कौशाम्बी जनपद के चरवा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले सैय्यद सरावां जीटी रोड मार्ग किनारे लकड़ी माफियाओं ने रातों-रात नीम के आठ हरे पेड़ काट दिए। आरोप है कि लकड़ी माफियाओं ने यह कारनामा स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी और वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड की कथित मिलीभगत से अंजाम दिया, जिससे उनका हौसला लगातार बढ़ रहा है। काटे गए पेड़ों की लकड़ी को आरा मशीन पर ले जाया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब योगी सरकार वृक्षारोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सैय्यद सरावां में आए दिन हरियाली को साफ किया जा रहा है। विडंबना यह है कि उच्च अधिकारियों को इस मिलीभगत और अवैध कटान की 'कानों-कान भनक' तक नहीं लगती। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आता है, तो आलाधिकारी अक्सर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि क्या जिले के आलाधिकारी इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेंगे और इन भ्रष्ट कर्मचारियों और चौकी प्रभारी पर उचित कार्रवाई करेंगे, या फिर क्षेत्र की हरियाली इसी तरह खत्म होती रहेगी और वातावरण का संतुलन लगातार बिगड़ता रहेगा।
कौशाम्बी जनपद के चरवा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले सैय्यद सरावां जीटी रोड मार्ग किनारे लकड़ी माफियाओं ने रातों-रात नीम के आठ हरे पेड़ काट दिए। आरोप है कि लकड़ी माफियाओं ने यह कारनामा स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी और वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड की कथित मिलीभगत से अंजाम दिया, जिससे उनका हौसला लगातार बढ़ रहा है। काटे गए पेड़ों की लकड़ी को आरा मशीन पर ले जाया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब योगी सरकार वृक्षारोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सैय्यद सरावां में आए दिन हरियाली को साफ किया जा रहा है। विडंबना यह है कि उच्च अधिकारियों को इस मिलीभगत और अवैध कटान की 'कानों-कान भनक' तक नहीं लगती। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आता है, तो आलाधिकारी अक्सर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि क्या जिले के आलाधिकारी इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेंगे और इन भ्रष्ट कर्मचारियों और चौकी प्रभारी पर उचित कार्रवाई करेंगे, या फिर क्षेत्र की हरियाली इसी तरह खत्म होती रहेगी और वातावरण का संतुलन लगातार बिगड़ता रहेगा।
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के चायल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वहां लोगों का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस रुकावट के चलते आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कौशांबी के मंझनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भड़ेसर गांव के एक ज्वेलरी दुकानदार से लूट की घटना सामने आई है। दुकानदार ने पुलिस को बताया कि आज शाम लगभग 7:15 बजे जब वह समदा चौराहा स्थित अपनी ज्वेलरी की दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे, तभी रास्ते में एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनका मोबाइल फोन और एक बैग छीन लिया। इस बैग में कुछ ज्वेलरी और नकदी रखी थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ उच्चाधिकारीगणों ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस मामले के अनावरण (खुलासा) के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर मंझनपुर थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी मंझनपुर श्री शिवांक सिंह ने अपनी वीडियो बाइट भी दी है।1
- जनपद प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत बरदहा चौराहे पर स्थित एक सरकारी भांग के ठेके पर खुलेआम गांजे की अवैध बिक्री हो रही है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें अवैध गांजे की बिक्री स्पष्ट रूप से दिख रही है। मूल जानकारी के अनुसार, पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद वह केवल तमाशबीन बनी हुई है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।1
- एक व्यक्ति ने आने-जाने के रास्ते को लेकर गंभीर समस्याओं और लगातार मिल रही धमकियों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि रास्ते से आते-जाते समय उन्हें और उनके माता-पिता को मारने-पीटने की धमकी दी जाती है, साथ ही उनके माता-पिता को गाली-गलौज भी किया जाता है। इस स्थिति के कारण उन्हें आवागमन में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, घर पर भी उनके माता-पिता को मारपीट की धमकी दी जा रही है।1
- कौशाम्बी जनपद के चरवा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले सैय्यद सरावां जीटी रोड मार्ग किनारे लकड़ी माफियाओं ने रातों-रात नीम के आठ हरे पेड़ काट दिए। आरोप है कि लकड़ी माफियाओं ने यह कारनामा स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी और वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड की कथित मिलीभगत से अंजाम दिया, जिससे उनका हौसला लगातार बढ़ रहा है। काटे गए पेड़ों की लकड़ी को आरा मशीन पर ले जाया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब योगी सरकार वृक्षारोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सैय्यद सरावां में आए दिन हरियाली को साफ किया जा रहा है। विडंबना यह है कि उच्च अधिकारियों को इस मिलीभगत और अवैध कटान की 'कानों-कान भनक' तक नहीं लगती। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आता है, तो आलाधिकारी अक्सर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि क्या जिले के आलाधिकारी इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेंगे और इन भ्रष्ट कर्मचारियों और चौकी प्रभारी पर उचित कार्रवाई करेंगे, या फिर क्षेत्र की हरियाली इसी तरह खत्म होती रहेगी और वातावरण का संतुलन लगातार बिगड़ता रहेगा।1