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बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके। किसानों की इस विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

1 hr ago
user_RAJESH BABELE
RAJESH BABELE
Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि

तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके। किसानों की इस

विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान

आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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  • बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके। किसानों की इस विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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    बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके।

किसानों की इस विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी।

मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रकृति के मनोरम दृश्य का वर्णन करते हुए, यह रचना उमड़ते बादलों और महकती हुई फ़िज़ाओं का चित्रण करती है। दिल में पुरानी यादों की धुनें गूंज रही हैं, जिससे यह अहसास होता है कि आसमान आज खुलकर बरसेगा। हवा भी जैसे बारिश के लिए प्रार्थना करती हुई प्रतीत होती है, जो चारों ओर एक भीगी-भीगी उम्मीद का माहौल बना रही है।
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    प्रकृति के मनोरम दृश्य का वर्णन करते हुए, यह रचना उमड़ते बादलों और महकती हुई फ़िज़ाओं का चित्रण करती है। दिल में पुरानी यादों की धुनें गूंज रही हैं, जिससे यह अहसास होता है कि आसमान आज खुलकर बरसेगा। हवा भी जैसे बारिश के लिए प्रार्थना करती हुई प्रतीत होती है, जो चारों ओर एक भीगी-भीगी उम्मीद का माहौल बना रही है।
    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    City Star सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. सुमित कुमार रावत और नीमा (NIMA) सागर के संयुक्त तत्वावधान में सागर के तिली रोड स्थित राधारमण एन्क्लेव गार्डन में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ बुढ़ापा (हेल्दी एजिंग) और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) के प्रति जागरूक करना था, जिसमें पोषण और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर भी जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए 'जीरो सिंगल-यूज़ वेस्ट' की अवधारणा को अपनाया गया। प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए, उपस्थित सभी लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के रूप में अंकुरित आहार और हर्बल सूप पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसा गया। इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया। शिविर में डॉ. दीपक सिंह और कुमारी चंद्रप्रभा जैन ने मुख्य रूप से योग प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. दिनेश पटेरिया द्वारा किए गए उत्कृष्ट हलासन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया और सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका प्रकृति तिवारी रहीं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों एवं योग प्रेमियों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की। योग दिवस के अवसर पर, समाधान डायग्नोस्टिक के सहयोग से एक निःशुल्क रक्त जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर के माध्यम से आधुनिक डायग्नोस्टिक्स का उपयोग करते हुए लोगों को बीमारी होने से पहले ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की महत्ता का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. डी. पी. नीमा, डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. राघवेंद्र चौबे, डॉ. संजय जैन, डॉ. अश्विन रेजा, डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. राहुल जैन, डॉ. सौरभ चौरसिया, डॉ. निवेदिता रावत, पंकज तिवारी और प्रकृति प्रेमी महेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और दैनिक जीवन में योग, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।
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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. सुमित कुमार रावत और नीमा (NIMA) सागर के संयुक्त तत्वावधान में सागर के तिली रोड स्थित राधारमण एन्क्लेव गार्डन में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ बुढ़ापा (हेल्दी एजिंग) और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) के प्रति जागरूक करना था, जिसमें पोषण और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर भी जोर दिया गया।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए 'जीरो सिंगल-यूज़ वेस्ट' की अवधारणा को अपनाया गया। प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए, उपस्थित सभी लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के रूप में अंकुरित आहार और हर्बल सूप पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसा गया। इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।

शिविर में डॉ. दीपक सिंह और कुमारी चंद्रप्रभा जैन ने मुख्य रूप से योग प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. दिनेश पटेरिया द्वारा किए गए उत्कृष्ट हलासन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया और सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका प्रकृति तिवारी रहीं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों एवं योग प्रेमियों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की।

योग दिवस के अवसर पर, समाधान डायग्नोस्टिक के सहयोग से एक निःशुल्क रक्त जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर के माध्यम से आधुनिक डायग्नोस्टिक्स का उपयोग करते हुए लोगों को बीमारी होने से पहले ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की महत्ता का संदेश दिया गया।

इस कार्यक्रम में डॉ. डी. पी. नीमा, डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. राघवेंद्र चौबे, डॉ. संजय जैन, डॉ. अश्विन रेजा, डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. राहुल जैन, डॉ. सौरभ चौरसिया, डॉ. निवेदिता रावत, पंकज तिवारी और प्रकृति प्रेमी महेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और दैनिक जीवन में योग, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आज, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति मनाई जा रही है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आती है। इस विशेष अवसर पर, आज दोपहर में एक जादुई खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य आसमान के केंद्र में रहेगा, जिससे मनुष्यों की परछाई अस्थायी रूप से शून्य हो जाएगी। यह अनोखा खगोलीय नजारा साल में केवल एक बार ही अनुभव किया जा सकता है, जो इस दिन को सबसे लंबा और एक अद्भुत खगोलीय अनुभव वाला बनाता है।
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    आज, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति मनाई जा रही है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आती है। इस विशेष अवसर पर, आज दोपहर में एक जादुई खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य आसमान के केंद्र में रहेगा, जिससे मनुष्यों की परछाई अस्थायी रूप से शून्य हो जाएगी। यह अनोखा खगोलीय नजारा साल में केवल एक बार ही अनुभव किया जा सकता है, जो इस दिन को सबसे लंबा और एक अद्भुत खगोलीय अनुभव वाला बनाता है।
    user_Rohit sharma
    Rohit sharma
    Local News Reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 21वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सागर के पी टी सी ग्राउंड में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक श्री शैलेंद्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, योगाचार्य श्री विष्णु आर्य, योगाचार्य श्री भगत सिंह, कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, एसडीएम सागर श्री अमन मिश्रा और संभागीय आयुष अधिकारी डॉक्टर जोगेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
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    21वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सागर के पी टी सी ग्राउंड में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक श्री शैलेंद्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, योगाचार्य श्री विष्णु आर्य, योगाचार्य श्री भगत सिंह, कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, एसडीएम सागर श्री अमन मिश्रा और संभागीय आयुष अधिकारी डॉक्टर जोगेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सागर जिले के गौरझामर में हुई पहली बारिश ने खान मुहल्ले के रहवासियों के लिए आफत खड़ी कर दी है। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बनी आरसीसी सड़क के कारण, जिसका नाली निर्माण नहीं हुआ, घरों के अंदर पानी भर गया है। आलम यह है कि मकान निवासी अपने घरों के भीतर ही तैरने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति को लेकर रहवासी चिंतित हैं और मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना है कि यह तो बरसात की शुरुआत भर है, और यदि यही स्थिति बनी रही, तो खाना बनाने, सोने और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। रहवासियों ने इस समस्या का शीघ्र निदान करने की मांग की है।
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    सागर जिले के गौरझामर में हुई पहली बारिश ने खान मुहल्ले के रहवासियों के लिए आफत खड़ी कर दी है। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बनी आरसीसी सड़क के कारण, जिसका नाली निर्माण नहीं हुआ, घरों के अंदर पानी भर गया है। आलम यह है कि मकान निवासी अपने घरों के भीतर ही तैरने को मजबूर हैं।

स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति को लेकर रहवासी चिंतित हैं और मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना है कि यह तो बरसात की शुरुआत भर है, और यदि यही स्थिति बनी रही, तो खाना बनाने, सोने और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। रहवासियों ने इस समस्या का शीघ्र निदान करने की मांग की है।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पारस कॉन्वेंट हाई स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का एक विशेष संगम प्रस्तुत करता है। यह विद्यालय कंप्यूटर लैब, सीसीटीवी निगरानी और वाहन सुविधा जैसी उन्नत व्यवस्थाएं प्रदान करता है, जो अभिभावकों का विश्वास जीत रही हैं। स्कूल गरीब छात्रों को निःशुल्क किताबें भी उपलब्ध कराता है और अनाथ व दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सहायता प्रदान करता है। इन्हीं खासियतों के चलते हर साल सैकड़ों अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को इस स्कूल के भरोसे छोड़ रहे हैं, और यही वजह है कि इसे तहसील के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में से एक माना जाता है। स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
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    पारस कॉन्वेंट हाई स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का एक विशेष संगम प्रस्तुत करता है। यह विद्यालय कंप्यूटर लैब, सीसीटीवी निगरानी और वाहन सुविधा जैसी उन्नत व्यवस्थाएं प्रदान करता है, जो अभिभावकों का विश्वास जीत रही हैं। स्कूल गरीब छात्रों को निःशुल्क किताबें भी उपलब्ध कराता है और अनाथ व दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सहायता प्रदान करता है। इन्हीं खासियतों के चलते हर साल सैकड़ों अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को इस स्कूल के भरोसे छोड़ रहे हैं, और यही वजह है कि इसे तहसील के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में से एक माना जाता है। स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    54 min ago
  • विहार के जोधपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित कुछ तथ्य अब सामने आए हैं। इन तथ्यों को लेकर क्षेत्र की जनता अपनी मन की बात खुलकर व्यक्त कर रही है।
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    विहार के जोधपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित कुछ तथ्य अब सामने आए हैं। इन तथ्यों को लेकर क्षेत्र की जनता अपनी मन की बात खुलकर व्यक्त कर रही है।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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