दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं।, नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमे से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठ यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका
दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं।, नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमे से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठ यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका
- नागौर जिले के बुटाटी धाम में दान पात्र खोलने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, दान पात्र (दान पेटी) खोलने के मुद्दे पर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीण दान पात्र खोलने में पारदर्शिता और अपनी भागीदारी की मांग कर रहे थे, जबकि सुरक्षाकर्मी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करना चाहते थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।1
- मेड़ता सिटी के सब्जी मंडी जो मीरा मंदिर के पास है वहां सब्जी बेचने वाले, दुकान वाले, आम आदमी जो सब्जियां खरीदने आते हे वह आने जाने वाले लोगों को रोजाना सामना करना पड़ता है इसका जिम्मेदार कोन अगर सफाई होती है वह भी अच्छे से नहीं लापरवाही के साथ2
- Post by रमेश सिंह1
- hamare yahan kabhi bhi nali saaf nahin Hoti Hai aise Hi gande ki rahti hai Ghar ke samne to meri request hai ki aap yah nali yahan se medta City se gaytri mandir ke pass mein Safai karvayen1
- ब्यावर, 30 अप्रैल। भारत की 16वीं एवं पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना जनगणना 2027 को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। जिला कलेक्टर श्री कमलराम मीना की अध्यक्षता में जिला कलेक्टर सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य 10 मई से 14 जून तक किया जाएगा। वहीं आमजन के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा 1 मई से 15 मई तक उपलब्ध रहेगी। नागरिक इस अवधि में Self Enumeration Portal पर जाकर स्वयं अपना पंजीकरण एवं विवरण दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना के लिए परिवार के मुखिया के नाम एवं मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण किया जाएगा। पोर्टल पर प्रश्नावली पूर्ण कर अंतिम सबमिट करने पर 11 अंकों की स्व-गणना पहचान आईडी जनरेट होगी, जिसका पहला अक्षर “H” होगा। यह आईडी मोबाइल नंबर एवं ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। 10 मई से जब प्रगणक फील्ड में आएंगे, तब जिन नागरिकों ने स्व-गणना की है, वे अपनी यह आईडी प्रगणक को बताएंगे, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन कर उसे स्वीकार किया जाएगा। द्वितीय चरण में 16 मई से 14 जून तक प्रगणकों द्वारा HLD App के माध्यम से फील्ड कार्य किया जाएगा, जिसमें 34 प्रश्नों के उत्तर लिए जाएंगे। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण एवं 5 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। ग्रामीण चार्ज में तहसील ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, विजयनगर, बदनोर एवं टॉडगढ़ शामिल हैं। वहीं शहरी चार्ज में नगर परिषद ब्यावर तथा नगरपालिकाएं जैतारण, रायपुर, मसूदा एवं विजयनगर शामिल हैं। पूरे जिले में कुल 2022 ब्लॉक बनाए गए हैं। जनगणना कार्य के लिए 1860 प्रगणक एवं 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्मिक आरक्षित रखे गए हैं। प्रशिक्षण के तहत 1 मई से 12 मई तक जिले के सभी 12 चार्ज स्तरों पर प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके लिए 63 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं, जहां 39 फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, उपनिदेशक श्री कैलाश, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी सहित मीडिया प्रतिनिधि एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।1
- रायपुर उपखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेन्दडा मे आधी तुफान के साथ बारिश4
- रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं।, नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमे से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठ यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका1