गजेन्द्र सिंह दांगी ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर एक जनअपील जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कई परिवारों को इस कारण गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका स्पष्ट मानना है कि किसी भी कानून का मुख्य उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अकारण परेशान करना। इसी विषय को लेकर, गजेन्द्र सिंह दांगी जल्द ही विदिशा जिले की कुरवाई तहसील में एक बड़े लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन का मकसद किसी विशेष समाज या वर्ग का विरोध करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि कानून के निष्पक्ष उपयोग को बढ़ावा देना और इसके कथित दुरुपयोग के मामलों में न्याय की पुरजोर मांग करना है। दांगी ने निष्पक्ष जांच, न्याय और कानून के सही उपयोग का समर्थन करने वाले सभी साथियों से इस जनआंदोलन में अपना सहयोग देने के लिए 095750 71779 पर संपर्क करने का आह्वान किया है। उन्होंने अपनी अपील का सार इन शब्दों में व्यक्त किया: 'हमारा उद्देश्य न्याय है, किसी वर्ग विशेष का विरोध नहीं'।
गजेन्द्र सिंह दांगी ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर एक जनअपील जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कई परिवारों को इस कारण गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका स्पष्ट मानना है कि किसी भी कानून का मुख्य उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अकारण परेशान करना। इसी विषय को लेकर, गजेन्द्र सिंह दांगी जल्द ही विदिशा जिले की कुरवाई तहसील में एक बड़े लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन का मकसद किसी विशेष समाज या वर्ग का विरोध करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि कानून के निष्पक्ष उपयोग को बढ़ावा देना और इसके कथित दुरुपयोग के मामलों में न्याय की पुरजोर मांग करना है। दांगी ने निष्पक्ष जांच, न्याय और कानून के सही उपयोग का समर्थन करने वाले सभी साथियों से इस जनआंदोलन में अपना सहयोग देने के लिए 095750 71779 पर संपर्क करने का आह्वान किया है। उन्होंने अपनी अपील का सार इन शब्दों में व्यक्त किया: 'हमारा उद्देश्य न्याय है, किसी वर्ग विशेष का विरोध नहीं'।
- सागर में 21 जून 2026 को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्थानीय पीटीसी ग्राउंड पर 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) थीम के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहाँ 3000 से अधिक प्रतिभागियों ने योगाभ्यास किया। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस अवसर पर कहा कि योग से शरीर, मन और चित्त स्वस्थ रहते हैं, तथा एक स्वस्थ व्यक्ति से परिवार, समाज और देश भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने जोर दिया कि योग भारत से विश्वभर में पहुंचा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के गाँव-गाँव तक पहुंचाया है। मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक मान्यता दिलाने का विचार रखा था, जिसके परिणामस्वरूप 2014 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पूरे देश में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों ने कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय योग कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुना और देखा। योगाचार्य विष्णु आर्य ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योग आसनों का अभ्यास करवाया। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दोहराया कि योग सभी के लिए लाभदायक है, क्योंकि इससे मन, शरीर और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं, और इसलिए सभी को योग अवश्य करना चाहिए।4
- विदिशा जिले के सिरोंज में नीट परीक्षा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, जहाँ सभी निर्धारित केंद्रों पर परीक्षा के प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि परीक्षा के सुचारु और उचित आयोजन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।4
- बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके। किसानों की इस विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।4
- विदिशा के गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर हुई री-नीट परीक्षा में तीन छात्राएं शामिल नहीं हो सकीं। तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर ही रोक दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने कॉलेज गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल, दो छात्राओं का बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं लग पा रहा था, जबकि एक तीसरी छात्रा पुराना प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने पहुंची थी। इस स्थिति से उत्पन्न तनाव के बीच नोडल अधिकारी को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया। नोडल अधिकारी के दखल के बाद बायोमेट्रिक समस्या से जूझ रही दोनों छात्राओं को आखिरकार परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई, लेकिन गलत प्रवेश पत्र लेकर आई तीसरी छात्रा को केंद्र से बाहर भेज दिया गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए दस्तावेजों की जांच को और सख्त कर दिया गया।4
- प्रकृति के मनोरम दृश्य का वर्णन करते हुए, यह रचना उमड़ते बादलों और महकती हुई फ़िज़ाओं का चित्रण करती है। दिल में पुरानी यादों की धुनें गूंज रही हैं, जिससे यह अहसास होता है कि आसमान आज खुलकर बरसेगा। हवा भी जैसे बारिश के लिए प्रार्थना करती हुई प्रतीत होती है, जो चारों ओर एक भीगी-भीगी उम्मीद का माहौल बना रही है।3
- ललितपुर जिले के मड़ावरा विकासखंड के विघाई गाँव के एक होनहार युवा राजाजी राजा ने भारतीय सेना की अग्निवीर योजना में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अग्निवीर में चयन होने के बाद, जब राजाजी राजा अपनी छह माह की ट्रेनिंग के लिए लखनऊ रवाना हुए, तब गाँव के लोगों, शुभचिंतकों और उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर एक भव्य विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।1
- विदिशा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में एक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक मुकेश टंडन शामिल हुए। कार्यक्रम में विधायक टंडन के साथ कलेक्टर अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, और जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक भी उपस्थित रहे। विधायक टंडन ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को आज वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है और पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाने का आह्वान किया।4
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. सुमित कुमार रावत और नीमा (NIMA) सागर के संयुक्त तत्वावधान में सागर के तिली रोड स्थित राधारमण एन्क्लेव गार्डन में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ बुढ़ापा (हेल्दी एजिंग) और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) के प्रति जागरूक करना था, जिसमें पोषण और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर भी जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए 'जीरो सिंगल-यूज़ वेस्ट' की अवधारणा को अपनाया गया। प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए, उपस्थित सभी लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के रूप में अंकुरित आहार और हर्बल सूप पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसा गया। इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया। शिविर में डॉ. दीपक सिंह और कुमारी चंद्रप्रभा जैन ने मुख्य रूप से योग प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. दिनेश पटेरिया द्वारा किए गए उत्कृष्ट हलासन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया और सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका प्रकृति तिवारी रहीं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों एवं योग प्रेमियों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की। योग दिवस के अवसर पर, समाधान डायग्नोस्टिक के सहयोग से एक निःशुल्क रक्त जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर के माध्यम से आधुनिक डायग्नोस्टिक्स का उपयोग करते हुए लोगों को बीमारी होने से पहले ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की महत्ता का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. डी. पी. नीमा, डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. राघवेंद्र चौबे, डॉ. संजय जैन, डॉ. अश्विन रेजा, डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. राहुल जैन, डॉ. सौरभ चौरसिया, डॉ. निवेदिता रावत, पंकज तिवारी और प्रकृति प्रेमी महेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और दैनिक जीवन में योग, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।2
- आज, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति मनाई जा रही है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आती है। इस विशेष अवसर पर, आज दोपहर में एक जादुई खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य आसमान के केंद्र में रहेगा, जिससे मनुष्यों की परछाई अस्थायी रूप से शून्य हो जाएगी। यह अनोखा खगोलीय नजारा साल में केवल एक बार ही अनुभव किया जा सकता है, जो इस दिन को सबसे लंबा और एक अद्भुत खगोलीय अनुभव वाला बनाता है।1