नशे में फार्मासिस्ट पहुंचा CHC, ग्रामीणों ने दवा केंद्र पर जड़ा ताला, दवाइयों की कमी पर फूटा गुस्सा, जांच के लिए कर्मचारी थाने ले जाया गया नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।
नशे में फार्मासिस्ट पहुंचा CHC, ग्रामीणों ने दवा केंद्र पर जड़ा ताला, दवाइयों की कमी पर फूटा गुस्सा, जांच के लिए कर्मचारी थाने ले जाया गया नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।
- नागौर जिले के बुटाटी धाम में दान पात्र खोलने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, दान पात्र (दान पेटी) खोलने के मुद्दे पर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीण दान पात्र खोलने में पारदर्शिता और अपनी भागीदारी की मांग कर रहे थे, जबकि सुरक्षाकर्मी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करना चाहते थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।1
- मेड़ता सिटी के सब्जी मंडी जो मीरा मंदिर के पास है वहां सब्जी बेचने वाले, दुकान वाले, आम आदमी जो सब्जियां खरीदने आते हे वह आने जाने वाले लोगों को रोजाना सामना करना पड़ता है इसका जिम्मेदार कोन अगर सफाई होती है वह भी अच्छे से नहीं लापरवाही के साथ2
- Post by रमेश सिंह1
- hamare yahan kabhi bhi nali saaf nahin Hoti Hai aise Hi gande ki rahti hai Ghar ke samne to meri request hai ki aap yah nali yahan se medta City se gaytri mandir ke pass mein Safai karvayen1
- किशनगढ़: अनावरण से पहले ही जेसीबी से उखाड़ ले गए नामदेव महाराज की मूर्ति, सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात किशनगढ़ तीन तारीख को मूर्ति अनावरण से पहले देर रात को सर्किल से मूर्ति चोरी खोड़ा गणेशजी रोड न्यू हाउसिंग बोर्ड के बाहर बने नामदेव सर्किल से नामदेव महाराज की मूर्ति चोरी dेर रात दो बजे की बताई जा रही घटना जेसीबी के मदद से मूर्ति को उखाड़ ले गए चोर सीसीटीवी कैमरे में नजर आई जेसीबी चार बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम पिछले दो साल से बिना मूर्ति के वीरान था सर्किल समाज ने दो साल की मेहनत से नामदेव महाराज की मूर्ति तैयार करवा कर रखी थी अनावरण के लिए उससे पहले कल रात हो गई चोरी सुबह सूचना मिलने पर पहुंचे दर्जी समाज के लोग मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह सहित पुलिस पहुंची मौके पर घटना को लेकर समाज के लोगों ने जताई गहरी नाराजगी आसपास के सीसीटीवी कैमरे के खंगाले जा रहे फुटेज पहली बार कोई सर्किल पर मूर्ति उखाड़कर ले जाने का मामला आया सामने1
- सेंदड़ा (ब्यावर) ब्यावर जिले में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ब्यावर जिले में भारत की वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना इस बार खास रहने वाली है, क्योंकि यह देश की 16वीं जनगणना होने के साथ-साथ पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना से पूर्व आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल पर परिवार का पंजीकरण मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा। पूरी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (H से शुरू) जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके बाद जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर HLO App के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले से स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी 11 अंकों की आईडी प्रगणक को बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण (ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर, बदनोर, टॉडगढ़) और 5 शहरी (नगर परिषद ब्यावर, नगर पालिका जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर) शामिल हैं। इन चार्ज क्षेत्रों में कुल 2022 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में 1860 प्रगणक और 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ को रिजर्व रखा गया है। इनके प्रशिक्षण के लिए 1 मई से 12 मई तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत 63 बैच बनाए गए हैं और 39 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए, जिससे सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।2
- रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं।, नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ करने वाला एक मामला सामन आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमे से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठ यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका1