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सुन्नी धाम में भूतभावन भोले बाबा का दिव्य श्रृंगार सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मां महिषासुर मर्दिनी के दिव्य दर्शन भी उपलब्ध थे, जिसके साथ ही शिव पूजन का कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
सुन्नी धाम में भूतभावन भोले बाबा का दिव्य श्रृंगार सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मां महिषासुर मर्दिनी के दिव्य दर्शन भी उपलब्ध थे, जिसके साथ ही शिव पूजन का कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
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- सुन्नी धाम में भूतभावन भोले बाबा का दिव्य श्रृंगार सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मां महिषासुर मर्दिनी के दिव्य दर्शन भी उपलब्ध थे, जिसके साथ ही शिव पूजन का कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।2
- हरदोई के बेनीगंज क्षेत्र के महुआकोला गांव में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापना को लेकर उठा विवाद शुक्रवार को शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया। प्रदेश नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा और भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के साथ बातचीत की। जनप्रतिनिधियों ने समझाया कि प्रशासन ने वर्ष 2008 के उस कानून के तहत कार्रवाई की थी जो बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना से संबंधित है, और यह भी बताया कि कुछ बाहरी तत्वों ने इस मामले को तूल दिया था। उनके आश्वासनों के बाद, प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में, भगवान बुद्ध की प्रतिमा को विधिवत मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान, दूसरे पक्ष ने भी कुछ समय पहले शिव मूर्तियां तोड़े जाने की समस्या का जिक्र किया। इस पर जिला अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। विधायक रामपाल वर्मा ने बुद्ध मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट और पेयजल व्यवस्था कराने की घोषणा की। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में दर्ज मुकदमों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह भी किया, जिसके बाद पूरे गांव में शांति का माहौल बना हुआ है।1
- पिहानी में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया, साथ ही एक नवनिर्मित आधुनिक पार्क भी जनता को समर्पित किया गया। यह लोकार्पण समारोह नगर पालिका परिषद की ओर से सरदार पटेल चौक पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नगर के विकास और सौंदर्य को एक नई दिशा देना है। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्याम प्रकाश, चेयरपर्सन शाहीन बेगम और अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इसे जनता को समर्पित किया। इस दौरान अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने विधायक श्याम प्रकाश का पुष्प भेंट कर स्वागत किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्याम प्रकाश ने सरदार पटेल को केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से सरदार पटेल के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर समाज में आपसी भाईचारे और अखंड विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। विधायक ने नगर पालिका के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि प्रमुख चौराहे का यह कायाकल्प पिहानी की पहचान को एक नया गौरव दे रहा है। अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने नगर वासियों को आश्वासन दिया कि बालिका का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित परिवेश प्रदान करना है। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मिश्रा विपिन मिश्रा, चेयरपर्सन प्रतिनिधि साहब खान, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता, युवा मोर्चा अध्यक्ष अरुण गुप्ता और वरिष्ठ नेता अवधेश रस्तोगी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा, पूर्व समाचार राजीव गुप्ता, आदर्श सिंह, मनीष शर्मा, नीरज सिंह, रामदास कटिहार, नागेंद्र सिंह, रितेश सिंह, भानु मिश्रा, अमित कुमार, दिनेश अर्गवंशी, शिव सिंह, अंकित श्रीवास्तव और सानू सिंह सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग भी उपस्थित थे। अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने जनता से इस सुंदर धरोहर को सुरक्षित और साफ रखने की भावुक अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बारासगवर थाना क्षेत्र के गनेशी खेड़ा गांव में जमीन कब्जाने का एक मामला सामने आया है। पीड़ित राजेंद्र पाल सिंह ने गांव के कुछ लोगों पर उनकी भूमि पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित राजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि उनकी यह जमीन ऊंचगांव-धानीखेड़ा रोड किनारे स्थित है, जिसकी कीमत काफी अधिक है। आरोप है कि गांव के शिव प्रकाश सिंह, विजय सिंह और अन्य लोगों ने उनकी जमीन पर जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस जमीन को लेकर कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी लिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इस मामले में पीड़ित के पुत्र राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि वह आरोपियों का साथ दे रही है। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से न्याय दिलाने और अवैध कब्जे को रुकवाने की मांग की है।1
- जनपद हरदोई के थाना बिलग्राम क्षेत्र के ग्राम नूरपुर हथोड़ा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भीम आर्मी से जुड़े एक कार्यकर्ता ने गाँव के ही दबंगों पर उसकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि वर्तमान प्रधान कामिनी सिंह और ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह उर्फ मुन्ना द्वारा उसकी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है और उसे मकान का निर्माण नहीं करने दिया जा रहा। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिलाधिकारी अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा से भी कई बार की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि दबंगों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं, जिसके चलते वह अपने पूरे परिवार के साथ प्रदेश में रहकर मजदूरी कर किसी तरह जीवन यापन करने को मजबूर है। परेशान होकर पीड़ित ने भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई थी, परंतु उसे कोई मदद नहीं मिली। अब पीड़ित ने भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के नाम एक वीडियो वायरल कर न्याय और सुरक्षा की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राम ज्ञान गुप्ता को स्थानीय न्यायालय से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका मंजूर किए जाने के उपरांत ही उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। जेल से बाहर आते ही, वहां उपस्थित सपा नेता के समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका भव्य स्वागत किया।1
- दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों में पर्यटकों को एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब दो विशालकाय बाघ अपने-अपने क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने के लिए आमने-सामने आ गए। जंगल के इन दोनों ताकतवर शिकारियों ने काफी देर तक शक्ति, साहस और दबदबे का प्रदर्शन किया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग सांसें थामे इस अदभुत दृश्य को देखते रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाघ एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और दहाड़ों, हाव-भाव तथा आक्रामक मुद्राओं के ज़रिए अपना प्रभुत्व दिखाने की कोशिश करने लगे। हालांकि उनके बीच कोई गंभीर संघर्ष नहीं हुआ, लेकिन उनकी गर्जना और तेवर यह स्पष्ट करने के लिए काफी थे कि जंगल में क्षेत्रीय वर्चस्व कितना महत्वपूर्ण होता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ स्वभाव से एकाकी होते हैं और अक्सर अपने इलाके में दूसरे नर बाघ की मौजूदगी को एक चुनौती के रूप में देखते हैं। मौजूद पर्यटकों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद कर लिया। इन वीडियो और तस्वीरों के सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि दुधवा की समृद्ध जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या ऐसे दुर्लभ दृश्यों को संभव बना रही है। जंगल के इन बादशाहों के शक्ति प्रदर्शन ने एक बार फिर दुधवा की वन्य संपदा और प्राकृतिक वैभव को चर्चा का विषय बना दिया है।1