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चंबल के पानी को लेकर रोष डीग जिले से खोह उप तहसील के गांव नगला खोह में पीने के लिए पानी बहुत दामों में खरीद रहे लोग टैंकरों की हो रही मोटी कमाई
Shatrudhan Gurjar Shatrudhan Gurjar
चंबल के पानी को लेकर रोष डीग जिले से खोह उप तहसील के गांव नगला खोह में पीने के लिए पानी बहुत दामों में खरीद रहे लोग टैंकरों की हो रही मोटी कमाई
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- डीग खबर खोह उप तहसील के गांव नगला खोह में UGC का कर रहे ग्रामीण विरोध3
- सरिस्का के साये में मौत का तमाशा: फंदे में फंसा वन्यजीव 3 घंटे तड़पता रहा, दो दिन तक दबाता रहा वन विभाग अलवर। सरिस्का टाइगर रिज़र्व से सटे प्रतापगढ़ क्षेत्र के गुवाड़ा गांव में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की भयावह सच्चाई सामने आई है। खेत में लगाए गए फंदे में फंसा एक वन्यजीव करीब तीन घंटे तक पेड़ पर लटका तड़पता रहा और अंततः दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बावजूद वन विभाग ने पूरे दो दिन तक मामले को दबाए रखा। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में अवैध रूप से लगाए गए फंदे में जानवर फंस गया था। वह मदद के लिए तड़पता रहा, लेकिन समय पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जब तक सूचना ऊपर तक पहुंची, तब तक वन्यजीव की सांसें थम चुकी थीं। घटना सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या फंदे लगाना अपराध नहीं है? क्या समय पर कार्रवाई होती तो जान बच सकती थी? और सबसे बड़ा सवाल— दो दिन तक इस मामले को क्यों छुपाया गया? वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह लापरवाही चलती रही तो सरिस्का क्षेत्र में वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। लोगों ने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि 👉 क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? 👉 या फिर सरिस्का क्षेत्र में वन्यजीव यूं ही तड़प-तड़प कर मरते रहेंगे? संवाददाता: संदीप शर्मा1
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