रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी कांस्टेबल मनोज सिंदल को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई उदयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में कार्यरत बर ग्राम निवासी कांस्टेबल मनोज सिंदल पुत्र पुखराज सिंदल के आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों में गहरा दुःख छा गया। कांस्टेबल मनोज सिंदल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बर लाया गया । जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के लोग और परिजन एकत्रित हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और वातावरण गमगीन बना रहा। इसके पश्चात जोधपुर रोड स्थित हिंदू मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी दी गई और पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था । जिसे देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भर आईं। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, जवानों के साथ-साथ गांव के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।
रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी कांस्टेबल मनोज सिंदल को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई उदयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में कार्यरत बर ग्राम निवासी कांस्टेबल मनोज सिंदल पुत्र पुखराज सिंदल के आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों में गहरा दुःख छा गया। कांस्टेबल मनोज सिंदल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बर लाया गया । जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के लोग और परिजन एकत्रित हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और वातावरण गमगीन बना रहा। इसके पश्चात जोधपुर रोड स्थित हिंदू मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी दी गई और पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था । जिसे देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भर आईं। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, जवानों के साथ-साथ गांव के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।
- Post by आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान1
- जोधपुर री़ल के चक्कर में नेशनल हाइवे पर कर रहे हैं स्टंट वीडियो झालामंड से पाली जाने वाले मार्ग का बताया जा रहा है वीडियो में युवक स्कॉर्पियो गाड़ी में कर रहा है खतरनाक स्टंट स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है जमकर वायरल इस हाइवे पर सबसे अत्यधिक रहता है ट्रैफिक भार युवकों की लापरवाही कहीं किसी के जान पर भारी न पड़ जाए हालांकि जी राजस्थान न्यूज नहीं करता वायरल वीडियो की पुष्टि1
- रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं।, नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमे से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठ यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका1
- नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठे यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका और न ही शिक्षकों को कोई निर्देश दिया। बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनसे यह काम रोजाना करवाया जाता है। यह घटना केवल एक दिन की लापरवाही नहीं, बल्कि विद्यालय में एक नियमित व्यवस्था का हिस्सा प्रतीत होती है। यह बाल अधिकारों और मिड-डे मील योजना के उद्देश्यों का उल्लंघन है, जिसका लक्ष्य बच्चों को पोषण और सुविधा प्रदान करना है। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। रियांबड़ी उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और जल्द ही मौके पर जाकर जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल कल्याण समिति नागौर के अध्यक्ष मनोज सोनी ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक सोहन राम ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे अपने खाने के बर्तन साफ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बड़े बर्तन खाली थे और उन्हें रसोई में रखा जा रहा था। उनका कहना था कि एक बड़े भगोने में सभी थालियां साफ करके रखी जा रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद यह पूरा मामला गरमा गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.1
- मेड़ता सिटी के सब्जी मंडी जो मीरा मंदिर के पास है वहां सब्जी बेचने वाले, दुकान वाले, आम आदमी जो सब्जियां खरीदने आते हे वह आने जाने वाले लोगों को रोजाना सामना करना पड़ता है इसका जिम्मेदार कोन अगर सफाई होती है वह भी अच्छे से नहीं लापरवाही के साथ2
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी जर्जर स्ट्रीट लाइट खंभा बना खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा 📍 खबर: ब्यावर शहर के मध्य स्थित पाली बाजार से चमन चौराहा मार्ग पर एक जर्जर स्ट्रीट लाइट खंभा लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन गया है। व्यस्त बाजार क्षेत्र में श्रीनाथ मार्केट के मुख्य चौराहे पर खड़ा यह खंभा नीचे से पूरी तरह खोखला हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। खंभे की स्थिति इतनी खराब है कि उसके लोहे के सरिये तक गल चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि वह अपनी अंतिम अवस्था में पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह खंभा अचानक गिरता है तो आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इस क्षेत्र में संकरी गलियों के कारण दिनभर भारी भीड़भाड़ रहती है, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि वे कई बार विद्युत विभाग को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक दुकानदार के अनुसार यह स्ट्रीट लाइट पोल करीब 50-60 साल पुराना है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ⚠️ मांग: स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि इस खतरनाक खंभे को तुरंत हटाकर नया खंभा लगाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।1
- आज होगी भगत प्रहलाद की कठिन परीक्षा ll कबूतर चौक सदर बाजार रि यां बड़ी ❣️ जय श्री राम 🚩 जय श्री श्याम ‼️1
- नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठे यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका और न ही शिक्षकों को कोई निर्देश दिया। बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनसे यह काम रोजाना करवाया जाता है। यह घटना केवल एक दिन की लापरवाही नहीं, बल्कि विद्यालय में एक नियमित व्यवस्था का हिस्सा प्रतीत होती है। यह बाल अधिकारों और मिड-डे मील योजना के उद्देश्यों का उल्लंघन है, जिसका लक्ष्य बच्चों को पोषण और सुविधा प्रदान करना है। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। रियांबड़ी उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और जल्द ही मौके पर जाकर जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल कल्याण समिति नागौर के अध्यक्ष मनोज सोनी ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक सोहन राम ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे अपने खाने के बर्तन साफ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बड़े बर्तन खाली थे और उन्हें रसोई में रखा जा रहा था। उनका कहना था कि एक बड़े भगोने में सभी थालियां साफ करके रखी जा रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद यह पूरा मामला गरमा गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।1