यूआईटी आवासीय योजना के प्रति आमजन ने दिखाया खासा उत्साह, 6270 आवेदन प्राप्त भूखंडों की श्रेणीवार संख्या में संशोधन, शीघ्र होगी ई-लॉटरी दौसा, 5 मई। नगर विकास न्यास (यूआईटी) दौसा-बांदीकुई द्वारा संचालित "पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवासीय योजना" के तहत आवासीय भूखंडों के आवंटन के लिए आमजन में खासा उत्साह देखने को मिला है। योजना की अंतिम तिथि 24 अप्रैल तक कुल 6270 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नगर विकास न्यास के सचिव मूलचंद लूणिया ने बताया कि आमजन की बढ़ती रुचि को देखते हुए भूखंडों की श्रेणीवार संख्या में आवश्यक संशोधन किया गया। संशोधित विवरण के अनुसार ईडब्ल्यूएस (3 लाख रुपये तक आय) श्रेणी में 355 भूखंडों के लिए 3102 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलआईजी (3 से 6 लाख रुपये आय) में 197 भूखंडों के लिए 1305 आवेदन, एमआईजी-ए (6 से 12 लाख रुपये आय) में 7 भूखंडों के लिए 423 आवेदन, एमआईजी-बी (12 से 18 लाख रुपये आय) में 260 भूखंडों के लिए 913 आवेदन तथा एचआईजी (18 लाख रुपये से अधिक आय) श्रेणी में 180 भूखंडों के लिए 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 999 भूखंडों के लिए 6270 आवेदन दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर एवं नगर विकास न्यास अध्यक्ष डॉ. सौम्या झा के निर्देशन में ई-लॉटरी की प्रक्रिया के लिए कार्यालय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही लॉटरी की तिथि घोषित की जाएगी। इसकी सूचना समाचार पत्रों तथा न्यास की आधिकारिक वेबसाइट
यूआईटी आवासीय योजना के प्रति आमजन ने दिखाया खासा उत्साह, 6270 आवेदन प्राप्त भूखंडों की श्रेणीवार संख्या में संशोधन, शीघ्र होगी ई-लॉटरी दौसा, 5 मई। नगर विकास न्यास (यूआईटी) दौसा-बांदीकुई द्वारा संचालित "पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवासीय योजना" के तहत आवासीय भूखंडों के आवंटन के लिए आमजन में खासा उत्साह देखने को मिला है। योजना की अंतिम तिथि 24 अप्रैल तक कुल 6270 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नगर विकास न्यास के सचिव मूलचंद लूणिया ने बताया कि आमजन की बढ़ती रुचि को देखते हुए भूखंडों की श्रेणीवार संख्या में आवश्यक संशोधन किया गया। संशोधित विवरण के अनुसार ईडब्ल्यूएस (3 लाख रुपये तक आय) श्रेणी में 355 भूखंडों के लिए 3102 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलआईजी (3 से 6 लाख रुपये आय) में
197 भूखंडों के लिए 1305 आवेदन, एमआईजी-ए (6 से 12 लाख रुपये आय) में 7 भूखंडों के लिए 423 आवेदन, एमआईजी-बी (12 से 18 लाख रुपये आय) में 260 भूखंडों के लिए 913 आवेदन तथा एचआईजी (18 लाख रुपये से अधिक आय) श्रेणी में 180 भूखंडों के लिए 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 999 भूखंडों के लिए 6270 आवेदन दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर एवं नगर विकास न्यास अध्यक्ष डॉ. सौम्या झा के निर्देशन में ई-लॉटरी की प्रक्रिया के लिए कार्यालय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही लॉटरी की तिथि घोषित की जाएगी। इसकी सूचना समाचार पत्रों तथा न्यास की आधिकारिक वेबसाइट
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- गुल्लाना (#दौसा)। ग्राम गुल्लाना स्थित श्री भोमिया जी महाराज के पवित्र स्थान पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कृष्ण जन्म के प्रसंग के दौरान समूचा कथा पंडाल 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। #कथा_प्रसंग: अधर्म के नाश हेतु हुआ प्रभु का अवतार कथावाचक पंडित अरुण त्रिवेदी जी ने चतुर्थ दिन की कथा का शुभारंभ करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श जीवन और उनके वनवास प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। इसके पश्चात उन्होंने श्री कृष्ण अवतार की कथा सुनाते हुए बताया कि जब धरती पर अत्याचारी कंस के पाप का घड़ा भर गया और मानवता त्राहि-त्राहि करने लगी, तब धर्म की स्थापना हेतु भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया। पंडित जी ने कारागार में जन्म, वासुदेव जी द्वारा यमुना पार कर कान्हा को गोकुल ले जाने और माता यशोदा की ममता के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने माखन चोरी और प्रभु की बाल लीलाओं के आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। #उत्सव_का_उल्लास: फूटी मटकी, बंटी मिठाई जैसे ही कथा में श्री कृष्ण के जन्म का समय आया, झांकी के दर्शन पाकर श्रद्धालु झूम उठे। भक्तों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए मिठाई बांटी। पंडाल में दही की मटकी फोड़ी गई और रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर उत्सव मनाया गया। महिलाओं और पुरुषों ने भजनों पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान आसपास के दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया। श्री भोमिया जी महाराज की महिमा: आस्था का केंद्र ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थान आस्था और चमत्कार का अनूठा संगम है। मान्यता है कि श्री भोमिया जी महाराज साक्षात शरीर में आकर सर्पदंश, मूठ और अन्य व्याधियों का निवारण करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा की दृष्टि मात्र से ही नकारात्मक बाधाएं दूर हो जाती हैं और असाध्य रोगों में भी लाभ मिलता है। #आगामी_कार्यक्रम: 8 मई को विशाल मेला और भंडारा महोत्सव की पूर्णाहुति के अवसर पर आगामी 08 मई 2026, शुक्रवार को श्री भोमिया जी महाराज के स्थान पर विशाल मेले और भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मेला कमेटी ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।1
- ‘ऑपरेशन शिकंजा’ सफल: 20 दिन में हत्याकांड का खुलासा लालसोट में 10 अप्रैल को हुए धर्मेंद्र खेड़ला उर्फ योगेंद्र खेड़ला हत्याकांड में पुलिस ने 20 दिन में सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बिनोरी मोड़ पर मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी चेतराम उर्फ राहुल खटाणा के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथी देशराज उर्फ देशू गुर्जर और धर्मेंद्र उर्फ कल्लू भी घायल हो गए। तीनों पर ₹25-25 हजार का इनाम था। एक पुलिस जवान की जान बुलेटप्रूफ जैकेट से बच गई। घायलों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब पूछताछ कर पूरे मामले की साजिश खंगाल रही है।3
- राजगढ़ कस्बे में स्थित एक पुराने मंदिर की जमीन को बचाने के लिए अब स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ख्वास जी के बाग स्थित रामरघुनाथ महाराज मंदिर की भूमि को भू माफियाओं द्वारा खुर्द-बुर्द करने और वहां प्लाटिंग करने के प्रयासों के विरोध में जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। आज मंगलवार को पूर्व पार्षद धर्मचंद सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुषों ने जुलूस निकाला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्री रामरघुनाथ महाराज संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान पूरे रास्ते प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भू-माफिया मंदिर की पवित्र जमीन पर कब्जा कर उसे व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की फिराक में हैं। संघर्ष समिति से जुड़े धर्मचंद सैनी, भगवान सैनी और दुर्गा देवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ख्वास जी के बाग में स्थित रामरघुनाथ जी महाराज का मंदिर बहुत पुराना और आस्था का केंद्र है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि भू-माफिया इस जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं और वहां अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन केवल मंदिर के कार्यों और धार्मिक आयोजनों के लिए ही सुरक्षित रहनी चाहिए। प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति ने जिला कलक्टर के नाम एसडीएम सीमा मीना को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की भूमि का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वहां कोई पैमाइश या पत्थरगढ़ी (बाउंड्री) न की जाए। किसी भी बाहरी व्यक्ति या भू-माफिया को इस विवादित भूमि पर कब्जा न दिलवाया जाए। भूमि पूरी तरह से मंदिर के कब्जे में ही रहनी चाहिए ताकि धार्मिक कार्यों में कोई बाधा न आए। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।4
- *बर्तन मांजने वाली बनी MLA, पश्चिम बंगाल में मिली चौंकाने वाली जीत! अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप1
- चरखा सुर ने पाकिस्तान क़ो जन्म दिया इसलिए वो पाकिस्तान के राष्ट्रपिता कहे जासकते है लेकिन भारत तो चरखा सुर के जन्म से हजारों वर्ष पूर्ब से अपने अस्तित्व मे था इसलिए आप भारत का राष्ट्रपिता नहीं कह सकते है1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- हाँ देशभक्ति का सबसे टॉप उदाहरण डॉक्टर कलाम सोफिया कुरैशी हो सकते है और देशद्रोही देशविरोधी का सबसे बड़ा उदाहरण ex उपराष्ट्रपति हीं है जिन्होंने देश के दुश्मनो क़ो भारतीय एजेंटो के एड्रेस दिये थे और उन देशभक्तो क़ो बेमोत मरवाया था, लाखो गद्दारों से ज्यादा कीमती एक देशभक्त होता है जो जीता देश क़ो है और मरता भी देश की सेवा करते हुऐ हीं है1
- shyam baba1