ी अंडरपास पर काफी समय से पेयजल लाइन फटी हुई है जिससे सारा जल सर्विस लेन पर बह रहा है। इससे पेयजल की भी बर्बादी हो रही है।
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • Post by Om tv haridwar
    1
    Post by Om tv haridwar
    user_Om tv haridwar
    Om tv haridwar
    Astrologer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • हरिद्वार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पौड़ी क्षेत्र में उस वक्त अजीब नजारा देखने को मिला, जब अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम से बचने के लिए दो लोगों ने अपनी ठेली को सीधे गंगा के एस्केप चैनल में उतार दिया। बताया जा रहा है कि दोनों व्यक्ति ठेली को धक्का देते हुए गहरे पानी वाले चैनल को पार कर दूसरी ओर ले गए। यह चैनल काफी गहरा और खतरनाक माना जाता है। हालांकि गनीमत रही कि उस समय पानी का बहाव कम था, वरना तेज धारा में बहने का बड़ा खतरा हो सकता था। यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसी भी है।
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    हरिद्वार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पौड़ी क्षेत्र में उस वक्त अजीब नजारा देखने को मिला, जब अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम से बचने के लिए दो लोगों ने अपनी ठेली को सीधे गंगा के एस्केप चैनल में उतार दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों व्यक्ति ठेली को धक्का देते हुए गहरे पानी वाले चैनल को पार कर दूसरी ओर ले गए। यह चैनल काफी गहरा और खतरनाक माना जाता है।
हालांकि गनीमत रही कि उस समय पानी का बहाव कम था, वरना तेज धारा में बहने का बड़ा खतरा हो सकता था। यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसी भी है।
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • “संस्था की गरिमा बनाम साजिश?” — आर्य समाज की प्रतिष्ठा पर टकराव तेज, “गुरुकुल कांगड़ी में बड़ा विवाद!” — कुलसचिव का खुलासा, पूर्व प्रोफेसर पर गंभीर आरोप “गुरुकुल कांगड़ी में बड़ा विवाद!” — कुलसचिव का खुलासा, पूर्व प्रोफेसर पर गंभीर आरोप “45 से 70 लाख की रिकवरी का मामला” — प्रशासन सख्त, सात दिन का अल्टीमेटम “संस्था की गरिमा बनाम साजिश?” — आर्य समाज की प्रतिष्ठा पर टकराव तेज ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो० सत्यदेव निगमालंकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। बयान में पूर्व अंग्रेजी विभाग के शिक्षक श्रवण कुमार शर्मा पर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और संस्था विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। “शुरुआत से ही विवादों में रहे श्रवण कुमार शर्मा” कुलसचिव के अनुसार, श्रवण कुमार शर्मा की नियुक्ति वर्ष 1984 में हुई, लेकिन शुरुआत से ही वे संस्था विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे आर्य सिद्धांतों के खिलाफ बयानबाजी करते रहे प्रशासनिक अनुशासन को चुनौती देते रहे इसी कारण वर्ष 1995 में उन्हें सीनेट का घेराव, बदसलूकी और आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया था। बार-बार चेतावनी, फिर भी नहीं सुधरे हालात जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद लिखित माफी के आधार पर सेवा बहाल की गई लेकिन प्रशासन ने उन्हें भविष्य में केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखने का निर्णय लिया इसके बावजूद, लगातार अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के आरोप दोहराए जाते रहे। 2021 में फिर निलंबन और प्री-मैच्योर रिटायरमेंट स्थिति बिगड़ने पर 06 दिसंबर 2021 को उन्हें दोबारा निलंबित किया गया। इसके बाद 20 दिसंबर 2021 को समयपूर्व सेवा निवृत्ति (प्री-मैच्योर रिटायरमेंट) दे दी गई। तत्कालीन कुलपति ने स्पष्ट लिखा— “इनका व्यवहार और कार्यशैली संस्था के हित में नहीं है।” लोकपाल के आदेश से बड़ा खुलासा मामले ने नया मोड़ तब लिया जब 14 फरवरी 2025 को लोकपाल जस्टिस बी.के. बिष्ट ने 2023 की प्रबंध मंडल बैठक को अमान्य घोषित किया 18 महीने की सेवा अवधि को अवैध ठहराया उस दौरान हुए भुगतान की जांच और रिकवरी के आदेश दिए अनुमानित रिकवरी: 45 से 70 लाख रुपये प्रबंधन का आरोप — “साजिश और दबाव की राजनीति” विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि श्रवण कुमार शर्मा कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर संस्था के ढांचे में बदलाव और खुद को प्रबंधन में अवैध रूप से शामिल कराने का प्रयास कर रहे थे इसके लिए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के भी आरोप लगाए गए हैं। विनय आर्य और राजेंद्र विद्यालंकार के समर्थन में उतरा प्रशासन कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि विनय आर्य और प्रो० राजेंद्र विद्यालंकार बीते 20 वर्षों से बिना किसी आर्थिक लाभ के संस्था की सेवा कर रहे हैं उन पर लगाए गए आरोपों को “पूरी तरह झूठा और निराधार” बताया गया है। सात दिन का अल्टीमेटम विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है— श्रवण कुमार शर्मा 7 दिन के भीतर अपने आरोप सिद्ध करें अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की जाएगी आर्य समाज की गरिमा पर उठे सवाल यह पूरा विवाद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आर्य समाज की ऐतिहासिक और धार्मिक संस्था की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है गुरुकुल कांगड़ी, जिसे स्वामी श्रद्धानन्द जी महाराज की धरोहर माना जाता है, आज आंतरिक विवादों के कारण चर्चा में है। 🖋️ “गुरुकुल की पवित्र परंपरा और उसकी गरिमा के बीच उठे इस विवाद का सच सामने आना बेहद जरूरी है… क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा की लड़ाई बन चुका है।” — रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार
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    “संस्था की गरिमा बनाम साजिश?” — आर्य समाज की प्रतिष्ठा पर टकराव तेज, “गुरुकुल कांगड़ी में बड़ा विवाद!” — कुलसचिव का खुलासा, पूर्व प्रोफेसर पर गंभीर आरोप
“गुरुकुल कांगड़ी में बड़ा विवाद!” — कुलसचिव का खुलासा, पूर्व प्रोफेसर पर गंभीर आरोप
“45 से 70 लाख की रिकवरी का मामला” — प्रशासन सख्त, सात दिन का अल्टीमेटम
“संस्था की गरिमा बनाम साजिश?” — आर्य समाज की प्रतिष्ठा पर टकराव तेज
✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो० सत्यदेव निगमालंकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। बयान में पूर्व अंग्रेजी विभाग के शिक्षक श्रवण कुमार शर्मा पर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और संस्था विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
“शुरुआत से ही विवादों में रहे श्रवण कुमार शर्मा”
कुलसचिव के अनुसार, श्रवण कुमार शर्मा की नियुक्ति वर्ष 1984 में हुई, लेकिन शुरुआत से ही वे
संस्था विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे
आर्य सिद्धांतों के खिलाफ बयानबाजी करते रहे
प्रशासनिक अनुशासन को चुनौती देते रहे
इसी कारण वर्ष 1995 में उन्हें
सीनेट का घेराव, बदसलूकी और आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया था।
बार-बार चेतावनी, फिर भी नहीं सुधरे हालात
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद
लिखित माफी के आधार पर सेवा बहाल की गई
लेकिन प्रशासन ने उन्हें भविष्य में केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखने का निर्णय लिया
इसके बावजूद,
लगातार अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के आरोप दोहराए जाते रहे।
2021 में फिर निलंबन और प्री-मैच्योर रिटायरमेंट
स्थिति बिगड़ने पर 06 दिसंबर 2021 को उन्हें दोबारा निलंबित किया गया।
इसके बाद
20 दिसंबर 2021 को समयपूर्व सेवा निवृत्ति (प्री-मैच्योर रिटायरमेंट) दे दी गई।
तत्कालीन कुलपति ने स्पष्ट लिखा—
“इनका व्यवहार और कार्यशैली संस्था के हित में नहीं है।”
लोकपाल के आदेश से बड़ा खुलासा
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब
14 फरवरी 2025 को लोकपाल जस्टिस बी.के. बिष्ट ने
2023 की प्रबंध मंडल बैठक को अमान्य घोषित किया
18 महीने की सेवा अवधि को अवैध ठहराया
उस दौरान हुए भुगतान की जांच और रिकवरी के आदेश दिए
अनुमानित रिकवरी: 45 से 70 लाख रुपये
प्रबंधन का आरोप — “साजिश और दबाव की राजनीति”
विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि
श्रवण कुमार शर्मा कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर
संस्था के ढांचे में बदलाव और
खुद को प्रबंधन में अवैध रूप से शामिल कराने का प्रयास कर रहे थे
इसके लिए
कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
विनय आर्य और राजेंद्र विद्यालंकार के समर्थन में उतरा प्रशासन
कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि
विनय आर्य और प्रो० राजेंद्र विद्यालंकार
बीते 20 वर्षों से बिना किसी आर्थिक लाभ के संस्था की सेवा कर रहे हैं
उन पर लगाए गए आरोपों को
“पूरी तरह झूठा और निराधार” बताया गया है।
सात दिन का अल्टीमेटम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है—
श्रवण कुमार शर्मा 7 दिन के भीतर अपने आरोप सिद्ध करें
अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की जाएगी
आर्य समाज की गरिमा पर उठे सवाल
यह पूरा विवाद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि
आर्य समाज की ऐतिहासिक और धार्मिक संस्था की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है
गुरुकुल कांगड़ी, जिसे
स्वामी श्रद्धानन्द जी महाराज की धरोहर माना जाता है,
आज आंतरिक विवादों के कारण चर्चा में है।
🖋️ “गुरुकुल की पवित्र परंपरा और उसकी गरिमा के बीच उठे इस विवाद का सच सामने आना बेहद जरूरी है… क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा की लड़ाई बन चुका है।”
— रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • The Aman Times ✨ 02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी देहरादून से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दून पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 2 महीने से लापता एक बालिका को उसके परिजनों से मिलवा दिया। 👮‍♂️ एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन स्माइल” के तहत पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए झारखंड की रहने वाली इस बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला। 📍 13 फरवरी 2026 को घंटाघर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मिली बालिका को सुरक्षा के लिए केदारपुरम स्थित राजकीय महिला पुनर्वासन केंद्र में रखा गया था। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। 🔍 पुलिस टीम ने हार नहीं मानी—लगातार बातचीत, सुरागरसी और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी जुटाई गई। आखिरकार बालिका के झारखंड के सिमडेगा जिले से होने की पुष्टि हुई। 🤝 इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें देहरादून बुलाया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया। 😭 अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और दून पुलिस का दिल से आभार जताया। 👏 दून पुलिस की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “ऑपरेशन स्माइल” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि बिछड़े चेहरों पर मुस्कान लौटाने का संकल्प है। 👮‍♀️ पुलिस टीम:
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    The Aman Times
✨ 02 माह बाद परिजनों की आंखों में लौट आई खुशी
देहरादून से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दून पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 2 महीने से लापता एक बालिका को उसके परिजनों से मिलवा दिया।
👮‍♂️ एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन स्माइल” के तहत पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए झारखंड की रहने वाली इस बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला।
📍 13 फरवरी 2026 को घंटाघर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मिली बालिका को सुरक्षा के लिए केदारपुरम स्थित राजकीय महिला पुनर्वासन केंद्र में रखा गया था। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी।
🔍 पुलिस टीम ने हार नहीं मानी—लगातार बातचीत, सुरागरसी और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी जुटाई गई। आखिरकार बालिका के झारखंड के सिमडेगा जिले से होने की पुष्टि हुई।
🤝 इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें देहरादून बुलाया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया।
😭 अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और दून पुलिस का दिल से आभार जताया।
👏 दून पुलिस की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “ऑपरेशन स्माइल” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि बिछड़े चेहरों पर मुस्कान लौटाने का संकल्प है।
👮‍♀️ पुलिस टीम:
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • Post by Paras jain panna
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    Post by Paras jain panna
    user_Paras jain panna
    Paras jain panna
    Social Media Manager Dehradun, Uttarakhand•
    11 hrs ago
  • जंगली हाथियों ने अब उत्तरी हरिद्वार के रिहायशी क्षेत्रों में भी दस्तक दे दी है। बीती रात एक विशालकाय हाथी भूपतवाला क्षेत्र में सड़कों पर उतर आया।हाथी को सड़क पर देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई।हाथी सड़क से होते हुए एक पेट्रोल पंप में जा घुसा। रात के अंधेरे में पहले तो पंप कर्मियों ने हाथी को पेट्रोल भरवाने आया कोई बड़ा वाहन समझकर इग्नोर कर दिया लेकिन पास आने पर हाथी को सामने देख कर्मचारियों के होश उड़ गए। इसके बाद हाथी ने उसे हल्के में ले रहे पंप कर्मियों को दौड़ाना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि कोई हाथी की चपेट में नहीं आया वरना कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
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    जंगली हाथियों ने अब उत्तरी हरिद्वार के रिहायशी क्षेत्रों में भी दस्तक दे दी है। बीती रात एक विशालकाय हाथी  भूपतवाला क्षेत्र में 
सड़कों पर उतर आया।हाथी को सड़क पर देखकर
लोगों में अफरा-तफरी मच गई।हाथी सड़क से होते हुए एक पेट्रोल पंप में जा घुसा। रात के अंधेरे में पहले तो पंप कर्मियों ने हाथी को पेट्रोल भरवाने आया कोई बड़ा वाहन समझकर इग्नोर कर दिया लेकिन पास आने पर हाथी को  सामने देख कर्मचारियों के होश उड़ गए। इसके बाद हाथी ने उसे हल्के में ले रहे पंप कर्मियों को दौड़ाना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि कोई हाथी की चपेट में नहीं आया वरना कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
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