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hdfc bank job vacancy ,job vacancy at chhattisgarh location. bank job vacancy

23 hrs ago
user_Bankpedia
Bankpedia
Banker अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
23 hrs ago
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hdfc bank job vacancy ,job vacancy at chhattisgarh location. bank job vacancy

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे पटवारी 25000 का रिश्वत लेते पटवारी सौरभ गोस्वामी गिरफ्तार सरगुजा संभाग में राजस्व विभाग में घूसखोरी चरम सीमा पर हैँ इस विभाग में बिना चढ़ावा चढ़ाएं कुछ भी काम नहीं होता। राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी के मामले में पटवारी एक ऐसा शब्द हैँ जिसकों राजस्व विभाग में घूसखोरी का प्रथम जड़ माना जा सकता हैँ। पटवारियों की घूसखोरी एवं कार्यशैली से पूरा राजस्व महकमा बदनामी का दंस झेलता नजर आता हैँ. ऐसा ही मामला सूरजपुर जिला में देखने कों मिला जहाँ आवेदक रूप सिंह ने अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेजों को दुरुस्त कराने और नौकरी के लिए आवश्यक प्रतिवेदन बनवाने हेतु पटवारी सौरभ गोस्वामी से कई बार संपर्क किया। जिसके बाद पटवारी ने बिना सेवा शुल्क (रिश्वत) लिए काम नहीं करने का फरमान जारी कर दिया पटवारीवके फरमान जारी करने के बाद आवेदक काफ़ी परेशान था। पटवारी सौरभ गोस्वामी ने उक्त काम के बदले स्पष्ट रूप से 25 हजार रुपये की मांग रखी। प्रार्थी रूप सिंह ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रिश्वत की रकम कम करने का काफी निवेदन किया, लेकिन पटवारी नहीं माना और अपनी मांग पर अड़ा रहा। जिसके बाद आवेदक ने ACB से शिकायत कर दी शिकायतकर्ता के शिकायत पर पुरे प्लानिंग के साथ बुधवार को योजना के अनुसार, रूप सिंह केमिकल लगे हुए नोट लेकर पटवारी के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रूप सिंह ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को 25 हजार रुपये की गड्डी थमाई, आस-पास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी के अधिकारियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। पटवारी के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के नोटों को छुआ है। गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर टीम आरोपी को लेकर अंबिकापुर स्थित मुख्यालय रवाना हो गई।
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    रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे पटवारी 25000 का रिश्वत लेते पटवारी सौरभ गोस्वामी गिरफ्तार
सरगुजा संभाग में राजस्व विभाग में घूसखोरी चरम सीमा पर हैँ इस विभाग में बिना चढ़ावा चढ़ाएं कुछ भी काम नहीं होता।
राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी के मामले में पटवारी एक ऐसा शब्द हैँ जिसकों राजस्व विभाग में घूसखोरी का प्रथम जड़ माना जा सकता हैँ।
पटवारियों की घूसखोरी एवं कार्यशैली से पूरा राजस्व महकमा बदनामी का दंस झेलता नजर आता हैँ.
ऐसा ही मामला सूरजपुर जिला में देखने कों मिला जहाँ आवेदक रूप सिंह ने अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेजों को दुरुस्त कराने और नौकरी के लिए आवश्यक प्रतिवेदन बनवाने हेतु पटवारी सौरभ गोस्वामी से कई बार संपर्क किया।
जिसके बाद पटवारी ने बिना सेवा शुल्क (रिश्वत) लिए काम नहीं करने का फरमान जारी कर दिया पटवारीवके फरमान जारी करने के बाद आवेदक काफ़ी परेशान था।
पटवारी सौरभ गोस्वामी ने उक्त काम के बदले स्पष्ट रूप से 25 हजार रुपये की मांग रखी। प्रार्थी रूप सिंह ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रिश्वत की रकम कम करने का काफी निवेदन किया, लेकिन पटवारी नहीं माना और अपनी मांग पर अड़ा रहा।
जिसके बाद आवेदक ने ACB से शिकायत कर दी शिकायतकर्ता के शिकायत पर पुरे प्लानिंग के साथ बुधवार को योजना के अनुसार, रूप सिंह केमिकल लगे हुए नोट लेकर पटवारी के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रूप सिंह ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को 25 हजार रुपये की गड्डी थमाई, आस-पास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी के अधिकारियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
पटवारी के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के नोटों को छुआ है। गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर टीम आरोपी को लेकर अंबिकापुर स्थित मुख्यालय रवाना हो गई।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • न्यूजवॉल सरगुजा | सीतापुर थाना डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में थाना सीतापुर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्यवाही करते हुए मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर ग्रामीणों से वसूली करने वाले गिरोह के 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों द्वारा ग्रामीणों को डराकर-धमकाकर कुल 5000 रुपये की वसूली की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5000/- रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त इन्नोवा वाहन जप्त किया है। साथ ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी लगातार सख्त कार्यवाही जारी है। 📌 मामले का संक्षिप्त विवरण प्रार्थी सुरेन्द्र कुमार, निवासी नकना, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा द्वारा दिनांक 21/04/2026 को थाना सीतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि दोपहर लगभग 12:30 बजे 06 अज्ञात व्यक्ति स्वयं को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर बिना अनुमति घर में घुस गए। आरोपियों ने घर की तलाशी ली और शराब बनाने का आरोप लगाते हुए मानसिक दबाव बनाकर 20,000 रुपये की मांग की। पैसे न देने पर केस में फंसाने की धमकी दी गई। भयवश प्रार्थी ने 4000 रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी दूसरे पारा में जाकर श्रीमती बिन्दू महंत के घर में घुसे और दवाई देखकर अवैध क्लीनिक चलाने का आरोप लगाकर 1 लाख रुपये की मांग की। पूरे परिवार को डराकर 1000 रुपये और वसूले गए। इस रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 139/26, धारा 308(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। 👮 पुलिस कार्यवाही मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने प्रार्थी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपियों की लगातार तलाश की। सतत प्रयासों के बाद 06 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। 👥 गिरफ्तार आरोपी श्याम लाल सारथी (54 वर्ष), निवासी जोडीडीप, थाना रायगढ़ रामाकांत मिंज (34 वर्ष), निवासी कोतरा रोड, रायगढ़ अनुज भगत (37 वर्ष), निवासी गोधनपुर, थाना गांधीनगर आकाश केरकेट्टा (27 वर्ष), निवासी नमनाकला, अम्बिकापुर अबित खेस (27 वर्ष), निवासी विश्रामपुर, जिला सूरजपुर एक महिला आरोपी 🧾 आरोपियों का खुलासा पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 20/04/2026 को देवरी (बतौली) क्षेत्र में फर्जी डॉक्टर बताकर पैसे वसूले गए। इसके बाद लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में भी लोगों को डराकर पैसे लिए गए। 21/04/2026 को ग्राम नकना, थाना सीतापुर में दो घरों से क्रमशः 4000 और 1000 रुपये वसूले गए, जिन्हें आपस में बांट लिया गया। आरोपियों के पास से 5000 रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त इन्नोवा वाहन जप्त किया गया है। ⚖️ अपराध में बढ़ाई गई धाराएं प्रकरण में आगे जांच के दौरान धारा 333, 61(2), 112, 3(5) बी.एन.एस. जोड़ी गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। 👮 पुलिस टीम की भूमिका इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, उप निरीक्षक रघुनाथ राम भगत, सहायक उप निरीक्षक शशि प्रभा दास, प्रधान आरक्षक नीरज पाण्डेय, महिला आरक्षक आशावती, आरक्षक मनोहर कुमार, प्रमित भगत, राकेश यादव, धनकेश्वर यादव, देवव्रत सिंह एवं सेवक प्रसाद की सक्रिय भूमिका रही।
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    न्यूजवॉल सरगुजा | सीतापुर थाना डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में थाना सीतापुर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्यवाही करते हुए मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर ग्रामीणों से वसूली करने वाले गिरोह के 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों द्वारा ग्रामीणों को डराकर-धमकाकर कुल 5000 रुपये की वसूली की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5000/- रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त इन्नोवा वाहन जप्त किया है। साथ ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी लगातार सख्त कार्यवाही जारी है।
📌 मामले का संक्षिप्त विवरण
प्रार्थी सुरेन्द्र कुमार, निवासी नकना, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा द्वारा दिनांक 21/04/2026 को थाना सीतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि दोपहर लगभग 12:30 बजे 06 अज्ञात व्यक्ति स्वयं को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर बिना अनुमति घर में घुस गए।
आरोपियों ने घर की तलाशी ली और शराब बनाने का आरोप लगाते हुए मानसिक दबाव बनाकर 20,000 रुपये की मांग की। पैसे न देने पर केस में फंसाने की धमकी दी गई। भयवश प्रार्थी ने 4000 रुपये दे दिए।
इसके बाद आरोपी दूसरे पारा में जाकर श्रीमती बिन्दू महंत के घर में घुसे और दवाई देखकर अवैध क्लीनिक चलाने का आरोप लगाकर 1 लाख रुपये की मांग की। पूरे परिवार को डराकर 1000 रुपये और वसूले गए।
इस रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 139/26, धारा 308(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
👮 पुलिस कार्यवाही
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस टीम ने प्रार्थी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपियों की लगातार तलाश की। सतत प्रयासों के बाद 06 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
👥 गिरफ्तार आरोपी
श्याम लाल सारथी (54 वर्ष), निवासी जोडीडीप, थाना रायगढ़
रामाकांत मिंज (34 वर्ष), निवासी कोतरा रोड, रायगढ़
अनुज भगत (37 वर्ष), निवासी गोधनपुर, थाना गांधीनगर
आकाश केरकेट्टा (27 वर्ष), निवासी नमनाकला, अम्बिकापुर
अबित खेस (27 वर्ष), निवासी विश्रामपुर, जिला सूरजपुर
एक महिला आरोपी
🧾 आरोपियों का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 20/04/2026 को देवरी (बतौली) क्षेत्र में फर्जी डॉक्टर बताकर पैसे वसूले गए। इसके बाद लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में भी लोगों को डराकर पैसे लिए गए।
21/04/2026 को ग्राम नकना, थाना सीतापुर में दो घरों से क्रमशः 4000 और 1000 रुपये वसूले गए, जिन्हें आपस में बांट लिया गया।
आरोपियों के पास से 5000 रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त इन्नोवा वाहन जप्त किया गया है।
⚖️ अपराध में बढ़ाई गई धाराएं
प्रकरण में आगे जांच के दौरान धारा 333, 61(2), 112, 3(5) बी.एन.एस. जोड़ी गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
👮 पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, उप निरीक्षक रघुनाथ राम भगत, सहायक उप निरीक्षक शशि प्रभा दास, प्रधान आरक्षक नीरज पाण्डेय, महिला आरक्षक आशावती, आरक्षक मनोहर कुमार, प्रमित भगत, राकेश यादव, धनकेश्वर यादव, देवव्रत सिंह एवं सेवक प्रसाद की सक्रिय भूमिका रही।
    user_Rakesh Jaiswal
    Rakesh Jaiswal
    Voice of people अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • shaadi dance video
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    shaadi dance video
    user_DJ Nagpuri reel
    DJ Nagpuri reel
    दरीमा, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • सूरजपुर ब्रेकिंग भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी पटवारी द्वारा नामांतरण और नौकरी के लिए प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रूप सिंह की शिकायत पर ACB अंबिकापुर ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी से बंद कमरे में गहन पूछताछ जारी है। आगे की कार्रवाई जारी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी पटवारी द्वारा नामांतरण और नौकरी के लिए प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रूप सिंह की शिकायत पर ACB अंबिकापुर ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी से बंद कमरे में गहन पूछताछ जारी है। आगे की कार्रवाई जारी है।
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    सूरजपुर ब्रेकिंग 
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी पटवारी द्वारा नामांतरण और नौकरी के लिए प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रूप सिंह की शिकायत पर ACB अंबिकापुर ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
फिलहाल आरोपी से बंद कमरे में गहन पूछताछ जारी है। आगे की कार्रवाई जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी पटवारी द्वारा नामांतरण और नौकरी के लिए प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रूप सिंह की शिकायत पर ACB अंबिकापुर ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
फिलहाल आरोपी से बंद कमरे में गहन पूछताछ जारी है। आगे की कार्रवाई जारी है।
    user_PRINSU PANDEY
    PRINSU PANDEY
    Newspaper publisher Surajpur, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • EMRS पेटला के 4 विद्यार्थियों का NEET तैयारी हेतु चयन, सरगुजा में सबसे अधिक चयन
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    EMRS पेटला के 4 विद्यार्थियों का NEET तैयारी हेतु चयन, सरगुजा में सबसे अधिक चयन
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    26 min ago
  • Post by Arvind tirkey
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    Post by Arvind tirkey
    user_Arvind tirkey
    Arvind tirkey
    पत्रकार सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • ब्रेकिंग बलरामपुर बलरामपुर शिक्षा विभाग में ड्रेस कांड से हड़कंप भ्रष्टाचार की बु.. ​ बलरामपुर जिले के चांदो क्षेत्र के स्कूल में बच्चों की नई ड्रेस लावारिस हालत में मिली, शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल। ​ सरकारी सप्लाई की हज़ारों की ड्रेस कचरा क्यों बनी मामले की गूँज जिला मुख्यालय तक पहुँचते ही DEO ने बिठाई जाँच। ​साहबों की लापरवाही, बच्चों की शामत एक तरफ ड्रेस के लिए तरसते गरीब छात्र दूसरी तरफ स्कूल परिसर के भीतर ही फेंकी गई सरकारी संपत्ति। ​जांच पर 'झुनझुना' या होगी कार्रवाई आनन-फानन में विशेष टीम गठित, क्या ड्रेस फेंकने वाले 'महारथियों' पर गिरेगी गाज या फाइल होगी बंद ​कूड़े की तरह बिखरी ड्रेस ने खोली सरकारी वितरण प्रणाली की पोल अनियमितता की आशंका से विभाग में मची खलबली। चांदो से सामने आई इन तस्वीरों ने प्रशासन को किया शर्मसार, जल्द कार्रवाई के आश्वासन पर टिकी सबकी नज़रें। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव जांच के नाम पर लीपापोती होती सीएससी और हेड मास्टर को बचाने की चक्कर.. पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी चान्दों थाना क्षेत्र का है बाइट मनीराम यादव जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर
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    ब्रेकिंग बलरामपुर
बलरामपुर शिक्षा विभाग में ड्रेस कांड से हड़कंप भ्रष्टाचार की बु..
​ बलरामपुर जिले के चांदो क्षेत्र के स्कूल में बच्चों की नई ड्रेस लावारिस हालत में मिली, शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल।
​ सरकारी सप्लाई की हज़ारों की ड्रेस कचरा क्यों बनी मामले की गूँज जिला मुख्यालय तक पहुँचते ही DEO ने बिठाई जाँच।
​साहबों की लापरवाही, बच्चों की शामत
एक तरफ ड्रेस के लिए तरसते गरीब छात्र  दूसरी तरफ स्कूल परिसर के भीतर ही फेंकी गई सरकारी संपत्ति।
​जांच पर 'झुनझुना' या होगी कार्रवाई
आनन-फानन में विशेष टीम गठित, क्या ड्रेस फेंकने वाले 'महारथियों' पर गिरेगी गाज या फाइल होगी बंद
​कूड़े की तरह बिखरी ड्रेस ने खोली सरकारी वितरण प्रणाली की पोल  अनियमितता की आशंका से विभाग में मची खलबली।
चांदो से सामने आई इन तस्वीरों ने प्रशासन को किया शर्मसार, जल्द कार्रवाई के आश्वासन पर टिकी सबकी नज़रें।
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव जांच के नाम पर लीपापोती होती सीएससी और हेड मास्टर को बचाने की चक्कर..
पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी चान्दों थाना क्षेत्र का है
बाइट मनीराम यादव जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • महिला आरक्षण पर भ्रम फैलाने का आरोप, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल,,,, सूरजपुर, में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है,जारी बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे को वास्तविक रूप से लागू करने के बजाय उसे एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा द्वारा यह प्रचारित करना कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है,उनके अनुसार,वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है और जनता को भ्रमित करने के लिए इस प्रकार की बातें सामने लाई जा रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही बन चुका है कानून शशि सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106 वां संविधान संशोधन) के नाम से जाना जाता है, संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं और यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है,उन्होंने कहा कि जब यह कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो यह कहना कि विपक्ष के कारण महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका, पूरी तरह गलत है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कानून के लागू होने की समयसीमा भविष्य की जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ी हुई है, जिससे इसके तत्काल प्रभाव में आने में देरी हो रही है। 131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि इस विधेयक को महिला आरक्षण के नाम पर प्रस्तुत किया गया, जबकि इसका मुख्य उद्देश्य परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाना था,उन्होंने बताया कि इस विधेयक में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जानी थीं,इसके अलावा, परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात भी कही गई थी,शशि सिंह के अनुसार,कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, क्योंकि उनका मानना था कि पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना उचित नहीं है। कांग्रेस का दावाः महिला आरक्षण की हमेशा रही समर्थक शशि सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में कांग्रेस ने हमेशा पहल की है,उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि 1989 में उन्होंने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव रखा था,हालांकि उस समय यह विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था,इसके बाद पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1993 में यह प्रस्ताव पुनः लाया गया और अंततः कानून का रूप ले सका,इसी प्रकार डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए विधेयक लाया गया, जो 2010 में राज्यसभा में पारित हुआ, उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देशभर में पंचायतों और नगर निकायों में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन पर सवाल शशि सिंह ने कहा कि जब देश में नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और जातिगत जनगणना की भी चर्चा हो रही है, तो 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराना तर्कसंगत नहीं है, उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार नई जनगणना के आंकड़ों का इंतजार क्यों नहीं करना चाहती। उनके अनुसार, परिसीमन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही किया जाना चाहिए,ताकि सभी राज्यों और क्षेत्रों के साथ न्याय हो सके। महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग… कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है,तो इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है,उन्होंने सुझाव दिया कि वर्तमान लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है,इसके लिए किसी अतिरिक्त परिसीमन …
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    महिला आरक्षण पर भ्रम फैलाने का आरोप, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल,,,,
सूरजपुर, में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है,जारी बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे को वास्तविक रूप से लागू करने के बजाय उसे एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा द्वारा यह प्रचारित करना कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है,उनके अनुसार,वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है और जनता को भ्रमित करने के लिए इस प्रकार की बातें सामने लाई जा रही हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही बन चुका है कानून
शशि सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106 वां संविधान संशोधन) के नाम से जाना जाता है, संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं और यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है,उन्होंने कहा कि जब यह कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो यह कहना कि विपक्ष के कारण महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका, पूरी तरह गलत है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कानून के लागू होने की समयसीमा भविष्य की जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ी हुई है, जिससे इसके तत्काल प्रभाव में आने में देरी हो रही है।
131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि इस विधेयक को महिला आरक्षण के नाम पर प्रस्तुत किया गया, जबकि इसका मुख्य उद्देश्य परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाना था,उन्होंने बताया कि इस विधेयक में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जानी थीं,इसके अलावा, परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात भी कही गई थी,शशि सिंह के अनुसार,कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, क्योंकि उनका मानना था कि पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना उचित नहीं है।
कांग्रेस का दावाः महिला आरक्षण की हमेशा रही समर्थक
शशि सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में कांग्रेस ने हमेशा पहल की है,उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि 1989 में उन्होंने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव रखा था,हालांकि उस समय यह विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था,इसके बाद पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1993 में यह प्रस्ताव पुनः लाया गया और अंततः कानून का रूप ले सका,इसी प्रकार डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए विधेयक लाया गया, जो 2010 में राज्यसभा में पारित हुआ, उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देशभर में पंचायतों और नगर निकायों में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन पर सवाल
शशि सिंह ने कहा कि जब देश में नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और जातिगत जनगणना की भी चर्चा हो रही है, तो 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराना तर्कसंगत नहीं है, उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार नई जनगणना के आंकड़ों का इंतजार क्यों नहीं करना चाहती। उनके अनुसार, परिसीमन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही किया जाना चाहिए,ताकि सभी राज्यों और क्षेत्रों के साथ न्याय हो सके।
महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग… कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है,तो इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है,उन्होंने सुझाव दिया कि वर्तमान लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है,इसके लिए किसी अतिरिक्त परिसीमन …
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
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